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तानाशाह के देश से भागी कैदी, कहा- कैदियों के शव का नहीं करते अंतिम संस्कार, खाद बना उगाते हैं सब्जी

First Published Apr 1, 2020, 9:09 AM IST
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हटके डेस्क: जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना के खौफ में जी रही है, उस बीच नॉर्थ कोरिया से ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। नॉर्थ कोरिया का तानशाह किम जोंग अपने सख्त नियमों के लिए बदनाम है। इस देश में लोगों के पास कोई आजादी नहीं है। ऐसे में लोग डरे-सहमे से अपनी जिंदगी बिताते हैं। अब नॉर्थ कोरिया के जेल से भागी एक कैदी ने ऐसा खुलासा किया है जो दिल को दहलाने वाला है। कैदी ने बताया कि यहां जेल में कैदियों की मौत के बाद उसकी बॉडी का अंतिम संस्कार नहीं होता। बल्कि उसके शव को खाद की तरह फसल उगाने के काम में लाया जाता है।

नॉर्थ कोरिया को रहस्य्मयी देशों में गिना जाता है। इस देश में मीडिया से लेकर लोगों की हर गतिविधि पर तानशाह की नजर रहती है।

नॉर्थ कोरिया को रहस्य्मयी देशों में गिना जाता है। इस देश में मीडिया से लेकर लोगों की हर गतिविधि पर तानशाह की नजर रहती है।

तानाशाह किम जोंग के आतंक से सभी परेशान हैं। लेकिन कोई भी उसके खिलाफ कुछ भी बोल नहीं सकता।

तानाशाह किम जोंग के आतंक से सभी परेशान हैं। लेकिन कोई भी उसके खिलाफ कुछ भी बोल नहीं सकता।

इस बीच नॉर्थ कोरिया के जेल से भागे एक कैदी ने देश के जेलों में हो रहे एक ऐसे काम के बारे में खुलासा किया, जिसे जान आपका कलेजा कांप जाएगा।

इस बीच नॉर्थ कोरिया के जेल से भागे एक कैदी ने देश के जेलों में हो रहे एक ऐसे काम के बारे में खुलासा किया, जिसे जान आपका कलेजा कांप जाएगा।

नॉर्थ कोरिया में जेल में बंद कैदियों के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता। इन शवों को खेतों में दफना दिया जाता है, जिसके बाद उसपर फसल उगाई जाती है।

नॉर्थ कोरिया में जेल में बंद कैदियों के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता। इन शवों को खेतों में दफना दिया जाता है, जिसके बाद उसपर फसल उगाई जाती है।

इन फसलों को जेल के अफसरों को खिलाया जाता है। फरार कैदी ने और भी खौफनाक खुलासे किये।

इन फसलों को जेल के अफसरों को खिलाया जाता है। फरार कैदी ने और भी खौफनाक खुलासे किये।

कैदी की पहचान किम इल सून के रूप में हुई। उसने बताया कि जेल के कुछ इलाकों में फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसी ने सुझाव दिया कि शवों से जमीन उपजाऊ हो जाएगी।

कैदी की पहचान किम इल सून के रूप में हुई। उसने बताया कि जेल के कुछ इलाकों में फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसी ने सुझाव दिया कि शवों से जमीन उपजाऊ हो जाएगी।

जब ऐसा किया गया तो वाकई फसल उगने लगी। इसके बाद तो यहां शवों पर खेती की परंपरा चल पड़ी।

जब ऐसा किया गया तो वाकई फसल उगने लगी। इसके बाद तो यहां शवों पर खेती की परंपरा चल पड़ी।

कैदी ने बताया कि अफसरों को  ट्रेनिंग दी जाती है कि कैसे शवों को बेहतरीन खाद में बदला जा सकता है। शव को कितनी दूरी में उगाना है, ये भी बताया जाता है।

कैदी ने बताया कि अफसरों को  ट्रेनिंग दी जाती है कि कैसे शवों को बेहतरीन खाद में बदला जा सकता है। शव को कितनी दूरी में उगाना है, ये भी बताया जाता है।

कैदी ने बताया कि कोरोना के कहर के बीच भी किम जोंग का अपराध कम नहीं हुआ है। वो अभी भी लोगों को उसी तरह टॉर्चर कर रहा है।

कैदी ने बताया कि कोरोना के कहर के बीच भी किम जोंग का अपराध कम नहीं हुआ है। वो अभी भी लोगों को उसी तरह टॉर्चर कर रहा है।

बता दें कि नार्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से 90 किलोमीटर दूर केचियोन कैम्प है। यहां छोटे-मोटे अपराधों के लिए लोगों को बंद कर दिया जाता है और भयंकर तरीकों से टॉर्चर किया जाता है।

बता दें कि नार्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से 90 किलोमीटर दूर केचियोन कैम्प है। यहां छोटे-मोटे अपराधों के लिए लोगों को बंद कर दिया जाता है और भयंकर तरीकों से टॉर्चर किया जाता है।

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