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इन खास चीजों से करें शिवलिंग का अभिषेक, दूर हो सकते हैं ग्रहों के दोष और हेल्थ भी ठीक रहेगी

First Published Mar 9, 2021, 12:00 PM IST
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उज्जैन. ग्रहों के अशुभ फल के कारण जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं। कुछ विशेष उपाय करने से इनके अशुभ फल में कमी आ सकती है। महाशिवरात्रि पर शिवजी का अभिषेक अलग-अलग चीजों से किया जाए तो ग्रहों के दोष तो दूर होते ही हैं, साथ ही स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। जानिए किस ग्रह के कारण कौन-सा रोग हो सकता है और उससे बचने के लिए शिवलिंग का अभिषेक किस चीज से करें-

1. जन्म कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में होने पर हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम, आंखों की समस्या व कमजोरी रहती है।
उपाय- रोज जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

1. जन्म कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में होने पर हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम, आंखों की समस्या व कमजोरी रहती है।
उपाय- रोज जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

2. जन्म कुंडली में चंद्र नीच का होने से सर्दी, अस्थमा व आंखों से संबंधित समस्याएं होती हैं।
उपाय- कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।

2. जन्म कुंडली में चंद्र नीच का होने से सर्दी, अस्थमा व आंखों से संबंधित समस्याएं होती हैं।
उपाय- कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।

3. जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में होने से खून व पेट से संबंधित बीमारियां होती हैं।
उपाय- गिलोय (औषधि) की बूटी के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।

3. जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में होने से खून व पेट से संबंधित बीमारियां होती हैं।
उपाय- गिलोय (औषधि) की बूटी के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।

4. जन्म कुंडली में गुरु नीच का होने से पेट व फेफड़ों से संबंधित बीमारियां होने की आशंका रहती है।
उपाय- दूध में पीले फूल मिला कर शिवलिंग का अभिषेक करें।

4. जन्म कुंडली में गुरु नीच का होने से पेट व फेफड़ों से संबंधित बीमारियां होने की आशंका रहती है।
उपाय- दूध में पीले फूल मिला कर शिवलिंग का अभिषेक करें।

5. जन्म कुंडली में बुध अशुभ स्थिति में होने से स्कीन, दांत व कफ से संबंधित बीमारियां होती हैं।
उपाय- विधारा की बूटी के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।

5. जन्म कुंडली में बुध अशुभ स्थिति में होने से स्कीन, दांत व कफ से संबंधित बीमारियां होती हैं।
उपाय- विधारा की बूटी के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।

6. जन्म कुंडली में शुक्र कमजोर होने पर यौन संक्रमण, कमजोरी व शीत से संबंधित बीमारियां होती हैं।
उपाय- पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।

6. जन्म कुंडली में शुक्र कमजोर होने पर यौन संक्रमण, कमजोरी व शीत से संबंधित बीमारियां होती हैं।
उपाय- पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।

7. जन्म कुंडली में शनि नीच का होने से अस्थमा, खांसी व घुटनों से जुड़ी समस्याएं होती हैं।
उपाय- गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।

7. जन्म कुंडली में शनि नीच का होने से अस्थमा, खांसी व घुटनों से जुड़ी समस्याएं होती हैं।
उपाय- गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें।

8. जन्म कुंडली में राहु कमजोर होने से डिप्रेशन, बुखार व दुर्घटना होने की संभावनाएं रहती हैं।
उपाय- भांग या नागकेसर से शिवलिंग का अभिषेक करें।

 

8. जन्म कुंडली में राहु कमजोर होने से डिप्रेशन, बुखार व दुर्घटना होने की संभावनाएं रहती हैं।
उपाय- भांग या नागकेसर से शिवलिंग का अभिषेक करें।

 

9. जन्म कुंडली में केतु अशुभ स्थिति में होने से शुगर, कान व गुप्तांग से संबंधित रोग होते हैं।
उपाय- सरसों के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

9. जन्म कुंडली में केतु अशुभ स्थिति में होने से शुगर, कान व गुप्तांग से संबंधित रोग होते हैं।
उपाय- सरसों के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

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