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मास्क पहन लाशों का मेकअप करती है लड़की, कोरोना में अचानक बढ़ गई डिमांड, बोली- बॉडी को सजाने में मजा आता है

First Published Apr 25, 2020, 2:47 PM IST
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हटके डेस्क:  कोविड 19 की वजह से दुनिया में तबाही मची हुई है। इस जानलेवा वायरस का कोई इलाज नहीं मिल पाया है, जिसकी वजह से लोगों की मौत हो रही है। अभी तक इस वायरस ने दुनिया में करीब 2 लाख लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। कई देश लॉकडाउन हैं। इस बीच कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। लोग वायरस से बचाव के लिए घरों में बंद हैं। लेकिन इस बीच मलेशिया की 20 साल की सांग जिअ काफी चर्चा में है। सांग मॉर्चरी मेकअप आर्टिस्ट हैं। इस प्रोफेशन में लाशों के अंतिम संस्कार से पहले उसका मेकअप किया जाता है। ऐसे में कोविड 19 के कहर के बीच सांग की डिमांड बढ़ गई है। 

सांग अपने काम को काफी पसंद करती हैं। उन्हें इस प्रोफेशन में उनके स्कूल टाइम से ही इंट्रेस्ट आ गया था। 

सांग अपने काम को काफी पसंद करती हैं। उन्हें इस प्रोफेशन में उनके स्कूल टाइम से ही इंट्रेस्ट आ गया था। 

स्कूल पासआउट होने के बाद ही सांग ने फ्यूनरल इंडस्ट्री ज्वाइन कर लिया था। वो काफी इंट्रेस्ट के साथ लाशों का मेकअप करती हैं। 

स्कूल पासआउट होने के बाद ही सांग ने फ्यूनरल इंडस्ट्री ज्वाइन कर लिया था। वो काफी इंट्रेस्ट के साथ लाशों का मेकअप करती हैं। 

जब सांग 15 साल की थी, तब उन्होंने एक ताइवानी फिल्म देखी थी। उसमें एक कैरेक्टर यही काम करता था। 

जब सांग 15 साल की थी, तब उन्होंने एक ताइवानी फिल्म देखी थी। उसमें एक कैरेक्टर यही काम करता था। 

उसी से इम्प्रेस होकर सांग भी यही करने लगी। सांग का बड़ा भाई भी फ्यूनरल इंडस्ट्री के सेल्स डिपार्टमेंट में है। इस कारण उसे एंट्री आसानी से मिल गई। 

उसी से इम्प्रेस होकर सांग भी यही करने लगी। सांग का बड़ा भाई भी फ्यूनरल इंडस्ट्री के सेल्स डिपार्टमेंट में है। इस कारण उसे एंट्री आसानी से मिल गई। 

सेकंड्री स्कूल में पढ़ाई के साथ ही सांग ने फ्यूनरल मार्केटिंग की पढ़ाई पार्ट टाइम की थी। ग्रेजुएट होते ही वो काम करने लगी। 

सेकंड्री स्कूल में पढ़ाई के साथ ही सांग ने फ्यूनरल मार्केटिंग की पढ़ाई पार्ट टाइम की थी। ग्रेजुएट होते ही वो काम करने लगी। 

एक साल की ट्रेनिंग के बाद सांग ने प्रोफेशनल मॉर्चरी मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम करने लगी। उसके मुताबिक, मर चुके लोगों को सुकून और शान्ति के साथ अंतिम विदाई देना उसे काफी पसंद है। 

एक साल की ट्रेनिंग के बाद सांग ने प्रोफेशनल मॉर्चरी मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम करने लगी। उसके मुताबिक, मर चुके लोगों को सुकून और शान्ति के साथ अंतिम विदाई देना उसे काफी पसंद है। 

लोग मर चुके लोगों के चेहरे देख कर डर जाते हैं। लेकिन मेकअप से उन्हें खूबसूरत बनाना ही उसका पेशा है। 
 

लोग मर चुके लोगों के चेहरे देख कर डर जाते हैं। लेकिन मेकअप से उन्हें खूबसूरत बनाना ही उसका पेशा है। 
 

सांग ने बताया कि शुरुआत में उसकी मां को ये काम पसंद नहीं था। लेकिन बाद में उन्होंने 

सांग ने बताया कि शुरुआत में उसकी मां को ये काम पसंद नहीं था। लेकिन बाद में उन्होंने 

कोरोना में भी उसने काम करना बंद नहीं किया है। सांग अपना फोन हमेशा अपने पास रखती हैं।   छुट्टी नहीं लेती। इस समय उसे काफी कॉल्स आते हैं। बस वो अपना मेकअप किट उठाती हैं और निकल जाती हैं। 
 

कोरोना में भी उसने काम करना बंद नहीं किया है। सांग अपना फोन हमेशा अपने पास रखती हैं।   छुट्टी नहीं लेती। इस समय उसे काफी कॉल्स आते हैं। बस वो अपना मेकअप किट उठाती हैं और निकल जाती हैं। 
 

कई बार तो उसे आधी रात को भी शवों का मेकअप करने के लिए बुला लिया जाता है। उसके परिवार वालों को आधी रात उसका जाना चिंतित कर देता है लेकिन सांग अपने काम के प्रति काफी डेडिकेटेड हैं। 

कई बार तो उसे आधी रात को भी शवों का मेकअप करने के लिए बुला लिया जाता है। उसके परिवार वालों को आधी रात उसका जाना चिंतित कर देता है लेकिन सांग अपने काम के प्रति काफी डेडिकेटेड हैं। 

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