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कोरोना में खूंखार अपराधियों का ऐसे किया जा रहा टॉर्चर, दुनिया के सबसे खतरनाक जेल से सामने आईं ये PHOTOS
हटके डेस्क। मध्य अमेरिका के सबसे छोटे, लेकिन सघन आबादी वाले देश अल साल्वाडोर में कोरोना वायरस फैलने के बाद लगे लॉकडाउन के बीच क्राइम की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। शुक्रवार को अचानक देश में 22 लोगों की हत्या हो गई। इसके बाद वहां के प्रेसिडेंट नाइब बुकेले ने इजैल्को की जेल में बंद गैंग लीडर्स को सॉलिटरी कन्फाइनमेंट में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद जेल के अधिकारियों ने कैदियों पर सख्ती शुरू की। उन्होंने जेल में लॉकडाउन घोषित कर कैदियों को टॉर्चर करना शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि बुकेले के सत्ता में आने के बाद से देश में क्राइम काफी बढ़ा है। बुकेले पिछले साल जून में प्रेसिडेंट बने थे और देश में मार्च में लॉकडाउन लगा। अल सल्वाडोर में कोरोना के कुल 298 मामले आए हैं और इससे कुल 8 मौतें हुई हैं। फिर भी महामारी ज्यादा नहीं बढ़े, इसलिए वहां लॉकडाउन लगा दिया गया। इस बीच क्रिमिनल गैंग्स वहां काफी सक्रिय हो गए। जब अचानक एक दिन में 22 हत्याएं हुईं, तो प्रेसिडेंट बुकेले ने प्रिजन इमरजेंसी लगाने का आदेश दिया। लेकिन इस दौरान जेल के अधिकारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की पूरी तरह धज्जियां उड़ा दी। इससे प्रिजन में कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। तस्वीरों में देखें किस तरह कैदियों को जेल के अधिकारी टॉर्चर कर रहे हैं।

अल सल्वाडोर की सबसे बड़ी इजैल्को जेल में बंद कैदियों के कपड़े उतरवा कर अफसरों ने उन्हें काफी करीब-करीब बैठा दिया। कैदियों ने मास्क पहन रखे हैं, लेकिन वे एक-दूसरे से इस कदर चिपक कर बैठे हैं कि इससे उनके बीच कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है। वाकई जेल के अधिकारियों ने सुरक्षा के नजरिए से यह बहुत बड़ी चूक की है।
जेल में कैदियों के कपड़े उतरवा कर उन्हें जेल के अधिकारी टॉर्चर कर रहे हैं। इससे गैंग चलाने वाले अपराधी तो पकड़े नहीं जाएंगे, लेकिन कोरोना से ये कैदी जरूर संक्रमित हो सकते हैं।
अल सल्वाडोर की यह जेल सबसे बड़ी है और यहां सबसे खतरनाक अपराधियों को रखा जाता है। यहां हजारों की संख्या में खतरनाक अपराधी रखे गए हैं। अल सल्वाडोर में ड्रग्स का अवैध कारोबार बहुत बडे पैमाने पर होता है और गैंग वॉर भी अक्सर होते रहते हैं।
शुक्रवार को हुई 22 हत्याओं के बाद प्रेसिडेंट के आदेश के बाद जेल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई। लेकिन कैदियों को इतने नजदीक रख कर टॉर्चर करने से कोराना के संक्रमण का खतरा बढ़ा है।
कैदियों के कपड़े उतरवा कर उन्हें पास-पास बैठा कर जेल के अधिकारी उन्हें टॉर्चर कर रहे हैं। यह लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के खिलाफ है।
कैदियों के हाथ पीछे बांध कर उन्हें दौड़ाया जा रहा है। जेल के अधिकारी उन पर नजर रखे हुए हैं। अल सल्वाडोर की जेलों में कैदियों का ऐसा उत्पीड़न आम बात है, फिर भी वहां के गैंग्स पर कंट्रोल कर पाना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है।
एक-दूसरे से कैदी चिपक कर बैठे हैं। उन्हें घंटों इसी तरह से बैठाया रखा जाता है। वे हिल-डुल तक नहीं सकते। जैसे ही किसी ने हिलने की कोशिश की, तुरंत ऊपर से डंडे पड़ते हैं।
कैदियों का इस तरह से टॉर्चर दुनिया की शायद ही किसी दूसरी जेल में किया जाता हो।
कैदियों के हाथ पीछे बांध कर उन्हें उकड़ू दौड़ाया जा रहा है। इससे अपराधों पर लगाम नहीं लग सकती, क्योंकि मर्डर करने वाले अपराधी जेलों से बाहर हैं।
जेल में कैदियों का इस तरह उत्पीड़न किए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद दुनिया भर में अल सल्वाडोर के जेल अधिकारियों के इस कदम की आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि जेल अधिकारी कोरोना क खतरे को समझ नहीं पा रहे हैं। ऐसा करने से उन्हें लेने के देने पड़ जाएंगे।
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