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इस देश में कोरोना के नाम पर मर्दों को बनाया जा रहा नपुंसक, शरीर में डाल रहे महिलाओं के हार्मोन्स

First Published Apr 28, 2020, 3:40 PM IST
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हटके डेस्क: दुनिया में कोरोना का कहर  हर दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। इस वायरस ने अभी तक दुनिया में तीस लाख से अधिक लोगों को संक्रमित कर  दिया है। साथ ही इससे मरने वालों का आंकड़ा भी दो लाख के पार है। साथ ही ये आंकड़ा हर दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक इस वायरस का कोई इलाज नहीं मिला है। सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग से ही इससे बचा जा सकता है। कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने लोगों को डिसइंफेक्ट इंजेक्ट करने को कहा था लेकिन इस उपाय को डॉक्टर्स ने सिरे से  नकार दिया। अब अमेरिका में डॉक्टर्स बिना किसी ठोस बेस के मर्दों को एस्ट्रोजन दे रहे हैं। एस्ट्रोजन महिलाओं में पाया जाने वाला सेक्स हार्मोन है। लेकिन अब इस हार्मोन को अमेरिका में डॉक्टर्स मर्दों के शरीर में डाल रहे हैं। लेकिन इससे ये भी डर है कि कहीं इससे मर्दों में किसी तरह की कमी ना आ जाए। या इससे मर्द नपुंसक ना बन जाए। इसके पीछे एक ख़ास वजह है... 

पूरी दुनिया में कोरोना का कहर बरप रहा है। दुनिया में संक्रमण के जो मामले हैं, उनमें सबसे ज्यादा मर्द ही प्रभावित हैं। मरने वालों में महिलाओं की संख्या काफी कम है। 

पूरी दुनिया में कोरोना का कहर बरप रहा है। दुनिया में संक्रमण के जो मामले हैं, उनमें सबसे ज्यादा मर्द ही प्रभावित हैं। मरने वालों में महिलाओं की संख्या काफी कम है। 

 इस आधार पर कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन की वजह से महिलाएं इस वायरस से लड़ पा रही हैं। एस्ट्रोजन सेक्स हार्मोन है, जो महिलाओं की बॉडी में है। 

 इस आधार पर कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन की वजह से महिलाएं इस वायरस से लड़ पा रही हैं। एस्ट्रोजन सेक्स हार्मोन है, जो महिलाओं की बॉडी में है। 

न्यूयॉर्क के स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया के सीडर्स सिनाई ने अब कोरोना से पुरुषों  को बचाने के लिए उनकी बॉडी में एस्ट्रोजन डाल रहे हैं। 

न्यूयॉर्क के स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया के सीडर्स सिनाई ने अब कोरोना से पुरुषों  को बचाने के लिए उनकी बॉडी में एस्ट्रोजन डाल रहे हैं। 

ऐसा कर रिसर्चर्स ये देखने की कोशिश कर रहे हैं कि एस्ट्रोजन के शरीर में डाले जाने से पुरुषीं में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है या नहीं। 

ऐसा कर रिसर्चर्स ये देखने की कोशिश कर रहे हैं कि एस्ट्रोजन के शरीर में डाले जाने से पुरुषीं में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है या नहीं। 

रिसर्चर्स का कहना है कि हो सकता है कि एस्ट्रोजन के बॉडी में डाले जाने से पुरुषों में कोरोना से लड़ने की क्षमता बढ़ जाएगी। 

रिसर्चर्स का कहना है कि हो सकता है कि एस्ट्रोजन के बॉडी में डाले जाने से पुरुषों में कोरोना से लड़ने की क्षमता बढ़ जाएगी। 

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, इस थियोरी पर काम शुरू किया जा चुका है। दरअसल, अभी तक इस वायरस से सबसे ज्यादा पुरुष ही अफेक्ट हो रहे हैं। इसलिए रिसर्चर्स ने ये कदम उठाया है। 

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, इस थियोरी पर काम शुरू किया जा चुका है। दरअसल, अभी तक इस वायरस से सबसे ज्यादा पुरुष ही अफेक्ट हो रहे हैं। इसलिए रिसर्चर्स ने ये कदम उठाया है। 

मार्च में दुनिया में हुए कोरोना से मौत में सत्तर प्रतिशत मर्द थे। वहीं चीन में 65 प्रतिशत कोरोना संक्रमित पुरुष ही हैं। 

मार्च में दुनिया में हुए कोरोना से मौत में सत्तर प्रतिशत मर्द थे। वहीं चीन में 65 प्रतिशत कोरोना संक्रमित पुरुष ही हैं। 

चीन ने इसकी वजह पुरुषों में सिगरेट और शराब की लत बताई जा रही है। लेकिन कई देशों ने इस लॉजिक को नकार दिया है। 
 

चीन ने इसकी वजह पुरुषों में सिगरेट और शराब की लत बताई जा रही है। लेकिन कई देशों ने इस लॉजिक को नकार दिया है। 
 

अमेरिका में  कोरोना से मौत का 60 प्रतिशत आंकड़ा मर्दों का है। अब एस्ट्रोजन के जरिये मर्दों के  इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। 

अमेरिका में  कोरोना से मौत का 60 प्रतिशत आंकड़ा मर्दों का है। अब एस्ट्रोजन के जरिये मर्दों के  इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। 

अगले हफ्ते तक इस रिसर्च का आउटकम  निकल जाएगा। इसके बाद रिसर्चर्स आगे इस फील्ड में अन्य टेस्ट करेंगे। 

अगले हफ्ते तक इस रिसर्च का आउटकम  निकल जाएगा। इसके बाद रिसर्चर्स आगे इस फील्ड में अन्य टेस्ट करेंगे। 

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