- Home
- Viral
- चीन के लिए विभीषण बनी ये महिला, कोरोना पर अपने देश के एक-एक झूठ का सबूतों सहित किया पर्दाफाश
चीन के लिए विभीषण बनी ये महिला, कोरोना पर अपने देश के एक-एक झूठ का सबूतों सहित किया पर्दाफाश
हटके डेस्क: दुनिया में कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है। दुनिया में कोरोना संक्रमितों की संख्या 27 लाख 25 हजार पार कर गई है जबकि मौत का आंकड़ा 1 लाख 91 हजार पार कर गया है। चीन के वुहान से इस वायरस की शुरुआत हुई थी। अभी तक इस वायरस ने लगभग हर देश में अपना संक्रमण फैला दिया है। चीन को इस वायरस के कारण काफी आलोचना झेलनी पड़ रही है। दुनिया का आरोप है कि चीन अभी भी इस वायरस को लेकर झूठ बोल रहा है। चीन का कहना है कि ये वायरस चमगादड़ खाने से इंसानों में पहुंचा, जहां से अब ये संक्रमण एक से दूसरे इंसान में फैलता जा रहा है। अब चीन से एक डायरी सामने आई है, जिसे लिखने वाली ने अपने देश के सारे झूठ का पर्दाफाश कर दिया।

चीन की लेखिका फैंग-फैंग ने एक डायरी लिखी है। इस डायरी के कारण चीन काफी डर गया है। उसने लेखिका को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दी है। इस डायरी में चीन के सारे झूठ की पोल खोल दी गई है।
चीन के वुहान से शुरू हुए इस महामारी को लेकर चीन ने काफी झूठ बोला। चीन ने पहले इसकी जानकारी दुनिया को नहीं दी। आराम से इंटरनेशनल फ्लाइट्स आते-जाते रहे। जिस कारण ये वायरस कई देशों में फैल गया।
चीन ने वायरस को लैब में बनाया और उसे जानते हुए फैलाया, आशंका जताई जाती है। अब चीन के वुहान में रहने वाली फैंग-फैंग ने एक डायरी में 72 दिनों तक के लॉकडाउन की सारी तस्वीरें लिख डाली है। इसमें वुहान में वायरस से हुई मौतों का पूरा लेखा-जोखा है।
इस डायरी में वो सारा सच है, जिसे चीन दुनिया से छिपा रहा है। इसमें उन्होंने वायरस की शुरुआत से लेकर अब तक के सारे अपडेट्स लिख डाले हैं।
फैंग-फैंग ने वुहान में इस लॉकडाउन के कारण पैदा हुई स्थिति, चीन द्वारा सारे सबूतों को छिपाने की कोशिश, अस्पतालों में मरीजों की बुरी हालत, सबके बारे में लिख डाला। साथ ही डायरी को फैंग-फैंग ने ऑनलाइन भी पब्लिश कर दिया।
इसके बाद चीन फैंग-फैंग पर भड़क गया। चीन अपने देश से किसी भी वीडियो या खबर को पूरी तरह फ़िल्टर कर दुनिया को बताता है। लेकिन फैंग-फैंग की वजह से सारी पोल खुल गई।
फैंग-फैंग की ये डायरी इंग्लिश और जर्मन में पब्लिश हुई है। इसमें फैंग-फैंग ने हर एक छोटी बात का जिक्र किया है। डायरी में फैंग-फैंग ने लिखा कि जब दुनिया को इसके बारे में नहीं पता था, तब ही चीन के डॉक्टरों ने सरकार को बता दिया था कि ये वायरस काफी खतरनाक है।
फैंग-फैंग के मुताबिक, ये सच है कि चीन ने दुनिया से मौत का आंकड़ा छिपाया है। उसने कई तस्वीरों के जरिये अपनी बात के सबूत दिए।
डायरी के मुताबिक, चीन ने काफी कुछ छिपाया है। दुनिया को दिखाने के लिए अस्पतालों का निर्माण करवाया गया। लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं मौजूद था। मरीजों को देखने वाला कोई नहीं था। तड़पते हुए लोगों ने दम तोड़ दिया।
लाशों का ऐसा अम्बार था कि शव वाहन एक दिन में कई बारे कब्रिस्तान के चक्कर लगाता था। ऐसे में मौत का जो आंकड़ा चीन ने जारी किया है, वो काफी कम है।
चीन में कोरोना का पहला मरीज 1 दिसंबर को ही मिल गया था लेकिन जनवरी तक फ्लाइट्स जारी रही। 23 जनवरी को चीन को लॉकडाउन किया गया। लेकिन तब तक ना सिर्फ दुनिया बल्कि खुद चीन में भी हालात बदतर हो चुके थे।
इस डायरी के सामने आने के बाद अब तक जिन बातों का शक जताया जा रहा था, वो कंफर्म हो गया। चीन ने अभी तक अपनी गलती नहीं मानी है और बाकायदा दुनिया से इसे लेकर बहस कर रहा है। अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि अगर ये चीन की साजिश है, तो उसे भारी नुकसान चुकाना पड़ेगा।
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News