सुंदर नहीं बेहद ही खतरनाक होती हैं ये जेलीफिश, गोवा बीच 2 दिन में 100 लोगों का बना चुकी है अपना शिकार

First Published 21, Nov 2020, 10:09 AM

हटके डेस्क : दुनिया में कई तरह के जानवर पाए जाते हैं, जो लोगों के लिए तो आकर्षण का केंद्र होते ही हैं। ऐसा ही एक जीव है जेलीफिश (Jellyfish ) , जो अपने अजीबोगरीब गुण के लिए फेमस है। देखने में बहुत ही सुंदर लेकिन बेहद ही खतरनाक होती है ये फिश। इसके डंक से कोई भी इंसान पलभर में मौत की नींद सो सकता है। इस समय गोवा बीच (goa beach) के किनारों पर  जेलीफिश ने कहर मचाया हुआ है। ये खतरनाक मछली  2 दिनों में 90 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। इनमें से कुछ लोगों के हॉस्टपिटल भी ले जाना पड़ा।

<p>जेलीफिश एक प्रकार की मछली ही होती है। दुनियाभर में इसकी 1500 से भी ज्यादा प्रजातियां हैं। यह दिखने में ट्रांसपेरेंट होती हैं, लेकिन इंसानों के लिए यह बेहद ही खतरनाक भी होती हैं।&nbsp;</p>

जेलीफिश एक प्रकार की मछली ही होती है। दुनियाभर में इसकी 1500 से भी ज्यादा प्रजातियां हैं। यह दिखने में ट्रांसपेरेंट होती हैं, लेकिन इंसानों के लिए यह बेहद ही खतरनाक भी होती हैं। 

<p>कहते है जेलीफिश के डंक से कोई भी इंसान पलभर में मौत की नींद सो सकता है। इन दिनों इस जेलीफिश का आंतक गोवा में पसरा हुआ है।</p>

कहते है जेलीफिश के डंक से कोई भी इंसान पलभर में मौत की नींद सो सकता है। इन दिनों इस जेलीफिश का आंतक गोवा में पसरा हुआ है।

<p>गोवा का बागा-कैलंग्यूट बीच, जो हमेशा सैलानियों से भरा रहता है, अब वहां लोग जाने से कतरा रहे हैं। दरअसल, यहां जेलीफिश का शिकार होने के 55 से अधिक मामले सामने आए है।</p>

गोवा का बागा-कैलंग्यूट बीच, जो हमेशा सैलानियों से भरा रहता है, अब वहां लोग जाने से कतरा रहे हैं। दरअसल, यहां जेलीफिश का शिकार होने के 55 से अधिक मामले सामने आए है।

<p>इतना ही नहीं गोवा के कैंडोलिम बीच पर इस जहरीली मछली ने 10 लोगों को डंक मारा। वहीं दक्षिण गोवा में भी 25 से अधिक मामले सामने आए। हालांकि अभी तक इसके डंक से किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन जेलीफिश का शिकार हुए लोगों को इलाज की जरुरत पड़ी।</p>

इतना ही नहीं गोवा के कैंडोलिम बीच पर इस जहरीली मछली ने 10 लोगों को डंक मारा। वहीं दक्षिण गोवा में भी 25 से अधिक मामले सामने आए। हालांकि अभी तक इसके डंक से किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन जेलीफिश का शिकार हुए लोगों को इलाज की जरुरत पड़ी।

<p>बता दें कि जेलीफिश के संपर्क में आने पर शरीर में दर्द होता है और ये जिस बॉडी पार्ट के टच में आती हैं वो सुन्न हो जाता है। इसके अलावा कई केस में इनके टच की वजह से बहरेपन की भी शिकायत हो जाती है।</p>

बता दें कि जेलीफिश के संपर्क में आने पर शरीर में दर्द होता है और ये जिस बॉडी पार्ट के टच में आती हैं वो सुन्न हो जाता है। इसके अलावा कई केस में इनके टच की वजह से बहरेपन की भी शिकायत हो जाती है।

<p>कहा जाता है कि धरती पर जेलिफिश का अस्तित्व इंसानों से भी पुराना है। यह डायनासोर के काल से ही धरती पर मौजूद हैं। इसे कभी न मरने वाला जीव भी कहा जाता है।</p>

कहा जाता है कि धरती पर जेलिफिश का अस्तित्व इंसानों से भी पुराना है। यह डायनासोर के काल से ही धरती पर मौजूद हैं। इसे कभी न मरने वाला जीव भी कहा जाता है।

<p>इसके अंदर ऐसी खासियत होती है कि इसको अगर दो भागों में भी काट दिया जाए तो यह मरती नहीं हैं, बल्कि उन दोनों भागों से अलग-अलग जेलीफिश का जन्म होता है।</p>

इसके अंदर ऐसी खासियत होती है कि इसको अगर दो भागों में भी काट दिया जाए तो यह मरती नहीं हैं, बल्कि उन दोनों भागों से अलग-अलग जेलीफिश का जन्म होता है।

<p>लॉकडाउन के बाद गोवा बीच को टूरिस्ट के लिए खोल दिया गया है। लेकिन हाल में ये घटनाएं तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते लोग यहां जाने से कतरा रहे हैं।</p>

लॉकडाउन के बाद गोवा बीच को टूरिस्ट के लिए खोल दिया गया है। लेकिन हाल में ये घटनाएं तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते लोग यहां जाने से कतरा रहे हैं।