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चमत्कार: ना IVF, ना सेरोगेसी, बिना किसी नर के ही दो कुंवारी मछलियों ने दे दिए अंडे

First Published Jan 24, 2021, 9:05 AM IST
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हटके डेस्क: प्रकृति ने दुनिया को काफी बैलेंस्ड बनाया है। हर चीज की एक प्रक्रिया है। जन्म के लिए नर और मादा की जरुरत होती है। वैसे तो इंसानों में अब जन्म के लिए कई तकनीक ईजाद हो गए हैं। इनकी मदद से प्रेग्नेंसी का सुख लिया जा सकता है। लेकिन हाल ही में न्यूजीलैंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दुनिया के तमाम वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। यहां एक एक्वेरियम में दो मादा मछलियों ने बिना किसी नर मछली की मदद से अंडे दिए। ये मादा मछलियां इस एक्वेरियम में बीते दो साल से अकेली रह रही थी। लेकिन अब इन्होने वर्जिन बर्थ दिया है। वैज्ञानिकों ने इसे विर्जिन बर्थ  मामला बताया है। साथ ही इसे बेहद दुर्लभ बताया। 

ये मामला सामने आया है न्यूजीलैंड के ऑकलैंड से। यहां के सी लाइफ केली टार्लटंस एक्वेरियम में दो मछलियों ने बिना किसी नर की मदद के अंडे दिए। इसे देख सभी हैरान हैं। 

ये मामला सामने आया है न्यूजीलैंड के ऑकलैंड से। यहां के सी लाइफ केली टार्लटंस एक्वेरियम में दो मछलियों ने बिना किसी नर की मदद के अंडे दिए। इसे देख सभी हैरान हैं। 

एक्वेरियम का कहना है कि ये दोनों मादा बीते दो साल से अकेली रह रही थीं। ऐसे में इनकी प्रेग्नेंसी ने सभी को अचंभित ही कर दिया। इन दोनों मछलियों ने न्यू ईयर से पहले अंडे दिए। 

एक्वेरियम का कहना है कि ये दोनों मादा बीते दो साल से अकेली रह रही थीं। ऐसे में इनकी प्रेग्नेंसी ने सभी को अचंभित ही कर दिया। इन दोनों मछलियों ने न्यू ईयर से पहले अंडे दिए। 

इन मछलियों की देखभाल करने वाले एंड्रू क्रिस्टीन ने बताया कि हो सकता है कि इन मछलियों ने हो सकता है कभी किसी नर के साथ प्रजनन किया हो। लेकिन इसमें नर का स्पर्म बच गया होगा।  

इन मछलियों की देखभाल करने वाले एंड्रू क्रिस्टीन ने बताया कि हो सकता है कि इन मछलियों ने हो सकता है कभी किसी नर के साथ प्रजनन किया हो। लेकिन इसमें नर का स्पर्म बच गया होगा।  

इन मछलियों का नाम निब्बल और स्पॉट रखा गया है। हालांकि, इनके अंडे देने की  प्रक्रिया में किसी नर के शामिल होने से बाकी वैज्ञानिक इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दो साल तक बॉडी में नर के स्पर्म रहना इम्पॉसिबल है। 

इन मछलियों का नाम निब्बल और स्पॉट रखा गया है। हालांकि, इनके अंडे देने की  प्रक्रिया में किसी नर के शामिल होने से बाकी वैज्ञानिक इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दो साल तक बॉडी में नर के स्पर्म रहना इम्पॉसिबल है। 

वैज्ञानिकों ने इसे वर्जिन बर्थ नाम दिया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर एंड एटमॉस्फरिक रिसर्च के मत्स्य पालन विशेषज्ञ एडेल ड्यूटिलॉय के मुताबिक, ये बिना किसी नर के बच्चे देने का पहला मामला हो सकता है। 

वैज्ञानिकों ने इसे वर्जिन बर्थ नाम दिया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर एंड एटमॉस्फरिक रिसर्च के मत्स्य पालन विशेषज्ञ एडेल ड्यूटिलॉय के मुताबिक, ये बिना किसी नर के बच्चे देने का पहला मामला हो सकता है। 

वर्जिन बर्थ में मछली की बॉडी में मौजूद अंडे बिना फर्टिलाइज हुए ही भ्रूण में बदल जाते हैं। एक्वेरियम में किसी नर की एंट्री नहीं थी। अब वर्जिन बर्थ से पैदा इन मछलियों को अलग रखा जा रहा है ताकि दूसरी बड़ी मछलियां इसे खा ना जाएं।  

वर्जिन बर्थ में मछली की बॉडी में मौजूद अंडे बिना फर्टिलाइज हुए ही भ्रूण में बदल जाते हैं। एक्वेरियम में किसी नर की एंट्री नहीं थी। अब वर्जिन बर्थ से पैदा इन मछलियों को अलग रखा जा रहा है ताकि दूसरी बड़ी मछलियां इसे खा ना जाएं।  

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