लॉकडाउन में शादी को लेकर परेशान था दूल्हा, घरवालों के साथ ससुराल पहुंची दुल्हन, ऐसे लिए सात फेरे

First Published 25, May 2020, 5:46 PM

वाराणसी (Uttar Pradesh) । लॉकडाउन में कुछ नियमों के साथ शादी करने की सरकार ने छूट भी दी है, लेकिन अधिकांश लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि वे बारात में किसे ले जाए और किसे नहीं। इस कारण कुछ ही लोग शादी कर पा रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है कपसेठी थाना क्षेत्र के दौलतिया गांव में। जहां वाराणसी निवासी दुल्हन खुद ही घरवालों के साथ ससुराल पहुंच गई। इसके बाद दोनों, अपने-अपने परिवार के लोगों की मौजूदगी में मंदिर के भीतर सात फेरे लेकर एक-दूसरे के हो गए।
 

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वाराणसी की बालाजी नगर कालोनी, भगवानपुर निवासी मुसाफिर सिंह की बेटी सुलेखा की शादी कपसेठी थाना के दौलतिया गांव निवासी संदीप कुमार सिंह से तय हुई थी।&nbsp;</p>


वाराणसी की बालाजी नगर कालोनी, भगवानपुर निवासी मुसाफिर सिंह की बेटी सुलेखा की शादी कपसेठी थाना के दौलतिया गांव निवासी संदीप कुमार सिंह से तय हुई थी। 

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लॉकडाउन के कारण चार अप्रैल को बारात नहीं जा सकती थी। इसलिए शादी टाल दी गई। पंडित ने नया मुर्हुत 24 मई निकाल दिया।<br />
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लॉकडाउन के कारण चार अप्रैल को बारात नहीं जा सकती थी। इसलिए शादी टाल दी गई। पंडित ने नया मुर्हुत 24 मई निकाल दिया।
 

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सरकार ने लॉकडाउन-4 में शादी के आयोजन पर कुछ छूट दी, लेकिन दूल्हे के पक्ष के लोग इस बात को लेकर परेशान हो गए कि वे किसे शादी में ले जाए और किसे छोड़े।</p>


सरकार ने लॉकडाउन-4 में शादी के आयोजन पर कुछ छूट दी, लेकिन दूल्हे के पक्ष के लोग इस बात को लेकर परेशान हो गए कि वे किसे शादी में ले जाए और किसे छोड़े।

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दूल्हे पक्ष की मजबूरी जानने के बाद दुल्हन सुलेखा सिंह घरवालों के साथ सीधे अपने ससुराल दौलतिया पहुंची। दोनों घरों के लोग मिले, बातचीत हुई और फिर ससुराल के ही मंदिर में दुल्हन और दुल्हे ने सात फेरे लेकर वरमाला डाली और एक दूजे के हो गए।<br />
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दूल्हे पक्ष की मजबूरी जानने के बाद दुल्हन सुलेखा सिंह घरवालों के साथ सीधे अपने ससुराल दौलतिया पहुंची। दोनों घरों के लोग मिले, बातचीत हुई और फिर ससुराल के ही मंदिर में दुल्हन और दुल्हे ने सात फेरे लेकर वरमाला डाली और एक दूजे के हो गए।
 

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कोरोना काल में जिसने भी इस शादी के बारे में सुना वो हैरान रह गया। शादी के महंगे खर्चे पर एतराज करने वाले कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि लॉकडाउन का ये रंग ठीक है, बेवजह के खर्चे नहीं हो रहे हैं।<br />
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कोरोना काल में जिसने भी इस शादी के बारे में सुना वो हैरान रह गया। शादी के महंगे खर्चे पर एतराज करने वाले कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि लॉकडाउन का ये रंग ठीक है, बेवजह के खर्चे नहीं हो रहे हैं।
 

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