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ऑक्सीजन खत्म की सबसे मार्मिक तस्वीर: ऑटो में पति को मुंह से सांस देती रही पत्नी, नहीं बचा सकी जान

First Published Apr 25, 2021, 2:34 PM IST
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आगरा (उत्तर प्रदश). पूरे देश में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों के आश्वासन के बाद भी कई राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों की मौत का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के आगर शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिसे देख हर किसी की आंखों में सांसू और दिल में खौफ है। यहां एक महिला अपने पति को ऑटो में लेकर कई अस्पतालों के चक्कर काटती रही। लेकिन कहीं ऑक्सीजन नहीं मिली। इतना ही नहीं उसने पति को मुंह से भी सांस देने की कोशिश की। फिर भी वह उनकी जान नहीं बचा सकी।
 


दरअसल, यह मार्मिक खबर आगरा के आवास विकास सेक्टर सात की है। जहां की रहने वाली महिला रेणू सिंघल अपने संक्रमित पति रवि सिंघल (47) को लेकर शहर के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) एंड हॉस्पिटल लेकर आई थी, हलांकि इससे पहले वह कई अस्पतालों के चक्कर काट चुकी थी।  एसएनएमसी के गेट पर पहुंचते ही पति की सांस थम गईं। इसके कुछ देर बाद डॉक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर दिया।


दरअसल, यह मार्मिक खबर आगरा के आवास विकास सेक्टर सात की है। जहां की रहने वाली महिला रेणू सिंघल अपने संक्रमित पति रवि सिंघल (47) को लेकर शहर के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) एंड हॉस्पिटल लेकर आई थी, हलांकि इससे पहले वह कई अस्पतालों के चक्कर काट चुकी थी।  एसएनएमसी के गेट पर पहुंचते ही पति की सांस थम गईं। इसके कुछ देर बाद डॉक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर दिया।


बता दें कि रेणु पति को लेकर ऑटो में  लिटाकर भटकती रही, क्योंकि उसने एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई। वह हर अस्पताल में जाकर गिड़गिड़ाती-भीख मांगती, भैया पति को भर्ती कर लो नहीं तो वह मर जाएंगे। लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। आखिर में वह अपने मुंह से पति को सांस देती रही, फिर वह उनको नहीं बचा सकी।
 


बता दें कि रेणु पति को लेकर ऑटो में  लिटाकर भटकती रही, क्योंकि उसने एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई। वह हर अस्पताल में जाकर गिड़गिड़ाती-भीख मांगती, भैया पति को भर्ती कर लो नहीं तो वह मर जाएंगे। लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। आखिर में वह अपने मुंह से पति को सांस देती रही, फिर वह उनको नहीं बचा सकी।
 

ऑटो ड्राइवर ने बताया कि महिला पूरे रास्ते पति को बार-बार मुंह से सांस देने की कोशिश करती रही। जैसे हम एसएन मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो रवि की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। सांस फूलने लगी और आंखे बड़ी-बड़ी होने लगीं, महिला चीखती रही, इतने में पति के प्राण निकल गए। रेनू को जब पता चला तो उसको सुनकर विश्वास नहीं हुआ। वह बिलखने लगी, उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। 

ऑटो ड्राइवर ने बताया कि महिला पूरे रास्ते पति को बार-बार मुंह से सांस देने की कोशिश करती रही। जैसे हम एसएन मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो रवि की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। सांस फूलने लगी और आंखे बड़ी-बड़ी होने लगीं, महिला चीखती रही, इतने में पति के प्राण निकल गए। रेनू को जब पता चला तो उसको सुनकर विश्वास नहीं हुआ। वह बिलखने लगी, उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। 


वहीं इस मार्मिक तस्वीर को देखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रेणू सिंघल के पति को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। वह चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन किसी को दया नहीं आई। उसने बचाने की जुगत में अपने मुंह से भी सांस देने की कोशिश की, लेकिन उसकी यह मेहनत भी काम नहीं आ सकी।
 


वहीं इस मार्मिक तस्वीर को देखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रेणू सिंघल के पति को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। वह चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन किसी को दया नहीं आई। उसने बचाने की जुगत में अपने मुंह से भी सांस देने की कोशिश की, लेकिन उसकी यह मेहनत भी काम नहीं आ सकी।
 


आगरा क्या पूरे यूपी की अधिकतर अस्पतालों में ऑक्सजीन की किल्लत चल रही है। जिसके चलते रोजना कई मरीज तड़पते हुए दम तोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं की अस्पताल तो मरीजों को भर्ती करने से इनकार करने करने लगे हैं। वहीं इस घटन के बाद आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसी पांडे ने कहा कि जिले में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी है, उन्होंने कहा, हम उपलब्धता के अनुसार व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगरा के अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए बिस्तर उपलब्ध हैं।


आगरा क्या पूरे यूपी की अधिकतर अस्पतालों में ऑक्सजीन की किल्लत चल रही है। जिसके चलते रोजना कई मरीज तड़पते हुए दम तोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं की अस्पताल तो मरीजों को भर्ती करने से इनकार करने करने लगे हैं। वहीं इस घटन के बाद आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसी पांडे ने कहा कि जिले में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी है, उन्होंने कहा, हम उपलब्धता के अनुसार व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगरा के अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए बिस्तर उपलब्ध हैं।

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