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42 साल की उम्र में 11.30 घंटे दौड़ी ये महिला, तय की 75.65 किमी की दूरी

First Published Dec 7, 2020, 3:45 PM IST
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लखनऊ (Uttar Pradesh) । यकीन नहीं करेंगे, लेकिन यह सच है। 42 वर्ष की उम्र में बिना रुके लगातार साढ़े 11 घंटे तक अंजली चौरसिया ने दौड़ लगाई। जिसने 75.65 किमी की दूरी तय की। जिनका नाम अल्ट्रा रनर के रूप में दर्ज हो गया। बता दें कि ऐसा एक एथलीट के 50 किमी से अधिक की दौड़ पूरी करने पर दिया जाता है।


अंजली चौरसिया वाणिज्य कर विभाग, बाराबंकी में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने दो साल पहले फिटनेस के रूप में दौड़ना शुरू किया था। कुछ समय बाद यह उनके रूटीन में शामिल कर लिया।
 


अंजली चौरसिया वाणिज्य कर विभाग, बाराबंकी में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने दो साल पहले फिटनेस के रूप में दौड़ना शुरू किया था। कुछ समय बाद यह उनके रूटीन में शामिल कर लिया।
 

अंजलि चौरसिया ने 35वीं वाहिनी पीएसी के सिंथेटिक ट्रैक पर बीते दिनों सुबह साढ़े चार बजे दौड़ शुरू की और शाम चार बजे 75.65 किमी तक की दूरी तय करने के बाद इसे पूरा की। 
 

अंजलि चौरसिया ने 35वीं वाहिनी पीएसी के सिंथेटिक ट्रैक पर बीते दिनों सुबह साढ़े चार बजे दौड़ शुरू की और शाम चार बजे 75.65 किमी तक की दूरी तय करने के बाद इसे पूरा की। 
 

बताते हैं कि इस दौरान मांसपेशियों में खिंचाव से बचने के लिए उन्होंने तीन से चार बार स्ट्रेचिंग ब्रेक लिया। लेकिन, उन्होंने शाम चार बजे तक 75.65 किमी दौड़ को पूरा किय।
 

बताते हैं कि इस दौरान मांसपेशियों में खिंचाव से बचने के लिए उन्होंने तीन से चार बार स्ट्रेचिंग ब्रेक लिया। लेकिन, उन्होंने शाम चार बजे तक 75.65 किमी दौड़ को पूरा किय।
 

अंजलि ने पिछले साल एक-दो मैराथन में भाग लेकर क्षमता को आंका था। इस दौरान उन्हें लगा कि वह मैराथन (42 किमी) से ज्यादा दूरी तय कर सकती है। यह सोचकर ट्रेनिंग शुरू की और अल्ट्रा रनर के रूप में अपना नाम दर्ज कराई।

अंजलि ने पिछले साल एक-दो मैराथन में भाग लेकर क्षमता को आंका था। इस दौरान उन्हें लगा कि वह मैराथन (42 किमी) से ज्यादा दूरी तय कर सकती है। यह सोचकर ट्रेनिंग शुरू की और अल्ट्रा रनर के रूप में अपना नाम दर्ज कराई।

अंजली का कहना है कि दौड़ से आई थकान से उबरने में कम से कम दो दिन का समय लगेगा। लेकिन, मैंने कभी अपनी उम्र को जज्बे पर हावी नहीं होने लिया। इसका नतीजा मुझे अल्ट्रा रनर के खिताब के रूप में मिला है। अब मैं इसी तरह दौड़ती रहूंगी। 
 

अंजली का कहना है कि दौड़ से आई थकान से उबरने में कम से कम दो दिन का समय लगेगा। लेकिन, मैंने कभी अपनी उम्र को जज्बे पर हावी नहीं होने लिया। इसका नतीजा मुझे अल्ट्रा रनर के खिताब के रूप में मिला है। अब मैं इसी तरह दौड़ती रहूंगी। 
 

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