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7 दिन में मारे गए विकास दुबे के 5 खास लोग, इन्हीं के दम पर कायम थी जुर्म की दुनिया में उसकी बादशाहत
कानपुर(Uttar Pradesh). 8 पुलिसवालों की हत्या के आरोपी विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के पास गिरफ्तार कर लिया गया है। 2 जुलाई की रात हुए शूटआउट के बाद यूपी पुलिस एक तरफ उसकी अवैध कार्यों से कमाई गई बेशुमार संपत्ति जब्त कर रही थी दूसरी ओर उसकी गैंग में शामिल उसके बेहद करीबी लोगों ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है थी। शूटआउट के 7वें दिन जब विकास दुबे को एमपी पुलिस पकड़ चुकी है उसके पहले उसके 5 सबसे खास गुर्गों को यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। विकास के इन्ही कारखासों के दम पर ही जुर्म की दुनिया में उसकी बादशाहत चलती थी। बताया ये भी जा रहा है कि एनकाउंटर के डर से ही विकास दुबे ने मध्य प्रदेश में जाकर गिरफ्तारी दी है।

2 जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव में हुए खूनी खेल के बाद से अब तक यूपी पुलिस और एसटीएफ विकास दुबे के 5 खास लोगों एनकाउंटर में मार चुकी है। कहा जा रहा है कि विकास की ताकत और शातिर दिमाग के पीछे इनका बड़ा रोल था। ये विकास के वो लोग थे जो उसके कहने पर किसी के ऊपर गोली चला सकते थे। हांलाकि अब शातिर विकास दुबे ही पुलिस के शिकंजे में है, ऐसे में उसकी पूछताछ में कई चौंकाने वाले जवाब सामने आने के कयास लगाए जा रहे हैं। विकास दुबे की रिमांड लेने के लिए यूपी पुलिस व एसटीएफ उज्जैन के लिए रवाना हो गई है।
2 जुलाई की रात जब विकास ने अपने गुर्गों से साथ पुलिस टीम पर हमला बोलकर 8 पुलिकर्मियों को मौत के घाट उतारा उसके अगले ही दिन 3 जुलाई को पुलिस ने उसके मामा प्रेम प्रकाश पांडेय को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। वह भी शातिर अपराधी था और विकास का बेहद भरोसेमंद था। उसके पास से पुलिस से लूटी गई एक पिस्टल भी बरामद हुई थी। बताया जाता है कि प्रेम प्रकाश विकास के उन दिनों का साथी थी जब वह जरायम की दुनिया में एंट्री कर रहा था। उसने विकास का हर मोड़ पर दुःख और सुख दोनों में साथ दिया था।
विकास के मामा प्रेमप्रकाश के साथ ही रहे विकास के चचेरे भाई अतुल दुबे को भी पुलिस ने 3 जुलाई को ही एनकाउंटर में मार गिराया। उसने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग की लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। अतुल विकास के कई काले धंधों के संचालन में खास भूमिका निभाता था।
UP STF ने 8 जुलाई की सुबह कानपुर हत्याकांड के वांछितों की लिस्ट में नंबर एक पर रहे विकास के बेहद करीबी अमर दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया। अमर दुबे घटना के बाद विकास दुबे के साथ ही भागा था और वो विकास के सबसे खास गुर्गों में से एक था। अमर विकास के सबसे ज्यादा करीब था, उसे हमेशा से ही लग्जरी गाड़ियों और मंहगे असलहों का शौक रहा था। विकास के कहने पर उसने कई वारदातों को अंजाम भी दिया था।
7 जुलाई की रात पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से विकास के पड़ोसी व उसकी गैंग में बेहद सक्रिय रहने वाले प्रभात मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था। प्रभात साये की तरह विकास के साथ रहता था और उसके हर अपराध में सहभागी रहता था। पुलिस ने फरीदाबाद कोर्ट से प्रभात को रिमांड पर लिया था। वहां से वापस आते समय 9 जुलाई की सुबह कानपुर के पनकी में पुलिस की गाड़ी पंक्चर हो गई, जिसका बाद प्रभात दारोगा की पिस्टल छीन कर भागने लगा, उसने पुलिस पर फायरिंग की जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे भी मार गिराया।
9 जुलाई की सुबह इटावा सिविल लाइन पुलिस ने कचौरा रोड पर एक और मुठभेड़ में पुलिस ने बबुआ दुबे उर्फ प्रवीण को मार गिराया। वह बिकरू कांड के आरोपितों में शामिल था और उसपर 50 हजार का इनाम भी घोषित है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक पिस्टल, एक डबल बैरल बंदूक और कई कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक बबऊ दुबे उर्फ प्रवीण कानपुर इटावा हाईवे पर बकेवर इलाके के महेवा के पास सुबह 3 बजे एक स्विफ्ट डिजायर को चार बदमाशों के साथ मिलकर लूटने के बाद भाग रहा था। पुलिस को देख सभी बदमाश फायरिंग करने लगे। पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें बबऊ उर्फ प्रवीण गोली लगने से घायल हुआ, जिसे अस्पताल लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई, जबकि अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए है।
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