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खुदाई के दौरान मिला 2 हजार साल पुराना कैंटीन, डिब्बे में था कुत्ते का मांस, साथ ही इन खानों की थी डिमांड

First Published Dec 27, 2020, 10:49 AM IST
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हटके डेस्क: दुनिया का इतिहास पुराना है। कई सभ्यताएं और संस्कृति समय के साथ या तो अपने आप गायब हो गई या किसी आपदा की वजह से तबाह हो गए। इन्ही शहरों में एक था पोम्पेई शहर। इटली के इस शहर का नामों-निशान यहां हुए विनाशकारी ज्वालामुखी की वजह से मिट गया था। दो हजार साल पहले तबाह हो चुके इस शहर की खुदाई में इतिहासकारों का काफी इंट्रेस्ट रहा है। कई जमे हुए डेड बॉडीज इससे निकाले गए हैं, जो गर्म राख के अंदर प्रिजर्व हो गए थे। अब इस शहर से दबे हुए कैंटीन की तस्वीरें सामने आई है। ये कैंटीन दो हजार साल पुरानी है। साथ ही इसमें कुछ  डिब्बों में खाने के आइटम भी मिले हैं। इस फ़ास्ट फ़ूड कैंटीन में मेन्यू कार्ड दीवारों पर छापे गए थे ताकि अनपढ़ लोग तस्वीरों को देखकर ऑर्डर कर सके। इस कैंटीन में कई चूल्हे मिले, जिसमें गर्मागर्म खाना बनाकर लोगों को सर्व किया जाता था। इसे thermopolium कहा जाता था। इस तरह की कैंटीन में खाना गर्म रखने के लिए कंटेनर नहीं, बल्कि मिट्टी की हांडियों का इस्तेमाल किया जाता था। 

इटली का प्राचीन शहर पोम्पेई सदियों पहले हुए भयानक ज्वालामुखी विस्फोट में तबाह हो गया था। अब इस शहर की लेटेस्ट तस्वीरें सामने आई है, जो यहां बने एक कैंटीन की है। ये कैंटीन भी विस्फोट में दब गया था। लेकिन इसे पुरातत्वविदों ने काफी अच्छी हालत में दुबारा खोद कर बाहर निकाला है। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

इटली का प्राचीन शहर पोम्पेई सदियों पहले हुए भयानक ज्वालामुखी विस्फोट में तबाह हो गया था। अब इस शहर की लेटेस्ट तस्वीरें सामने आई है, जो यहां बने एक कैंटीन की है। ये कैंटीन भी विस्फोट में दब गया था। लेकिन इसे पुरातत्वविदों ने काफी अच्छी हालत में दुबारा खोद कर बाहर निकाला है। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

ये कैंटीन किसी स्ट्रीट फ़ूड की दुकान जैसा है। सबसे ख़ास बात कि इसकी दीवारों पर मेन्यू की तस्वीरें बनाई गई है। यहां गर्मागर्म खाना और ड्रिंक्स मिलते थे। साथ ही पास से गुजरने वाले रोमन लोग यहां खाना खाने को ठहरते थे। इस खोज के बाद अब पता किया जा रहा है कि आखिर उस समय लोग ऐसी कैंटीन में क्या खाना पसंद करते थे। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

ये कैंटीन किसी स्ट्रीट फ़ूड की दुकान जैसा है। सबसे ख़ास बात कि इसकी दीवारों पर मेन्यू की तस्वीरें बनाई गई है। यहां गर्मागर्म खाना और ड्रिंक्स मिलते थे। साथ ही पास से गुजरने वाले रोमन लोग यहां खाना खाने को ठहरते थे। इस खोज के बाद अब पता किया जा रहा है कि आखिर उस समय लोग ऐसी कैंटीन में क्या खाना पसंद करते थे। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

पोम्पेई एंथ्रोपोलॉजिस्ट की स्टाफ, वलेरिया अमोरेट्टी ने बताया कि कैंटीन के पास दीवारों के ऊपर बनी तस्वीरों से साफ़ पता चलता है कि ये इनका मेन्यू कार्ड है। इसे अनपढ़ लोगों की मदद के लिए बनाया गया होगा ताकि उन्हें ऑर्डर करने में दिक्कत ना हो। हालांकि, अभी ये कन्फर्म नहीं है।  (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

