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8 पुलिसकर्मियों के हत्यारोपी विकास दुबे पर अब ढाई लाख का ईनाम, लखनऊ में भी दर्ज हुआ रंगदारी का केस
लखनऊ (Uttar Pradesh). बीते 3 जुलाई को कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा की अगुवाई में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर अंधेरे में तीन ओर से अंधाधुंध गोलियां बरसाई गई थी। इसमें सीओ समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे घटना के बाद से फरार चल रहा है। उस पर अब प्रदेश सरकार ने ईनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया है। कानपुर के आईजी रेंज के अनुरोध के बाद सूबे के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने ये निर्णय लिया है।

कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे अभी तक फरार है। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद विकास मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा है। पहले भी वह स्मार्टफोन की जगह सामान्य मोबाइल का इस्तेमाल करता था जिससे कि उसे ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।
वहीं दूसरी ओर विकास और उसके भाई दीप प्रकाश के खिलाफ लखनऊ के कृष्णानगर कोतवाली में रंगदारी वसूलने और धमकी का केस दर्ज किया गया है। दीप प्रकाश के घर से बरामद हुई एंबेसडर कार विनीत पांडे नाम के व्यक्ति ने नीलामी में खरीदी थी। विकास ने विनीत को धमकाते हुए जबरन नीलामी में खरीदी कार को उठा लिया था। विनीत की शिकायत पर ही पुलिस ने केस दर्ज किया है।
इसके पहले रविवार को ही मिश्रिख इलाके के नैमिष में रविवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों से 9 असलहे और 150 कारतूस बरामद किया। असलहों में 6 रायफल, एक बंदूक और दो पिस्टल हैं।
दोनों गाड़ियों से कुल 13 लोग हिरासत में लिए गए। सूत्रों के अनुसार इनमें विकास दुबे का रिश्तेदार अनुपम दुबे और उसके दोस्त हैं। उसके खिलाफ फर्रूखाबाद जिले समेत कई थानों में 30 संगीन मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या तक के केस भी हैं।
विकास का रिश्तेदार होने को लेकर पुलिस खुलकर बोलने से बच रही है। हालांकि पुलिस के कुछ सूत्रों ने यह जरूर कहा कि हो सकता कोई दूर का रिश्तेदार हो। सभी 13 लोगों पर कोरोना महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। सूत्रों की मानें तो सभी असलहे लाइसेंसी हैं। इसके अलावा गाड़ियों के भी सारे कागजात वैध हैं।
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