इस देश में चाकू से किया जाता है मसाज, इसके फायदे जान कर रह जाएंगे हैरान

First Published 1, Aug 2020, 2:15 PM

हटके डेस्क। अगर कोई कहे कि चाकू-छुरे का इस्तेमाल मसाज के लिए किया जाता है, तो आपको इस पर यकीन नहीं होगा। बहरहाल, यह बात सच है। पूर्वी एशियाई देश ताइवान के मसाज पार्लरों में लंबे समय से चाकू-छुरे का इस्तेमाल किया जाता है। बताया जाता है कि चाकू-छुरे से मसाज करने की यह परंपरा 2 हजार साल पुरानी है। इस परंपरा का प्रचलन चीन और जापान में भी था। इसे डाउलियाओ कहा जाता है, जिसका चीनी भाषा में मतलब होता है छुरे से मसाज। इसे नाइफ थेरेपी भी कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मसाज के इस तरीके की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं ने की थी। देखें इस अजीबोगरीब मसाज की तस्वीरें और जानें कुछ और डिटेल्स।

<p><strong>खोला गया है एजुकेशन सेंटर</strong><br />
करीब एक हजार साल जब जापान में तांग वंश का शासन था, चाकू से मसाज का यह तरीका काफी पॉपुलर था। बाद में यह चाकू मसाज का यह तरीका चीन में भी अपनाया गया। 1940 के करीब जब चीन में गृहयुद्ध चल रहा था, यह मसाज थेरेपी ताइवान में पहुंची। ताइवान में चाकू मसाज थेरेपी इतनी पॉपुलर है कि वहां की राजधानी ताइपेई में इसे सिखाने के लिए एक एजुकेशन सेंटर भी खोला गया है। </p>

खोला गया है एजुकेशन सेंटर
करीब एक हजार साल जब जापान में तांग वंश का शासन था, चाकू से मसाज का यह तरीका काफी पॉपुलर था। बाद में यह चाकू मसाज का यह तरीका चीन में भी अपनाया गया। 1940 के करीब जब चीन में गृहयुद्ध चल रहा था, यह मसाज थेरेपी ताइवान में पहुंची। ताइवान में चाकू मसाज थेरेपी इतनी पॉपुलर है कि वहां की राजधानी ताइपेई में इसे सिखाने के लिए एक एजुकेशन सेंटर भी खोला गया है। 

<p><strong>36 ब्रांच हैं इस एजुकेशन सेंटर के</strong><br />
द एनशिएंट आर्ट ऑफ नाइफ मसाज नाम के इस सेंटर के ताइवान में करीब 36 ब्रांच हैं। इनमें 15 ब्रांच पिछले 5 साल में खुले हैं। इस सेंटर का पूरा नाम डाओलियाओ आई-जिंग एजुकेशनल सेंटर है।</p>

36 ब्रांच हैं इस एजुकेशन सेंटर के
द एनशिएंट आर्ट ऑफ नाइफ मसाज नाम के इस सेंटर के ताइवान में करीब 36 ब्रांच हैं। इनमें 15 ब्रांच पिछले 5 साल में खुले हैं। इस सेंटर का पूरा नाम डाओलियाओ आई-जिंग एजुकेशनल सेंटर है।

<p><strong>कई देशों से सीखने आते हैं लोग</strong><br />
नाइफ मसाज के इस आर्ट को सीखने के लिए दुनिया के कई देशों से लोग यहां आते हैं। इन सेंटर्स में फ्रांस, कनाडा, हांगकांग और जापान के काफी लोग नाइफ मसाज के आर्ट को सीख रहे हैं।</p>

कई देशों से सीखने आते हैं लोग
नाइफ मसाज के इस आर्ट को सीखने के लिए दुनिया के कई देशों से लोग यहां आते हैं। इन सेंटर्स में फ्रांस, कनाडा, हांगकांग और जापान के काफी लोग नाइफ मसाज के आर्ट को सीख रहे हैं।

<p><strong>चीन और जापान में भूल गए लोग</strong><br />
नाइफ मसाज थेरेपी का चलन चीन और जापान में पहले काफी था। लेकिन अब वहां के लोग इसे भूल चुके हैं। अब इस थेरेपी के फायदों के बारे में जानने के बाद वे इसे फिर से अपनाना चाहते हैं।</p>

