देवशयनी एकादशी 1 जुलाई को, ये 7 उपाय कर सकते हैं आपकी हर इच्छा पूरी

First Published 30, Jun 2020, 1:46 PM

उज्जैन. हिंदू कैलेंडर के तीसरे महीने को आषाढ़ कहते हैं। इसी महीने से मांगलिक कामों पर रोक लग जाती है और चातुर्मास शुरू होते हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इस बार ये एकादशी 1 जुलाई, बुधवार को है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन से देवप्रबोधिनी एकादशी तक भगवान विष्णु पाताल लोक में निवास करते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, इस दिन कुछ खास उपाय करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं-

<p><strong>1.</strong> देवशयनी एकादशी पर दक्षिणावर्ती शंख में साफ पानी भरकर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें।<br />
 </p>

1. देवशयनी एकादशी पर दक्षिणावर्ती शंख में साफ पानी भरकर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें।
 

<p><strong>2.</strong> देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।<br />
 </p>

2. देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
 

<p><strong>3.</strong> अगर आप धन लाभ चाहते हैं तो इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करें।<br />
 </p>

3. अगर आप धन लाभ चाहते हैं तो इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करें।
 

<p><strong>4.</strong> एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं और तुलसी के पौधे को प्रणाम करें।<br />
 </p>

4. एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं और तुलसी के पौधे को प्रणाम करें।
 

<p><strong>5.</strong> देवशयनी एकादशी पर गाय के कच्चे (बिना उबाला) दूध में केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें।<br />
 </p>

5. देवशयनी एकादशी पर गाय के कच्चे (बिना उबाला) दूध में केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें।
 

<p><strong>6.</strong> पीपल में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसलिए एकादशी पर पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।<br />
 </p>

6. पीपल में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसलिए एकादशी पर पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।
 

<p><strong>7.</strong> विष्णु भगवान के मंदिर में जाकर अन्न (गेहूं चावल आदि) दान करें। बाद में इसे गरीबों में बांट दें।<br />
 </p>

7. विष्णु भगवान के मंदिर में जाकर अन्न (गेहूं चावल आदि) दान करें। बाद में इसे गरीबों में बांट दें।
 

loader