Yamuna Expressway क्षेत्र में तीन बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटित, 3400 करोड़ से ज्यादा निवेश और 5700 नौकरियों के अवसर बनेंगे। ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट से यूपी में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार।

उत्तर प्रदेश में इन दिनों एक बड़ा बदलाव चुपचाप जमीन पर उतर रहा है। जहां पहले यमुना एक्सप्रेसवे को सिर्फ तेज सफर के लिए जाना जाता था, वहीं अब यह इलाका बड़े निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनता जा रहा है। ताजा फैसले में तीन बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है, जिससे न सिर्फ हजारों युवाओं को नौकरी मिलेगी बल्कि प्रदेश की इंडस्ट्री को भी नई रफ्तार मिलेगी।

3400 करोड़ से ज्यादा का निवेश, 5700 से ज्यादा नौकरियां

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में हुए इस भूमि आवंटन से कुल 3,400 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आने वाला है। इसके साथ ही करीब 5,700 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह फैसला निवेश को बढ़ावा देने वाली राज्य सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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Escorts Kubota लगाएगी सबसे बड़ा प्लांट

Escorts Kubota Limited को सेक्टर-10 में करीब 154 एकड़ जमीन दी गई है। यहां कंपनी ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाने की यूनिट लगाएगी।

  • निवेश: लगभग 2,029 करोड़ रुपये
  • रोजगार: करीब 4,000 लोगों को

यह प्लांट कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

CNH Industrial का भी बड़ा दांव

CNH Industrial India Pvt. Ltd. को सेक्टर-8डी में 100 एकड़ जमीन आवंटित हुई है। कंपनी यहां ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी।

  • निवेश: 1,219.81 करोड़ रुपये
  • रोजगार: लगभग 1,200 लोगों को

इस निवेश से उत्तर प्रदेश कृषि मशीनरी निर्माण का बड़ा हब बन सकता है।

Sun Organic से फूड प्रोसेसिंग को ताकत

Sun Organic Industries Pvt. Ltd. को सेक्टर-8डी में 30,000 वर्गमीटर जमीन दी गई है। कंपनी ड्राई फ्रूट प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट लगाएगी।

  • निवेश: 225.16 करोड़ रुपये
  • रोजगार: 569 लोगों को

इससे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा।

क्यों बढ़ रहा है यमुना एक्सप्रेसवे का महत्व?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूरा विकास अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  • उद्योग अनुकूल नीतियां
  • सिंगल विंडो सिस्टम से आसान मंजूरी
  • बेहतर सड़क और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी
  • दिल्ली-एनसीआर के करीब लोकेशन

यही वजह है कि बड़ी कंपनियां अब इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए तेजी से आगे आ रही हैं।

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट

इन परियोजनाओं के शुरू होने से सिर्फ रोजगार ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि आसपास के इलाकों में सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबार भी तेजी से बढ़ेंगे। इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में हो रहा यह निवेश उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

यमुना एक्सप्रेसवे अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की पहचान बनता जा रहा है। जिस तेजी से यहां निवेश आ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के बड़े इंडस्ट्रियल हब्स में शामिल हो सकता है।

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