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यहां हर 3 मिनट में कोरोना ले रही 1 जान, कब्रिस्तान में नहीं बची जगह, ऐसे जमा की जा रही लाशें
कोरोना का कहर अमेरिका में तेजी से फैलता जा रहा है। यूरोप में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें तो इटली में हुई हैं, इसके बाद लगता है कि अमेरिका इसका सबसे बड़ा शिकार बनने वाला है। वैसे तो अमेरिका के कई राज्यों में कोरोना फैल गया है, लेकिन न्यूयॉर्क में इसका कहर सबसे ज्यादा बरपा है। अमेरिका में अब तक 188, 578 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, वहीं 12,428 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क में कोरोना के मामले में अचानक तेजी आई और बड़ी संख्या में इससे लोगों की मौत होने लगी। पहले भी न्यूयॉर्क में कोरोना के मामले ज्यादा थे और इसके लिए वहां फेडरल गवर्नमेंट से ज्यादा संसाधनों की मांग की गई थी, लेकिन तब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया। न्यूयॉर्क के अस्पतालों में वेंटिलेटर्स की कमी थी।अब कोरोना ने न्यूयॉर्क में इतना भयावह रूप ले लिया है कि हर 3 मिनट पर एक मौत हो रही है और लाशों को ले जाने के लिए ट्रकों की कमी पड़ गई है। ब्रुकलिन के माउंट सिवाई हॉस्पिटल में हालत यह है कि शवों को कार्ड बोर्ड से ढक कर चेरीपिकर ट्रक में लोड किया जा रहा है। वहीं, ब्रुकलिन हॉस्पिटल सेंटर में शवों को फोर्कलिफ्ट का यूज कर ट्रकों में लोड किया जा रहा है। सोमवार को सुबह साढ़े दस बजे से शाम साढ़े चार बजे तक हर तीसरे मिनट कोरोना से एक मौत दर्ज की जा रही थी। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बिल डे ब्लासियो ने कहा कि शहर में कोरोना पीड़ितों को तेजी से इमरजेंसी मेडिकल सर्विस टीम के सुपुर्द किया जा रहा है, जो फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के साथ मिल कर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार से ही शहर के सारे होस्टलों को अस्पताल में बदल दिया गया है और कोरोना के मरीजों को रखने के लिए हजारों कमरों की व्यवस्था की गई है। कुल मिल कर कोरोना अमेरिका में भयावह रूप लेता जा रहा है। तस्वीरों में देखें वहां लोग कैसे इस खतरे से जूझ रहे हैं।
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न्यूयॉर्क के हॉस्पिटलों में कोरोना से मरने वालों को कार्डबोर्ड के पैकेट में बंद कर ट्रकों में लोड कर भेजा जा रहा है। मरने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है कि कहा जा रहा है कि कब्रिस्तानों में जगह की कमी हो सकती है।
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कोरोना से मरने वालों की लाशों को कार्ड बोर्ड के बॉक्स में रखने को मजबूर हैं हेल्थ वर्कर्स। अधिकारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे इस संकट से कैसे निपटें।
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न्यूयॉर्क के एक हॉस्पिटल में हेल्थ वर्कर एक कोरोना मरीज को इमरजेंसी में दाखिल करने के लिए ले जाते हुए। अस्पतालों में ऑक्सीजन तक की कमी हो गई है।
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एक हॉस्पिटल के बाहर एम्बुलेंस खड़ी है। एक गंभीर मरीज को इमरजेंसी में दाखिल कराने के लिए ले जाया जा रहा है।
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न्यूयॉर्क में एक हॉस्पिटल के बाहर भर्ती होने के इंतजार में कोरोना का एक गंभीर मरीज। हेल्थ वर्कर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं।
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न्यूयॉर्क के एक अस्पताल के बाहर खड़ा ट्रक। चारों तरफ से बंद इस ट्रक में कोरोना मरीजों की लाशें भरी पड़ी हैं।
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लाशों के लिए कौफीन का नहीं मिलना कुछ ऐसा ही है जैसे किसी को मरने के बाद कफन नहीं मिले। कार्डबोर्ड के डब्बे में लाश रख कर ले जाते लोग।
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न्यूयॉर्क में एक अस्पताल के आगे खड़ा एम्बुलेंस और कोरोना मरीज को अंदर ले जाते हेल्थ वर्कर।
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न्यूयॉर्क में कई होस्टलों को खाली करा कर उन्हें अस्पताल में बदल दिया गया है और वहां कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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यूएसएनएस कम्फर्ट (USNS Comfort) नेवी शिप हॉस्पिटल में 1000 बेड की व्यवस्था है। कोरोना के मरीजों का इलाज इस शिप हॉस्पिटल में किए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके बारे में जानकारी देते नेवी के अधिकारी और डॉक्टर्स।
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न्यूयॉर्क सिटी का एक घना बसा इलाका। यह बिल्कुल शांत दिख रहा है। सभी स्कूल और ऑफिस बंद हैं और लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं।
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न्यूयॉर्क के एक हॉस्पिटल में अपनी ड्यूटी में लगी एक महिला मेडिकल स्टाफ।
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कोरोना मरीजों की जांच के लिए एक उपकरण लेकर जा रही मेडिकल स्टाफ। आजकल इन्हें दिन-रात काम करना पड़ रहा है।
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एक अस्पताल के गलियारे में प्लास्टिक से ढक कर रखी गई लाशें। जब ट्रक आएंगे तो इन्हें उनमें भेज दिया जाएगा।
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न्यूयॉर्क के एक हॉस्पिटल के सामने पसरा यह सन्नाटा भयावह है।
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कुछ हॉस्पिटलों के आगे टेंट लगा दिए गए हैं, जहां तब तक मृतकों को रखा जाता है, जब तक ट्रक उन्हें ले नहीं जाते।
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रात के सन्नाटे में एक हॉस्पिटल के सामने खड़ा एम्बुलेंस और लाशों को ढोने के लिए ट्रक। ज्यादातर अस्पतालों में मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
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न्यूयॉर्क का एक बहुमंजिला अस्पताल। बाहर सन्नाटा पसरा है और अंदर मौत का तांडव चल रहा है।
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एक अस्पताल की इमरजेंसी। अंदर जगह की कमी के कारण टेंट लगाए गए हैं।
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न्यूयॉर्क में कई होस्टलों को भी अस्पताल में बदल दिया गया है। ऐसे ही एक भवन के बाहर स्टाफ के लिए टेंट की व्यवस्था की गई जो सिक्युरिटी का काम देखते हैं।
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