Viral Video Swiggy Delivery Rider: एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसने लोगों के दिलों को छू लिया है। इसमें एक स्विग्गी डिलीवरी राइडर को कुछ कस्टमर के साथ बैठकर खाना खाते हुए दिखाया गया है। शुरुआत में यह पल एक हल्के-फुल्के “लेट्स पार्टी” माहौल जैसा लगता है, लेकिन जल्द ही यह दृश्य भावनाओं से भर जाता है। नीचे देखिए वीडियो।
Swiggy Delivery Rider Emotional Video Viral: सोशल मीडिया एक्स, इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक फूड डिलीवरी राइडर, जो अपने ऑरेंज स्विग्गी यूनिफॉर्म में है, खाना खाते हुए पूरी तरह भावुक दिखाई देता है। वह बताता है कि पूरे दिन उसने कुछ नहीं खाया था, केवल सुबह एक कप चाय पी थी और इसके बाद लगातार डिलीवरी करता रहा। उसे तो यह भी याद नहीं था कि वह भूखा है... रोने लगता है। अपने दो बच्चों, एक बेटे और एक बेटी के लिए घर की जिम्मेदारियां निभाते हुए, उसने यह पल बेहद खास बताया। कस्टमर राइडर को ढांढस बंधाते हैं और पहले उसे खाना पूरा करने की सलाह देते हैं। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि वह अपने बच्चों को लेकर कस्टमर से कुछ कहता है, तब वे घर ले जाने के लिए भी एक्स्ट्रा खाना पैक करा कर देने की बात करते हैं। कुल मिला कर यह वीडियो बहुत ही भावुक करने वाला है। नीचे देखें वीडियो-
वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय
जहां कुछ लोग इस इमोशनल पल की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे संवेदनशील पलों को कैमरे में कैद कर वायरल करना सही है। आलोचकों का कहना है कि दयालुता दिखाने का मकसद कभी भी ऑनलाइन ध्यान आकर्षित करना नहीं होना चाहिए। दूसरी ओर, बहुत से लोग इसे भारतीय गिग वर्कर्स की वास्तविक चुनौतियों को उजागर करने वाला मान रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे वीडियो यह याद दिलाते हैं कि हर रोज लाखों लोग परिवार का पेट पालने के लिए लंबी मेहनत करते हैं, कभी-कभी अपनी भूख और थकान को नजरअंदाज कर देते हैं।
वीडियो में दिखी गिग वर्कर्स की हकीकत
यह वायरल वीडियो सिर्फ एक राइडर की भावनाओं तक सीमित नहीं है। यह एक बड़े सामाजिक संदेश की तरह है जो दिखाता है कि ऐप-आधारित डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोग अक्सर फिक्स सैलरी के बिना काम करते हैं और ऑर्डर की संख्या पर निर्भर रहते हैं। इसके कारण वे लंबे घंटे काम करते हैं और व्यक्तिगत जरूरतों को पीछे छोड़ देते हैं। इस क्लिप ने एक बार फिर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि दयालुता और इंसानियत छोटे-छोटे कार्यों में भी कितनी बड़ी ताकत रखती है।


