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कोरोना: कितने दिन बाद कराएं CT Scan? 1 से 25 तक के सीटी स्कोर का क्या मतलब है, एक्सपर्ट से जानें सबकुछ
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमण के लक्षण लगातार बदल रहे हैं। कई बार तो मरीजों की RT-PCR रिपोर्ट निगेटिव आती है लेकिन उसमें कोरोना के सभी लक्षण मौजूद होते हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल आता है कि कोरोना की जांच के लिए कौन सा टेस्ट कराएं? जवाब है CT Scan। लेकिन सीटी स्कैन कब कराएं? क्या सीटी स्कैन से कोई खतरा है? सीटी स्कैन में कितना स्कोर होने पर मरीज खतरे में होता है और कितने स्कोर पर खतरे से बाहर होता है?

सीटी स्कैन से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए Asianet News Hindi ने MD Radiodiagnosis डॉक्टर अतुल कुमार से बात की। डॉक्टर अतुल ने साधारण भाषा में सीटी स्कैन से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए।
सवाल- कोरोना संक्रमण में सीटी स्कैन क्यों जरूरी है? सीटी स्कैन से क्या पता चलता है?
जवाब- कोरोना में सीटी स्कैन सबसे बढ़िया डायग्नोसिस टूल है। संक्रमण में एंटीजन 60%, आरटी-पीसीआर 70% लेकिन सीटी स्कैन 95% सफल है। यानी एंटीजन 40% मिस कर सकता है। आरटी-पीसीआर 30% मिस कर सकता है, लेकिन सीटी स्कैन सिर्फ 5 से 10% ही मिस करता है। कई बार होता है कि आरटी-पीसीआर निगेटिव होता है लेकिन सीटी स्कैन में बहुत पॉजिटिव धब्बे दिखते हैं। आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद सीटी स्कैन में पॉजिटिव आ जाता है। इसके अलावा सीटी स्कैन स्कोर से ऑक्सीजन के सेचुरेशन प्वॉइंट का भी अंदाजा लगता है।
सवाल- सीटी स्कोर क्या होता है? लंग इंफेक्शन का पता कैसे चलता है?
जवाब- दोनों फेफड़ों को पांच भागों में बांटा जाता है। बाएं भाग को बांटते हैं तो 5-5 का स्कोर देते हैं। दाहिने भाग को तीन भागों में बांटते हैं और 5-5-5 का स्कोर देते हैं। 15 दाहिने और 10 बाएं भाग के लंग को नंबर देते हैं। टोटल 25 का स्कोर होता है।
सवाल- कोरोना के मरीज को किस स्टेज पर सिटी स्कैन कराना चाहिए? शुरुआती लक्षण या फिर गंभीर लक्षण होने पर?
जवाब- ज्यादातर कोरोना के मरीजों में जब बुखार उतर जाता है तो ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है। ऐसा होने में करीब 10 दिन निकल जाते हैं। ऐसे में 7वें या 8वें दिन सीटी स्कैन हो जाना चाहिए। लेकिन ये पूरी तरह से मरीज के लक्षण पर निर्भर करता है। अगर लक्षण कंट्रोल नहीं हो रहा है। बुखार कंट्रोल नहीं हो रहा है, तब तो उसी समय कराना चाहिए। कोरोना के एकदम शुरुआत में जब पहली बार सीटी स्कैन करते हैं कई बार पैचेज नहीं दिखते हैं लेकिन वही मरीज एक हफ्ते बाद आता है तो पॉजिटिव मिल जाता है। मरीज को 7वें या 8वें दिन सीटी स्कैन करवा लेना चाहिए।
सवाल- सीटी स्कैन में 1 से 25 तक के सीटी स्कोर के नंबर क्या बताते हैं?
जवाब- 6 से 8 तक सीटी स्कोर को कन्फर्ट लेवल माना जाता है। स्कोर 10 तक होता है तो माना जाता है कि अच्छा ट्रीटमेंट दें तो मरीज ठीक हो जाएगा। लेकिन 15 के बाद स्कोर बढ़ता है तो डेंजर जोन में माना जाता है। 20 के बाद तो माना जाता है मरीज का बचना भी मुश्किल है।
सवाल- सीटी स्कैन कराने से क्या साइड इफेक्ट्स हैं? एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा था कि इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
जवाब- मैं डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की बात से पूरी तरह से सहमत नहीं हूं। ये सही है कि रेडिएशन से कैंसर का खतरा होता है, लेकिन अभी हमें जान बचानी है। कैंसर का खतरा होगा भी तो 10 साल बाद और जितना खतरा उन्होंने बताया है उतना ज्यादा नहीं होता है। उनका कहना है कि बार-बार न कराएं। रेडिएशन एक्सपोजर ज्यादा होता है तो बार-बार न कराएं। हम कहते हैं एक बार कराएं फिर एक हफ्ते बाद करा लें। अगर आराम मिल रहा है तो न कराएं।
सवाल- कोरोना के 14 दिन के पीरीयड में किसी व्यक्ति को कितने गैप के बाद सीटी स्कैन कराना चाहिए?
जवाब- अगर मरीज को ज्यादा दिक्कत है तो 7वें दिन पर सीटी स्कैन करा ले फिर एक हफ्ते बाद कराए। कोई दिक्कत नहीं है। इनीशियल प्रोटोकॉल के मुताबिक, 5वें दिन सीटी स्कैन कराना चाहिए। लेकिन मेरे हिसाब से 7वें दिन कराना चाहिए।
सवाल- क्या ये जरूरी है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी एक बार सीटी स्कैन कराना चाहिए?
जवाब- अगर अच्छा फील कर रहे हैं तो न कराए। कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर कोई दिक्कत लग रही है तो कराने से ज्यादा अच्छा रहेगा।
सवाल- सीटी स्कैन कराने से पहले मरीज को क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए?
जवाब- सीटी स्कैन कराने के लिए कोई बहुत पहले से तैयारी की जरूरत नहीं है। मरीज जितने अच्छे तरीके से सांस रोक सके उतना क्लियर सीटी स्कैन आएगा। सीटी स्कैन के दौरान सांस रोककर रखने पर लंग क्लियर दिखेगा। सीटी स्कैन हर मरीज का होना चाहिए। कई मरीज होते हैं कि बुखार उतर गया लेकिन अचानक कोई स्ट्रोक हो गया। कुछ को कॉर्डिएक अरेस्ट हो जा रहा है। जरूरी नहीं है कि लक्षण दिखे, ऐसे में सीटी स्कैन बहुत जरूरी है। एक बार दो बार या तीन बार सीटी स्कैन कराने से कैंसर का खतरा नहीं रहता है।
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