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यूं जूझते हुए जवान बेटे को लेकर पहुंचा था अस्पताल, पर पिता की आंखों के सामने ही बेटे ने तोड़ दिया दम

First Published Apr 8, 2020, 4:07 PM IST
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लखनऊ (Uttar Pradesh)। अस्पताल में कोरोना के डर से आम मरीजों के इलाज में भी लापरवाही हो रही है। स्टाफ मरीजों को छूने से भी डर रहा है। ताजा मामला हैलट अस्पताल से सामने आया है। जहां डॉक्टर के ही बेटे की ही इस लापरवाही से मौत हो गई है। इसे लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्विट कर जहां इस घटना पर दुःख जताया है वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पूरे घटना क्रम का वीडियो ट्विट कर स्वास्थ्य सेवाओं के इस व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा किया है। बता दें कि एक युवक को तेज खांसी व सीने में दर्द था। फ्लू ओपीडी में दिखाने के बाद एक्सरे के लिए भेजा गया। यहां कर्मचारी दूर भाग खड़े हुए। हो-हल्ला मचने पर कर्मचारियों ने स्ट्रेचर लाकर दे दिया। इसके बाद खुद डॉक्टर पिता ने बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी गया। फिर उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
 

इंदिरा नगर के डॉ. राकेश पांडेय अपने पुत्र आनंद को लेकर हैलट आए थे। आनंद को तेज खांसी व सीने में दर्द था। फ्लू ओपीडी में दिखाने के बाद एक्सरे के लिए भेजा गया। यहां कर्मचारी दूर भाग खड़े हुए।

इंदिरा नगर के डॉ. राकेश पांडेय अपने पुत्र आनंद को लेकर हैलट आए थे। आनंद को तेज खांसी व सीने में दर्द था। फ्लू ओपीडी में दिखाने के बाद एक्सरे के लिए भेजा गया। यहां कर्मचारी दूर भाग खड़े हुए।

हो-हल्ला मचने पर कर्मचारियों ने स्ट्रेचर लाकर दे दिया। पिता खुद बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी गए। फिर उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

हो-हल्ला मचने पर कर्मचारियों ने स्ट्रेचर लाकर दे दिया। पिता खुद बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी गए। फिर उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

आज पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि कि ये दुखद है कि कानपुर के एक डॉक्टर को एंबुलेंस की अनुपलब्धता और हैलेट हॉस्पिटल में स्ट्रेचर व अन्य चिकित्सीय सहायता के अभाव में अपना बेटा खोना पड़ा।

आज पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि कि ये दुखद है कि कानपुर के एक डॉक्टर को एंबुलेंस की अनुपलब्धता और हैलेट हॉस्पिटल में स्ट्रेचर व अन्य चिकित्सीय सहायता के अभाव में अपना बेटा खोना पड़ा।

सरकार व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण देकर ये सुनिश्चित करें कि कोरोना की आशंका के डर से मेडिकल स्टाफ किसी भी मरीज की उपेक्षा न करें।

सरकार व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण देकर ये सुनिश्चित करें कि कोरोना की आशंका के डर से मेडिकल स्टाफ किसी भी मरीज की उपेक्षा न करें।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी भी एक वीडियो ट्विट किया है, जिसमें यह लिखा भी है कि कानपुर के हैलट अस्पताल गेट पर डाक्टर पिता के जद्दोजहद के बाद आईसीयू में पहुंचे बेटे ने दम तोड़ दिया।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी भी एक वीडियो ट्विट किया है, जिसमें यह लिखा भी है कि कानपुर के हैलट अस्पताल गेट पर डाक्टर पिता के जद्दोजहद के बाद आईसीयू में पहुंचे बेटे ने दम तोड़ दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने ट्विट में आगे लिखा है कि आज हम महामारी के दौर में हैं,स्वास्थ्य सेवाओं का यह हाल व्यवस्था पर सवालिया निशान हैं। सरकार सुरक्षा किट देकर स्वास्थ्य कर्मियों के डर को समाप्त करें जिससे अन्य मरीजों की उपेक्षा ना हो।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने ट्विट में आगे लिखा है कि आज हम महामारी के दौर में हैं,स्वास्थ्य सेवाओं का यह हाल व्यवस्था पर सवालिया निशान हैं। सरकार सुरक्षा किट देकर स्वास्थ्य कर्मियों के डर को समाप्त करें जिससे अन्य मरीजों की उपेक्षा ना हो।

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