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Godfather मोदी की 'बेटी' को लगेगा 16 करोड़ का 1 इंजेक्शन, रईस लोगों को भी भिखारी बना सकती है ये बीमारी
हटके डेस्क: भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के लिए पूरा देश उनका परिवार है। ऐसे कई मौके देखने को मिले हैं जब मोदी ने आम लोगों की मदद सोशल नेटवर्किंग साइट पर मिली जानकारी के आधार भी कर दी है। हाल ही में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीएम को एक चिट्ठी लिखी, जिस पर एक्शन लेने की वजह से मोदी की खूब तारीफ हो रही है। मुंबई की रहने वाली 5 महीने की तीरा को ऐसी दुर्लभ बीमारी है, जिसके इलाज के लिए उसे 22 करोड़ 50 लाख रुपए का इंजेक्शन लगना है। उसके माता-पिता इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ थे। उन्होंने अपनी बेटी के लिए चंदे के जरिये 16 करोड़ जुटा लिए लेकिन बाकी के पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में मोदी ने इस इंजेक्शन से टैक्स हटवा दिया है। अब तीरा का ये इंजेक्शन 16 करोड़ में पड़ेगा। 16 करोड़ के इंजेक्शन की बात जब मीडिया के जरिये लोगों के सामने आई, तो इस बीमारी की चर्चा शुरू हो गई। आज हम आपको इस बीमारी की पूरी डिटेल देंगे, जो अच्छे खासे परिवार को भी भिखारी बना सकता है।

पांच महीने की तीरा असल में स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी नाम की बीमारी से ग्रस्त है। ये बीमारी न्यूरो मस्क्यूलर डिसऑर्डर है जिसमें शख्स की बॉडी कमजोर हो जाती है। इंसान चल-फिर नहीं पाता है। उसका बॉडी के मसल्स पर कोई कंट्रोल नहीं होता। साथ ही ये जेनेटिक बीमारी है, ऐसे में शख्स की अगली पीढ़ी में भी ये बीमारी पास हो जाती है।
तीरा भी इसी डिसऑर्डर का शिकार है। उसके ब्रेन की नर्व सेल्स और स्पाइनल कॉर्ड डैमेज है। ऐसे में इसके मसल्स को हिलने-डुलने का सन्देश ब्रेन नहीं भेज पा रहा है। जिसकी वजह से तीरा हिल नहीं पाती है। ये बीमारी समय के साथ और भी ज्यादा बढ़ती जाती है। इसका कोई इलाज नहीं है। इस वजह से दवाइयां इसपर कोई असर नहीं करती। हालांकि, स्विट्ज़रलैंड की एक कंपनी ने इसका इंजेक्शन तैयार किया है, जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है।
Zolgensma नाम के इस इंजेक्शन का एक डोज इस बीमारी को ठीक कर सकता है। मुंबई के SRCC अस्पताल में भर्ती तीरा के लिए ये इंजेक्शन अमेरिका से मंगवाया जाएगा। वहां से भारत आते हुए टैक्स जोड़कर इसकी कीमत 22 करोड़ 50 लाख रुपए हो जाएगी। इस मामले में तीरा की मदद करने के लिए पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी गई थी, जिसके बाद मोदी ने इंजेक्शन से टैक्स हटवा दिया।
अब तीरा को ये इंजेक्शन 16 करोड़ रुपए में पड़ेगा। आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये इंजेक्शन इतना महंगा क्यों है? इसे स्विट्ज़रलैंड की कंपनी नोवार्टिस ने तैयार किया है। ये इंजेक्शन जीन थेरेपी के आधार पर काम करती है। अगर 2 साल से छोटे बच्चे को, जो इस डिसऑर्डर से जूझ रहा है, उसे ये इंजेक्शन लगता है, तो उसकी जेनेटिक बीमारी ठीक की जा सकती है। ऐसे में इंजेक्शन लगने के बाद तीरा ठीक हो जाएगी।
इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी नोवार्टिस के सीईओ नरसिम्हन के मुताबिक, ये इंजेक्शन एक बड़ी खोज है। इसे 2019 में ही अप्रूवल मिला था। इसे तीन चरणों में ट्रायल के बाद रिव्यू किया गया, जिसमें इसकी कीमत 9 से 15 करोड़ रुपए फाइनल की गई। Zolgensma इंजेक्शन लगने के बाद इंसान की बॉडी में दुबारा इस बीमारी के जीन नहीं बन पाते।
बात अगर इस दुर्लभ बीमारी से निजात पाने की करें, तो Zolgensma इंजेक्शन के अलावा इसका एक और विकल्प भी है। इसका नाम Spinraza है। इसे पहले साल में 4 बार लगवाया जाता है,जिसके लिए 5 करोड़ रुपए चुकाने होते हैं। इसके बाद हर साल एक इंजेक्शन, जो 2 करोड़ में आता है। ये इंजेक्शन जिंदगी भर लेना पड़ता है। यानी ये इंजेक्शन बीमारी को जड़ से खत्म नहीं करता। जबकि तीरा को लगने वाला डोज उसे हमेशा के लिए स्वस्थ कर देगा।
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