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अय्याशी को 15 दिन के लिए बुक की जाती थी लड़कियां, लाखों में हो रहा था देह का व्यापार; ऐसे हुआ खुलासा

First Published Sep 19, 2020, 10:49 AM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh).  यूपी की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर थाना इलाके के शिवाजीपुरम स्थित शिवानी विहार में हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मौके से सात युवतियों सहित पांच पुरुषों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा वहां से लग्जरी गाडियां, मोबाइल, शक्तिवर्धक दवाएं, कई आपत्तिजनक सामान और नकदी बरामद की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। गिरोह में कई हाईप्रोफाइल लोगों के शामिल होने का अंदेशा लगाया जा रहा है।
 

एडीसीपी उत्तरी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक शिवानी विहार में सेक्स रैकेट संचालित होने की शिकायत मिली थी। इस पर डीसीपी उत्तरी शालिनी ने अलीगंज एसीपी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने बृहस्पतिवार देर रात को छापा मारा तो मकान के अंदर से सात युवतियां और पांच पुरूष पकड़े गए।

एडीसीपी उत्तरी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक शिवानी विहार में सेक्स रैकेट संचालित होने की शिकायत मिली थी। इस पर डीसीपी उत्तरी शालिनी ने अलीगंज एसीपी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने बृहस्पतिवार देर रात को छापा मारा तो मकान के अंदर से सात युवतियां और पांच पुरूष पकड़े गए।

पकड़े गए पुरूषों में मकान मालिक रवि गुप्ता उर्फ पंकज गुप्ता के अलावा शिवाजीपुरम का संदीप कश्यप, गाजीपुर जिले के रौजा का रहने वाला राजेश कुमार, हजारीबाग बिहार के विष्णुगढ़ निवासी कैलाश कुमार शाह और यहीं का छट्टन शाह शामिल हैं।

पकड़े गए पुरूषों में मकान मालिक रवि गुप्ता उर्फ पंकज गुप्ता के अलावा शिवाजीपुरम का संदीप कश्यप, गाजीपुर जिले के रौजा का रहने वाला राजेश कुमार, हजारीबाग बिहार के विष्णुगढ़ निवासी कैलाश कुमार शाह और यहीं का छट्टन शाह शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, सेक्स रैकेट काफी दिनों से चल रहा था। पॉश कालोनी में होने के कारण किसी को संदेह नहीं हो पा रहा था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी कि यहां पर देर रात को लग्जरी गाड़ियों से लोग आते हैं। इसके बाद मकान के अंदर तेज आवाज में संगीत बजता है। देर रात तक शराब का दौर चलता है।

पुलिस के मुताबिक, सेक्स रैकेट काफी दिनों से चल रहा था। पॉश कालोनी में होने के कारण किसी को संदेह नहीं हो पा रहा था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी कि यहां पर देर रात को लग्जरी गाड़ियों से लोग आते हैं। इसके बाद मकान के अंदर तेज आवाज में संगीत बजता है। देर रात तक शराब का दौर चलता है।

स्थानीय लोगों को सेक्स रैकेट संचालित होने का संदेह भी था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद विशेष टीम बनाकर कुछ दिनों तक रेकी कराई गई। इस दौरान कई लग्जरी गाड़ियों से व्यापारी, ठेकेदार व कुछ बड़े लोगों के पहुंचने की पुष्टि हुई। पुलिस ने इसके बाद यहां छापा मारा। पुलिस को मौके से एक लग्जरी कार, बाइक, 13 मोबाइल, 6820 रुपये, 3 लेडीज पर्स, तीन पुरूषों के पर्स, तीन एटीएम कार्ड मिले हैं।

स्थानीय लोगों को सेक्स रैकेट संचालित होने का संदेह भी था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद विशेष टीम बनाकर कुछ दिनों तक रेकी कराई गई। इस दौरान कई लग्जरी गाड़ियों से व्यापारी, ठेकेदार व कुछ बड़े लोगों के पहुंचने की पुष्टि हुई। पुलिस ने इसके बाद यहां छापा मारा। पुलिस को मौके से एक लग्जरी कार, बाइक, 13 मोबाइल, 6820 रुपये, 3 लेडीज पर्स, तीन पुरूषों के पर्स, तीन एटीएम कार्ड मिले हैं।

प्रभारी निरीक्षक क्षितिज त्रिपाठी के मुताबिक पकड़े गए लोगों से पूछताछ की गई तो कई राज सामने आए। इस घर में मध्यप्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मुंबई से युवतियां बुलाई जाती थीं। इसके अलावा आसपास के कुछ जिलों से भी यहां पर युवतियों को बुकिंग कर बुलाया जाता था। 
 

प्रभारी निरीक्षक क्षितिज त्रिपाठी के मुताबिक पकड़े गए लोगों से पूछताछ की गई तो कई राज सामने आए। इस घर में मध्यप्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मुंबई से युवतियां बुलाई जाती थीं। इसके अलावा आसपास के कुछ जिलों से भी यहां पर युवतियों को बुकिंग कर बुलाया जाता था। 
 

इस सेक्स रैकेट का संचालन शिवाजीपुरम लेन नंबर-11 का रहने वाला पंकज गुप्ता करता था। इन युवतियों की बुकिंग पंकज उर्फ रवि 10 से 15 दिन के लिए करता था। इसके बदले युवतियों को ग्राहकों से मिलने वाली रकम से 700 से 1000 रुपये दिए जाते थे।

इस सेक्स रैकेट का संचालन शिवाजीपुरम लेन नंबर-11 का रहने वाला पंकज गुप्ता करता था। इन युवतियों की बुकिंग पंकज उर्फ रवि 10 से 15 दिन के लिए करता था। इसके बदले युवतियों को ग्राहकों से मिलने वाली रकम से 700 से 1000 रुपये दिए जाते थे।

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह की युवतियों के साथ रंगरेलियां मनाने के लिए ग्राहक ऑन लाइन बुकिंग करते थे। इसके लिए मोबाइल एप का भी प्रयोग किया जाता था। पंकज ने बताया कि वह स्कोक्का ऐप द्वारा बुकिंग करता था। इसी के जरिए युवतियों की फोटो दिखाकर दाम तय किया जाता था। युवतियों के 2500 से 10000 रुपये तक के दाम तय किए जाते थे। लेकिन बुकिंग होने के बाद पंकज खुद ही अपने साथियों को ग्राहकों को लाने के लिए भेजता था। ताकि लोगों को संदेह न हो।
 

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह की युवतियों के साथ रंगरेलियां मनाने के लिए ग्राहक ऑन लाइन बुकिंग करते थे। इसके लिए मोबाइल एप का भी प्रयोग किया जाता था। पंकज ने बताया कि वह स्कोक्का ऐप द्वारा बुकिंग करता था। इसी के जरिए युवतियों की फोटो दिखाकर दाम तय किया जाता था। युवतियों के 2500 से 10000 रुपये तक के दाम तय किए जाते थे। लेकिन बुकिंग होने के बाद पंकज खुद ही अपने साथियों को ग्राहकों को लाने के लिए भेजता था। ताकि लोगों को संदेह न हो।
 

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