चीन और जापान में भूल गए लोग
नाइफ मसाज थेरेपी का चलन चीन और जापान में पहले काफी था। लेकिन अब वहां के लोग इसे भूल चुके हैं। अब इस थेरेपी के फायदों के बारे में जानने के बाद वे इसे फिर से अपनाना चाहते हैं।

<p><strong>क्या हैं इस मसाज थेरेपी के फायदे</strong><br />
नाइफ मसाज थेरेपी के कई फायदे बताए जाते हैं। इससे नींद अच्छी आती है। अगर किसी को नींद नहीं आने की बीमारी हो तो इस मसाज से काफी फायदा होता है। इस मसाज से शरीर का दर्द भी दूर होता है। यह मसाज थेरेपी देने वालों का कहना है कि इससे पुराना से पुराना जोड़ों का दर्द ठीक हो सकता है। </p>

क्या हैं इस मसाज थेरेपी के फायदे
नाइफ मसाज थेरेपी के कई फायदे बताए जाते हैं। इससे नींद अच्छी आती है। अगर किसी को नींद नहीं आने की बीमारी हो तो इस मसाज से काफी फायदा होता है। इस मसाज से शरीर का दर्द भी दूर होता है। यह मसाज थेरेपी देने वालों का कहना है कि इससे पुराना से पुराना जोड़ों का दर्द ठीक हो सकता है। 

<p><strong>बढ़ती है ब्यूटी</strong><br />
ताइवान के एक ऐसे ही मसाज सेंटर की डायरेक्टर हासियाओ मेई-फैंग का कहना है कि इस मसाज से ब्यूटी काफी बढ़ती है। इससे कुछ ही दिनों में स्किन की झुर्रियां खत्म हो जाती हैं और त्वचा दमकने लगती है। मेई-फैंग पिछले 15 साल से नाइफ मसाज कर रही हैं। वे इसकी ट्रेनिंग भी देती हैं।<br />
 </p>

बढ़ती है ब्यूटी
ताइवान के एक ऐसे ही मसाज सेंटर की डायरेक्टर हासियाओ मेई-फैंग का कहना है कि इस मसाज से ब्यूटी काफी बढ़ती है। इससे कुछ ही दिनों में स्किन की झुर्रियां खत्म हो जाती हैं और त्वचा दमकने लगती है। मेई-फैंग पिछले 15 साल से नाइफ मसाज कर रही हैं। वे इसकी ट्रेनिंग भी देती हैं।
 

<p><strong>मिलती है पॉजिटिव एनर्जी</strong><br />
मेई-फैंग का कहना है कि इस नाइफ मसाज से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। इससे थकान तो दूर होती ही है, लोगों का किसी भी तरह का तनाव दूर हो जाता है। जो लोग डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारी के शिकार हैं, उन्हें चाकू मसाज थेरेपी से काफी फायदा होता है। </p>

मिलती है पॉजिटिव एनर्जी
मेई-फैंग का कहना है कि इस नाइफ मसाज से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। इससे थकान तो दूर होती ही है, लोगों का किसी भी तरह का तनाव दूर हो जाता है। जो लोग डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारी के शिकार हैं, उन्हें चाकू मसाज थेरेपी से काफी फायदा होता है। 

<p><strong>बढ़ रही है पॉपुलैरिटी</strong><br />
नाइफ मसाज थेरेपी के फायदों को देखते हुए इसकी पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ती जा रही है। यूरोप के देशों में भी इस मसाज थेरेपी को लेकर लोगों का इंटरेस्ट बढ़ रहा है। ताइवान में इस थेरेपी का ट्रेनिंग सेंटर चलाने वालों का कहना है कि करीब 2 हजार साल पुरानी इस मसाज थेरेपी को दुनिया भर में लोग अपनाएंगे।  <br />
 </p>

बढ़ रही है पॉपुलैरिटी
नाइफ मसाज थेरेपी के फायदों को देखते हुए इसकी पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ती जा रही है। यूरोप के देशों में भी इस मसाज थेरेपी को लेकर लोगों का इंटरेस्ट बढ़ रहा है। ताइवान में इस थेरेपी का ट्रेनिंग सेंटर चलाने वालों का कहना है कि करीब 2 हजार साल पुरानी इस मसाज थेरेपी को दुनिया भर में लोग अपनाएंगे।  
 

loader