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आज माघी स्नान के साथ कल्पवास खत्म, देखिए तस्वीरें

First Published Feb 9, 2020, 11:17 AM IST
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प्रयागराज (Uttar Pradesh) । आज माघी पूर्णिमा मनाई जा रही है। ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान-ध्यान का सिलसिला शुरू हो गया है। माघ मेला ने भोर से ही स्नान-ध्यान दान का दौर चल रहा है। प्रशासन का दावा है आज 25 लाख श्रद्धालुओं संगम में पुण्य की डुबकी लगाएंगे। संगम पर स्नानार्थियों के पहुंचने का क्रम जारी है। बता दें कि आज ही कल्पवास का औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा। मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता व्यवस्था की है। ऐसे में हम आपको संगम से सीधे तस्वीरें दिखा रहे हैं।

माघी पूर्णिमा का काल सुबह 6.42 बजे से शुरू हो गया है। माघी पूर्णिमा की पूर्व संध्या तक कल्पवासियों के शिविरों में नाते रिश्तेदार आकर रुके तो आसपास के जिलों व पड़ोसी राज्यों से भी लोग मेला क्षेत्र में पहुंच गए।

माघी पूर्णिमा का काल सुबह 6.42 बजे से शुरू हो गया है। माघी पूर्णिमा की पूर्व संध्या तक कल्पवासियों के शिविरों में नाते रिश्तेदार आकर रुके तो आसपास के जिलों व पड़ोसी राज्यों से भी लोग मेला क्षेत्र में पहुंच गए।

स्नानोपरांत गरीबों-असहायों व पुरोहितों को तिल, पात्र, ऊनी वस्त्र, कंबल, कपास, गुड़, घी, उपानह, फल, अन्न व स्वर्णादि दान करने की परंपरा का निर्वहन सुबह से ही आस्‍थावानों ने स्‍नान के बाद किया।

स्नानोपरांत गरीबों-असहायों व पुरोहितों को तिल, पात्र, ऊनी वस्त्र, कंबल, कपास, गुड़, घी, उपानह, फल, अन्न व स्वर्णादि दान करने की परंपरा का निर्वहन सुबह से ही आस्‍थावानों ने स्‍नान के बाद किया।

करीब 25 लाख लोगों के स्नान के लिए आने का दावा करते हुए मेला प्रशासन ने संगम पर व्यवस्था चाक चौबंद की हैं। जगह-जगह बैरीकेडिंग की गई है। साथ ही पुलिस भ्रमण कर रही है।

करीब 25 लाख लोगों के स्नान के लिए आने का दावा करते हुए मेला प्रशासन ने संगम पर व्यवस्था चाक चौबंद की हैं। जगह-जगह बैरीकेडिंग की गई है। साथ ही पुलिस भ्रमण कर रही है।

मेला क्षेत्र में घाट पर सुरक्षा कर्मियों के अलावा जल पुलिस के जवानों को स्टीमर तथा नाव के साथ सक्रिय कर दिया गया। माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान पूरा होते ही कल्पवास का औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा।

मेला क्षेत्र में घाट पर सुरक्षा कर्मियों के अलावा जल पुलिस के जवानों को स्टीमर तथा नाव के साथ सक्रिय कर दिया गया। माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान पूरा होते ही कल्पवास का औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा।

कल्पवासियों के शिविरों के द्वार पर बोए गए जौ के पौधों की पूजा होगी और घर परिवार सहित इस पूजा में शामिल होने वाले अन्य लोगों को भोजन कराने का प्रबंध भी किया जा रहा है।

कल्पवासियों के शिविरों के द्वार पर बोए गए जौ के पौधों की पूजा होगी और घर परिवार सहित इस पूजा में शामिल होने वाले अन्य लोगों को भोजन कराने का प्रबंध भी किया जा रहा है।

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