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20 अप्रैल से लॉकडाउन में मिलेगी छूट? पर UP में CM योगी के सामने मुंह फैलाए खड़ी होंगी ये चुनौतियां

First Published Apr 18, 2020, 3:24 PM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh ). कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते पूरा देश संकट में है। जिसके चलते पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया है। सभी दुकाने,व्यवसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल कालेज सभी बंद हैं। लोगों को घर में ही रहने का निर्देश दिया गया है। ताकि इस संक्रमण की चेन तोड़ी जा सके।  24 मार्च से शुरू हुआ लॉकडाउन 15 अप्रैल  जारी रखने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण को पूरी तरह से खत्म करने के लिए इसे 3 मई तक बढ़ाने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश के  मुखिया योगी आदित्यनाथ ने काफी हद तक कोरोना पर अंकुश लगाने में कामयाबी पा ली है। हांलाकि निजामुद्दीन मरकज से आए जमातियों ने यहां के आंकड़े में जरूर बढ़ोत्तरी की थी। सूबे की योगी सरकार ने 20 अप्रैल से कुछ चीजों में छूट देने का निर्णय लिया है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि लॉकडाउन में अगर ढील दी गई तो क्या लोग अनुशासन में रहकर नियमों का पालन करेंगे। 
 

CM योगी ने बीते सप्ताह टीम 11 के साथ बैठक कर ये निर्णय लिया था कि सूबे के कुछ आवश्यक चीजों को लॉकडाउन में भी 20 अप्रैल से छूट दी जाएगी। इसमें प्रमुख कार्य कंस्ट्रक्शन का था। अब सवाल ये उठता है कि अगर इस कार्य को छूट देने की बात लोगों में फ़ैली तो बेरोजगार मजदूर काम पाने के लिए दौड़-भाग कर सकते हैं। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवा पाना मुश्किल हो जाएगा। 
 

CM योगी ने बीते सप्ताह टीम 11 के साथ बैठक कर ये निर्णय लिया था कि सूबे के कुछ आवश्यक चीजों को लॉकडाउन में भी 20 अप्रैल से छूट दी जाएगी। इसमें प्रमुख कार्य कंस्ट्रक्शन का था। अब सवाल ये उठता है कि अगर इस कार्य को छूट देने की बात लोगों में फ़ैली तो बेरोजगार मजदूर काम पाने के लिए दौड़-भाग कर सकते हैं। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवा पाना मुश्किल हो जाएगा। 
 

वहीं बैठक के बाद ये निर्णय भी लिए गए थे कि मैकेनिक व उनसे जुडी दुकानों को भी छूट दी जाएगी। इसमें भी सरकार के सामने वही चुनौतियां होंगी कि आखिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाना कितना सम्भव होगा। अगर इससे वायरस फैला तो सरकार द्वारा किए गए शानदार प्रयास में एक मुश्किल कड़ी जुड़ सकती है। 

वहीं बैठक के बाद ये निर्णय भी लिए गए थे कि मैकेनिक व उनसे जुडी दुकानों को भी छूट दी जाएगी। इसमें भी सरकार के सामने वही चुनौतियां होंगी कि आखिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाना कितना सम्भव होगा। अगर इससे वायरस फैला तो सरकार द्वारा किए गए शानदार प्रयास में एक मुश्किल कड़ी जुड़ सकती है। 

लॉकडाउन में रेस्टोरेंट्स को  ही छूट देने की बात सामने आई थी। कहा गया था कि रेस्टोरेंट्स को होम डिलवरी करने की छूट रहेगी। इसमें भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि लोगों तक उनका खाना पहुंचाने वाले डिलवरी ब्वाय की चरणबद्ध तरीके से जांच हो। ताकि दिल्ली की तरह लोगों को कोरोना संक्रमित न करे। 

लॉकडाउन में रेस्टोरेंट्स को  ही छूट देने की बात सामने आई थी। कहा गया था कि रेस्टोरेंट्स को होम डिलवरी करने की छूट रहेगी। इसमें भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि लोगों तक उनका खाना पहुंचाने वाले डिलवरी ब्वाय की चरणबद्ध तरीके से जांच हो। ताकि दिल्ली की तरह लोगों को कोरोना संक्रमित न करे। 

लॉकडाउन में कुछ छूट देने के बाद भीड़ बढ़ने से अफवाहें फैलने का खतरा भी है। भीड़ बढ़ी और इस दौरान अफवाह फैली तो हालात काफी बिगड़ सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखनी होगी।

लॉकडाउन में कुछ छूट देने के बाद भीड़ बढ़ने से अफवाहें फैलने का खतरा भी है। भीड़ बढ़ी और इस दौरान अफवाह फैली तो हालात काफी बिगड़ सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखनी होगी।

आवश्यक चीजों से जुड़े जिन प्रतिष्ठानों को छूट देने की कवायद की जा रही है उनमे किसी भी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन न हो इसपर सरकार को विशेष निगरानी रखनी होगी। ताकि कोरोना से चल रही जिस जंग को हम जीतने की ओर अग्रसर हैं उसमे किसी तरह की कोई चूक न रह जाए। 

आवश्यक चीजों से जुड़े जिन प्रतिष्ठानों को छूट देने की कवायद की जा रही है उनमे किसी भी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन न हो इसपर सरकार को विशेष निगरानी रखनी होगी। ताकि कोरोना से चल रही जिस जंग को हम जीतने की ओर अग्रसर हैं उसमे किसी तरह की कोई चूक न रह जाए। 

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