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गजब है यह शख्स: ठंड से बचने के लिए लाखों रुपए में आग लगाकर सेंके हाथ, सोने-चांदी के गहने भी किए स्वाहा

First Published Feb 9, 2021, 3:05 PM IST
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लखनऊ (उत्तर प्रदेश). 'बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया' वाली कहावत को लोग अक्सर सुनते रहते हैं। क्योंकि पैसा वो चीज होती है जिसके लिए भाई-भाई की हत्या तक कर देता है। इतना नहीं पैसे के लिए तो लोग आग में भी कूद जाते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में सुनकर हर किसी के होश उड़ गए। जहां एक युवक ने कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए 500-500 के नोटों से आग जलाई।


दरअसल, अजीबो-गरीब यह मामला बुंदेलखंड इलाके का है, जहां के इलाके में गरीबी देखने को मिलती है। महोबा शहर कोतवाली इलाके में सब्जी मंडी परिसर के बाहर एक  शख्स  ठंड से बचने के लिए लाखों रुपए के नोट में आग जलाकर अपने आप को सेंक रहा था।


दरअसल, अजीबो-गरीब यह मामला बुंदेलखंड इलाके का है, जहां के इलाके में गरीबी देखने को मिलती है। महोबा शहर कोतवाली इलाके में सब्जी मंडी परिसर के बाहर एक  शख्स  ठंड से बचने के लिए लाखों रुपए के नोट में आग जलाकर अपने आप को सेंक रहा था।


जैसे इस युवक की हरकत के बारे में आसपास के लोगों को पता चला तो वहां भीड़ जमा हो गई। ऐसी घटना होने से सब लोग हैरत में थे कि इस इस शख्स ने कूड़े के ढेर में लाखों की नकदी, 2 एंड्राइड मोबाइल और सोने-चांदी के गहनों को आग में स्वाहा कर दिया।


जैसे इस युवक की हरकत के बारे में आसपास के लोगों को पता चला तो वहां भीड़ जमा हो गई। ऐसी घटना होने से सब लोग हैरत में थे कि इस इस शख्स ने कूड़े के ढेर में लाखों की नकदी, 2 एंड्राइड मोबाइल और सोने-चांदी के गहनों को आग में स्वाहा कर दिया।

आसपास के सफाई कर्मियों ने बताया कि नोटो की आग जलाकर ठंड से बचने वाला युवक मानसिक विक्षिप्त है। जो अक्सर मंडी वाले इलाके में बैठा मिलता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतना पैसा उसके पास आया कहां से, जिसको उसने आग में स्वाहा कर दिया।

आसपास के सफाई कर्मियों ने बताया कि नोटो की आग जलाकर ठंड से बचने वाला युवक मानसिक विक्षिप्त है। जो अक्सर मंडी वाले इलाके में बैठा मिलता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतना पैसा उसके पास आया कहां से, जिसको उसने आग में स्वाहा कर दिया।


कूड़े के ढेर में लाखों की नकदी जल दने के बाद यह युवक हंसी के ठहाके लगा रहा था। कहता कि मैं क्या करूं मुझे ठंड इतनी तेज लग रही थी कि में क्या करता। शीतलहर से बचने के लिए ही मैंने यह उपाय किया है।
 


कूड़े के ढेर में लाखों की नकदी जल दने के बाद यह युवक हंसी के ठहाके लगा रहा था। कहता कि मैं क्या करूं मुझे ठंड इतनी तेज लग रही थी कि में क्या करता। शीतलहर से बचने के लिए ही मैंने यह उपाय किया है।
 


मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस ने पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले में यह जांच कर रही है कि आखिर इतना पैसा इस युवक के पास कहां से आया। एक पागल कैसे लाखों रुपए या सोने-चांदी के गहने रखे हुए था। कहीं यह सब चोरी का माल तो नहीं है।  पुलिस और प्रशासन कुछ भी बोलने और मुंह खोलने को तैयार नहीं है।


मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस ने पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले में यह जांच कर रही है कि आखिर इतना पैसा इस युवक के पास कहां से आया। एक पागल कैसे लाखों रुपए या सोने-चांदी के गहने रखे हुए था। कहीं यह सब चोरी का माल तो नहीं है।  पुलिस और प्रशासन कुछ भी बोलने और मुंह खोलने को तैयार नहीं है।

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