हद हो गई, वेटिंलेटर होने के बाद भी जिम्मेदार बोल रहे झूठ
जौनपुर (Uttar Pradesh) । यह लापरवाही नहीं तो और क्या है। एक ओर जहां पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है। संदिग्ध मरीजों को वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के लिए सरकार परेशान हैं। बावजूद इसके अभी तक जिलों में वेंटिलेटर की कमी है। हालांकि कि इस कमी को दूर करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ भी प्रयासरत है। लेकिन, जहां वेंटिलेटर है भी वहां घोर मनमानी की जा रही है। यकीन नहीं तो वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर सिरकोनी ब्लाक के हौज गांव में बने ट्रामा सेंटर में हकीकत देख सकते हैं, जो पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सटा हुआ जिला है। पड़ताल में यह बात सामने आई कि यहां वेटिंलेटर रखने के बाद जिम्मेदार भूल गए हैं। ऐसा इसलिए कि जून 2018 में आए चार वेंटिलेटर अभी तक इंस्टाल तक नहीं किए जा सके हैं, जबकि सीएमओ जौनपुर को इसकी जानकारी ही नहीं है और प्रशासन नये वेंटिलेटर की खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
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वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर सिरकोनी ब्लाक के हौज गांव में ट्रामा सेंटर है। यहां अल्ट्रासाउंड से लेकर अन्य अत्याधुनिक उपचार के संसाधन हैं। जून 2018 में ही चार वेंटिलेटर भी आए थे, जो रखे गए हैं। इनको अभी तक इंस्टाल भी नहीं किया जा सका है।
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सवाल उठता है कि जब संकट के दौर में इनकी आवश्यकता है तो इन्हें क्यों नहीं चालू किया गया। आखिर क्यों व किस कारण इन्हें रखा गया है। इस संबंध में विभाग के जिम्मेदार कुछ बोल नहीं पा रहे हैं।
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पड़ताल में यह बात सामने आई कि यहां वेटिंलेटर रखने के बाद जिम्मेदार भूल गए हैं। ऐसा इसलिए कि जून 2018 में आए चार वेंटिलेटर अभी तक इंस्टाल तक नहीं किए जा सके हैं, जबकि सीएमओ जौनपुर को इसकी जानकारी ही नहीं है और प्रशासन नये वेंटिलेटर की खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
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ट्रामा सेंटर में चार वेंटिलेटरों के बेकार होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का बयान हैरान कर देने वाला है। ट्रामा सेंटर के प्रभारी डा.डीके सिंह ने कहा कि मुझे यहां अभी आठ माह हुए हैं। यह वर्षों से आकर रखी है। सही जानकारी के लिए टेक्निशियन राम सहाय यादव से पूछ लीजिए।
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टेक्नीशियन डा. राम सहाय ने कहा कि इसकी रिसीविंग जून 2018 में हुई है। यह क्यों इंस्टाल नहीं हो सका पता नहीं। वहीं सीएमओ डा. राम जी पांडेय ने कहा कि वेंटिलेटर जिले में है ही नहीं। जल्द ही जिले में उपलब्ध हो जाएगी।
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