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चीन के अस्पताल के अंदर की भयावह तस्वीरें

First Published Feb 8, 2020, 6:00 PM IST
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चीन: कोरोनावायरस का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। चीन ने मौत के जो आंकड़े दुनिया के सामने रखे, रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो मात्र धोखा देने के लिए है। असलियत में इस वायरस ने चीन को बुरी तरह चपेट में ले लिया है। शमशान घाट के वर्कर्स के मुताबिक, सिर्फ वुहान शहर से ही हर रोज 100 से अधिक लोगों की लाश वो जला रहे हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस वायरस के कारण अभी तक कितने सारे लोग जान गंवा चुके हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर चीन के उन कैंप की तस्वीरें सामने आई, जिसमें कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा है। यहां बेहद बुरे हालातों में मरीज रहने को मजबूर हैं।  

चीन ने कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 10 दिन में हॉस्पिटल बना डाला।  एक हजार बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल की काफी चर्चा हुई थी।

चीन ने कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 10 दिन में हॉस्पिटल बना डाला। एक हजार बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल की काफी चर्चा हुई थी।

इसके अलावा चीन ने 132 आइसोलेशन कैंप बनाए हैं। इन कैंप में कोरोनावायरस के मरीज इलाज करवा रहे हैं। यहां किसी और के आने की इजाजत नहीं है।

इसके अलावा चीन ने 132 आइसोलेशन कैंप बनाए हैं। इन कैंप में कोरोनावायरस के मरीज इलाज करवा रहे हैं। यहां किसी और के आने की इजाजत नहीं है।

इन कैंप में मात्र 25 हजार 870 बेड हैं। लेकिन अब चीन में इस वायरस ने इतने सारे लोगों को चपेट में ले लिया है कि ये बेड कम पड़ रहे हैं।

इन कैंप में मात्र 25 हजार 870 बेड हैं। लेकिन अब चीन में इस वायरस ने इतने सारे लोगों को चपेट में ले लिया है कि ये बेड कम पड़ रहे हैं।

अभी तक सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, वायरस ने 638 लोगों को मौत के आगोश में सुलाया है जबकि 31 हजार 520 लोग इस वायरस की चपेट में हैं।

अभी तक सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, वायरस ने 638 लोगों को मौत के आगोश में सुलाया है जबकि 31 हजार 520 लोग इस वायरस की चपेट में हैं।

लेकिन मरीजों की संख्या के हिसाब से बेड काफी नहीं हैं। ऐसे में बड़े-बड़े हॉल्स में बेड लगाकर मरीजों को वहां शिफ्ट किया जा रहा है।

लेकिन मरीजों की संख्या के हिसाब से बेड काफी नहीं हैं। ऐसे में बड़े-बड़े हॉल्स में बेड लगाकर मरीजों को वहां शिफ्ट किया जा रहा है।

इनमें मरीजों को एक कंबल और तकिया दिया जा रहा है। मरीजों के बेड काफी नजदीक लगे हैं। हर एक चैम्बर में 30 से 40 बेड लगाए गए हैं।

इनमें मरीजों को एक कंबल और तकिया दिया जा रहा है। मरीजों के बेड काफी नजदीक लगे हैं। हर एक चैम्बर में 30 से 40 बेड लगाए गए हैं।

ऐसे में इन मरीजों की सेहत में सुधार कैसे होगा ये सोचने की बात है। लेकिन जगह की कमी के कारण इन मरीजों को इस तरह रखा जा रहा है।

ऐसे में इन मरीजों की सेहत में सुधार कैसे होगा ये सोचने की बात है। लेकिन जगह की कमी के कारण इन मरीजों को इस तरह रखा जा रहा है।

बता दें कि ये वायरस किसी को भी 15 सेकंड में अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसे में इनके शिकार लोगों को दूर रखा जा रहा है।

बता दें कि ये वायरस किसी को भी 15 सेकंड में अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसे में इनके शिकार लोगों को दूर रखा जा रहा है।

चिंता की बात ये है कि अभी तक इस वायरस को मारने के लिए वैक्सीन नहीं मिल पाया है।

चिंता की बात ये है कि अभी तक इस वायरस को मारने के लिए वैक्सीन नहीं मिल पाया है।

चीन के वुहान के मीट मार्केट से इस खतरनाक वायरस की शुरुआत हुई थी। लेकिन अब इस वायरस ने दुनिया के कई देशों को अपनी चपेट में ले लिया।

चीन के वुहान के मीट मार्केट से इस खतरनाक वायरस की शुरुआत हुई थी। लेकिन अब इस वायरस ने दुनिया के कई देशों को अपनी चपेट में ले लिया।

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