पोम्पेई एंथ्रोपोलॉजिस्ट की स्टाफ, वलेरिया अमोरेट्टी ने बताया कि कैंटीन के पास दीवारों के ऊपर बनी तस्वीरों से साफ़ पता चलता है कि ये इनका मेन्यू कार्ड है। इसे अनपढ़ लोगों की मदद के लिए बनाया गया होगा ताकि उन्हें ऑर्डर करने में दिक्कत ना हो। हालांकि, अभी ये कन्फर्म नहीं है।  (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

इस साइट से खोजकर्ताओं को खाने का कुछ अंश भी मिला है। इसमें एक छोटे से कुत्ते की हड्डियां मिली है। साथ ही  तबाही से पहले बने खाने के पोर्शन भी बरामद किये गए हैं। ये सभी आइटम्स डिब्बों में अभी तक बंद हैं। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

इस साइट से खोजकर्ताओं को खाने का कुछ अंश भी मिला है। इसमें एक छोटे से कुत्ते की हड्डियां मिली है। साथ ही  तबाही से पहले बने खाने के पोर्शन भी बरामद किये गए हैं। ये सभी आइटम्स डिब्बों में अभी तक बंद हैं। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये खोज उस दौर में रह रहे लोगों की जिंदगी के बारे में कई जानकारियां हासिल करने में मदद करेगी। इसमें पोम्पेई के लोगों की लाइफस्टाइल की भी झलक मिलेगी। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से) 
 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये खोज उस दौर में रह रहे लोगों की जिंदगी के बारे में कई जानकारियां हासिल करने में मदद करेगी। इसमें पोम्पेई के लोगों की लाइफस्टाइल की भी झलक मिलेगी। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से) 
 

अभी तक एक्सपर्ट्स ने साइट देखकर जो बताया उसमें एक अहम जानकारी ये भी है कि इस कैंटीन में शहर के रईस नहीं, बल्कि आम लोग खाने आते थे। आसपास के वातावरण और बैठने की व्यवस्था के हिसाब से इसका अंदाजा लगाया गया है। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

अभी तक एक्सपर्ट्स ने साइट देखकर जो बताया उसमें एक अहम जानकारी ये भी है कि इस कैंटीन में शहर के रईस नहीं, बल्कि आम लोग खाने आते थे। आसपास के वातावरण और बैठने की व्यवस्था के हिसाब से इसका अंदाजा लगाया गया है। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

साइंटिस्ट्स को साइट से कई तरह की हड्डियां मिली है। ये हड्डियां उन जानवरों की हो सकती है जिसका मांस यहां बनाकर खिलाया जाता था। साथ ही यहां से वाइन की भी कुछ बोतलें मिली हैं। ये हादसे से पहले सर्व करने के लिए निकाली गई होंगी। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

साइंटिस्ट्स को साइट से कई तरह की हड्डियां मिली है। ये हड्डियां उन जानवरों की हो सकती है जिसका मांस यहां बनाकर खिलाया जाता था। साथ ही यहां से वाइन की भी कुछ बोतलें मिली हैं। ये हादसे से पहले सर्व करने के लिए निकाली गई होंगी। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

कैंटीन की खुदाई के दौरान एक्सपर्ट्स को ब्रॉन्ज की लालटेन और कई रोमन बर्तन मिले हैं। यहां के चूल्हे भी अलग तरह के हैं जिसमें खाना गर्म रखा जाता था। साथ ही तेल के डिब्बे भी हाथ लगे हैं। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)
 

कैंटीन की खुदाई के दौरान एक्सपर्ट्स को ब्रॉन्ज की लालटेन और कई रोमन बर्तन मिले हैं। यहां के चूल्हे भी अलग तरह के हैं जिसमें खाना गर्म रखा जाता था। साथ ही तेल के डिब्बे भी हाथ लगे हैं। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)
 

खुदाई के दौरान मिले अंश में कुछ इंसानी अंश भी शामिल है। इसका खुलासा अथॉरिटी ने किया है। कहा जा रहा है कि हो सकता है कि ये रसोइये हों, जो कैंटीन में खाना बनाते थे। या फिर ये ग्राहक भी हो सकते हैं जो हादसे के वक्त वहां खाने आए होंगे। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

खुदाई के दौरान मिले अंश में कुछ इंसानी अंश भी शामिल है। इसका खुलासा अथॉरिटी ने किया है। कहा जा रहा है कि हो सकता है कि ये रसोइये हों, जो कैंटीन में खाना बनाते थे। या फिर ये ग्राहक भी हो सकते हैं जो हादसे के वक्त वहां खाने आए होंगे। (तस्वीरें- गेटी इमेजेस से)

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