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डॉगी ने दिया 5 बच्चे को जन्म, मालिक की खुशी देखिए-2 हजार को कराया भोज, DJ की धुन पर हुआ डांस

First Published Jan 30, 2021, 9:06 AM IST
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चित्रकूट।  एक शख्स की डॉगी जूली ने पांच बच्चे (पिल्ले) दिए तो उसके घर खुशियां छा गई। परिवार ने बकायदा 2 हजार निमंत्रण कार्ड छपवाकर पूरे गांव और इष्ट-मित्रों में बंटवाए। इसके बाद सभी को खाना खिलाया। इतना ही नहीं, इस मौके पर बैंड-बाजा, डीजे की धुन पर डांस का भी आयोजन किया। जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। ऐसे में हम आपको इस अनोखे डॉगी के बरही के बारे में बता रहे हैं। यह घटना खोही की है।
 

मुस्तफा खान की डॉगी जूली ने पांच पिल्लों को जन्मदिया, जिसके बाद उन्होंने इस मौके को खास बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बताया जा रहा है कि इस जश्न में दो हजार लोगों को खाने का न्योता दिया गया था।
 

मुस्तफा खान की डॉगी जूली ने पांच पिल्लों को जन्मदिया, जिसके बाद उन्होंने इस मौके को खास बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बताया जा रहा है कि इस जश्न में दो हजार लोगों को खाने का न्योता दिया गया था।
 


डॉगी जूली के बच्चे पैदा होने पर छपवाए गए निमंत्रण कार्ड में लिखा था 'श्री कामतानाथ महाराज जी की असीम अनुकंपा से हमारी प्यारी जूली (कुतिया) ने पांच पुत्रों को जन्म दिया है।
 


डॉगी जूली के बच्चे पैदा होने पर छपवाए गए निमंत्रण कार्ड में लिखा था 'श्री कामतानाथ महाराज जी की असीम अनुकंपा से हमारी प्यारी जूली (कुतिया) ने पांच पुत्रों को जन्म दिया है।
 

निमंत्रण में आगे लिखा है कि इस खास मौके पर बरहौं संस्कार व प्रीतिभोज एवं नृत्य, संगीत कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 26 जनवरी 2021 दिन मंगलवार को होना सुनिश्चित हुआ है, जिसमें आप सादर आमंत्रित हैं।

निमंत्रण में आगे लिखा है कि इस खास मौके पर बरहौं संस्कार व प्रीतिभोज एवं नृत्य, संगीत कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 26 जनवरी 2021 दिन मंगलवार को होना सुनिश्चित हुआ है, जिसमें आप सादर आमंत्रित हैं।

बरही पर लोगों ने भी बैंड-बाजा, डीजे पर लोगों ने जमकर डांस किया, जो देर तक तक चला। वहीं, जूली (कुतिया) और उसके बच्चों को नए कपड़े पहनाए गए थे।
 

बरही पर लोगों ने भी बैंड-बाजा, डीजे पर लोगों ने जमकर डांस किया, जो देर तक तक चला। वहीं, जूली (कुतिया) और उसके बच्चों को नए कपड़े पहनाए गए थे।
 

गांव वालों का कहना है कि इस जश्न के पीछे एक अहम वजह है कि एक समय पर पूरे गांव में अन्न का अकाल पड़ा था, जिसके बाद गांव के कुत्तों ने भगवान गैबीनाथ से प्रार्थना की थी और गांव का अकाल दूर हो गया था, तभी से पूरे गांव में लोग कुत्तों से प्यार करते हैं।

गांव वालों का कहना है कि इस जश्न के पीछे एक अहम वजह है कि एक समय पर पूरे गांव में अन्न का अकाल पड़ा था, जिसके बाद गांव के कुत्तों ने भगवान गैबीनाथ से प्रार्थना की थी और गांव का अकाल दूर हो गया था, तभी से पूरे गांव में लोग कुत्तों से प्यार करते हैं।

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