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मॉल में फौजियों को ऐसे फंसाती थी ये लड़की,होटल में बुलाकर करती थी घिनौना काम,अब रिमांड पर लेगी पुलिस

First Published Dec 25, 2020, 1:14 PM IST
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मेरठ (Uttar Pradesh) । हनी ट्रैप के जरिए फौजियों को फंसाने वाले अंकुर और आरती को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया गया था। लेकिन, जांच के दौरान आरती की मोबाइल से कई राज खुले हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के कई युवक भी उसके संपर्क में थे। ऐसे में पुलिस पूछताछ के लिए युवती और उसके साथी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। बता दें कि युवती सोशल साइट्स पर अपनी तस्वीर डालती थी, जिसके बाद यूपी, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के फौजियों को दोस्त बनाकर उन्हें फंसाती थी। इतना ही नहीं, मॉल में शॉपिंग करने आने वाले फौजियों को अपना मोबाइल नंबर लिखी पर्ची फेंक देती थी, जिसके बाद उन्हें होटल ले जाकर उसके साथ अश्लील वीडियो बनाकर अंकुर की मदद से ब्लैकमेल करती थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फौजी की शिकायत पर नौचंदी पुलिस ने मेडिकल थाना क्षेत्र के मयूर विहार निवासी अंकुर और जागृति विहार में किराए पर रहने वाली आरती को गिरफ्तार किया था। जांच में बता चला कि आरती मुजफ्फरनगर जिले के रामराज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव की निवासी है। उनके पास से पुलिस को पांच मोबाइल फोन भी मिले थे। 
 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फौजी की शिकायत पर नौचंदी पुलिस ने मेडिकल थाना क्षेत्र के मयूर विहार निवासी अंकुर और जागृति विहार में किराए पर रहने वाली आरती को गिरफ्तार किया था। जांच में बता चला कि आरती मुजफ्फरनगर जिले के रामराज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव की निवासी है। उनके पास से पुलिस को पांच मोबाइल फोन भी मिले थे। 
 

लॉकडाउन की शुरुआत में ही दोनों की नौकरी छूट गई। इसके बाद अंकुर ने कुटी चौराहे पर कंप्यूटर की दुकान खोल ली। जबकि, आरती भी साथ में काम करने लगी। इसके बाद दोनों मिलकर फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाने का काम करने लगे। 

लॉकडाउन की शुरुआत में ही दोनों की नौकरी छूट गई। इसके बाद अंकुर ने कुटी चौराहे पर कंप्यूटर की दुकान खोल ली। जबकि, आरती भी साथ में काम करने लगी। इसके बाद दोनों मिलकर फौजियों को हनी ट्रैप में फंसाने का काम करने लगे। 

आरती बीएससी तक पढ़ाई की है। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है और पांच मोबाइल रखती थी। जबकि अंकुर कंप्यूटर पर काम करता था। जांच में पता चला कि दोनों ने कई फर्जी आईडी से फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अकाउंट बना रखे थे। आरोपी के मुताबिक खूबसूरत तस्वीर देखकर फौजी फंस जाते थे, जिसके बाद उन्हें वो अपना शिकार बनाती थी।
 

आरती बीएससी तक पढ़ाई की है। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है और पांच मोबाइल रखती थी। जबकि अंकुर कंप्यूटर पर काम करता था। जांच में पता चला कि दोनों ने कई फर्जी आईडी से फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अकाउंट बना रखे थे। आरोपी के मुताबिक खूबसूरत तस्वीर देखकर फौजी फंस जाते थे, जिसके बाद उन्हें वो अपना शिकार बनाती थी।
 

पुलिस ने आरती के पास से ऐसी कई चिट्ठियां मिली हैं। चिट्ठी में वह बदला हुआ नाम ईशा लिखती थी। वो ईशा गुप्ता और ऋचा गुप्ता के नाम से भी सोशल साइट पर अकाउंट बनाती थी। उसने युवती फौजियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती थी। 

पुलिस ने आरती के पास से ऐसी कई चिट्ठियां मिली हैं। चिट्ठी में वह बदला हुआ नाम ईशा लिखती थी। वो ईशा गुप्ता और ऋचा गुप्ता के नाम से भी सोशल साइट पर अकाउंट बनाती थी। उसने युवती फौजियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती थी। 

आरती ने पुलिस को बताया था कि वह मॉल और बाजारों में शॉपिंग करने आए फौजियों को देखकर एक पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर फेंक देती थी। फौजी पर्ची उठाने के बाद में उससे संपर्क करते थे। फिर, धीरे-धीरे बातें शुरू होती थी और बाद में होटल तक में भी बुलाती थी, जहां अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करती थी।
सभी फोटो सोर्स-अमर उजाला

आरती ने पुलिस को बताया था कि वह मॉल और बाजारों में शॉपिंग करने आए फौजियों को देखकर एक पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर फेंक देती थी। फौजी पर्ची उठाने के बाद में उससे संपर्क करते थे। फिर, धीरे-धीरे बातें शुरू होती थी और बाद में होटल तक में भी बुलाती थी, जहां अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करती थी।
सभी फोटो सोर्स-अमर उजाला

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