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कैंसर से हो गई महिला की मौत, अचानक कब्र में हिलने लगी बॉडी, प्लास्टिक के अंदर से चिल्लाई- मुझे बाहर निकालो

First Published Apr 15, 2020, 3:35 PM IST
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हटके डेस्क: लैटिन अमेरिकी देश पैराग्वे की एक 50 साल की महिला ओवेरियन कैंसर के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थी। ग्लेडेस रोड्रिगेड डुरेट नाम की इस महिला का इलाज कर रहे डॉक्टरों को लगा कि उसकी मौत हो गई है, क्योंकि उसके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उन्होंने इसकी जानकरी महिला के पति और उसकी बेटी को दी। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उसे लोकल फ्यूनरल होम में ले जाया गया। उसे दफनाने की तैयारी चल ही रही थी कि अचानक प्लास्टिक बैग में बंद उस महिला का शरीर हिलने-डुलने लगा और वह चिल्लाई कि उसे बैग से बाहर निकालो। उस महिला को कोरोनेल ओवीडो के सैन फर्नान्डो क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। पैराग्वे नेशनल पुलिस के मुताबिक, उस महिला को शनिवार को ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टर हेरिबेट्रो वेरा उसका इलाज कर रहे थे। भर्ती किए जाने के कुछ ही घंटों के बाद 11 बजे दिन में उन्होंने उस महिला को मृत घोषित किया था। उन्होंने उसका डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया था। लेकिन जब वह महिला ने जीवित होने के संकेत दिए तो उसे  पैराग्वे सोशल वेलफेयर इंस्टीट्यूट की मेडिकल फैसिलिटी में ऑब्जर्वेशन के लिए रखा गया है। इस मामले को पैराग्वे के टेलीविजन नेटवर्क पर भी दिखाया गया।
वहीं, कुछ ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जिनमें किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित लोगों को कोराना का शिकार बताया जा रहा है। इससे लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है। वैसे, पैराग्वे में कोरोना के अब तक कुल 159 मामले सामने आए हैं, जिनमें 7 लोगों की मौत हो चुकी है। फिर भी वहां लोगों के बाहर निकलने पर सरकार ने रोक लगा दी है, ताकि कोरोना का इन्फेक्शन ज्यादा नहीं फैल सके। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें। 

जब डॉक्टरों ने महिला को डेड घोषित कर दिया तो उसे इसी फ्यूनरल होम में लाया गया। यहां महिला प्लास्टिक बैग में हिलने-डुलने लगी।

जब डॉक्टरों ने महिला को डेड घोषित कर दिया तो उसे इसी फ्यूनरल होम में लाया गया। यहां महिला प्लास्टिक बैग में हिलने-डुलने लगी।

पैराग्वे में कोरोना की जांच के लिए लोग यहां आ रहे हैं। वैसे, यहां कोरोना के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं।
 

पैराग्वे में कोरोना की जांच के लिए लोग यहां आ रहे हैं। वैसे, यहां कोरोना के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं।
 

कोरोना को लेकर पैराग्वे में काफी सतर्कता बरती जा रही है। एक मेडिकल वर्कर पीपीई सूट में अस्पताल के बाहर खड़ा है।

कोरोना को लेकर पैराग्वे में काफी सतर्कता बरती जा रही है। एक मेडिकल वर्कर पीपीई सूट में अस्पताल के बाहर खड़ा है।

पैराग्वे में कोरोना के अलावा डेंगू का भी काफी प्रकोप फैला है। एक महिला डेंगू से बचाव के लिए सुरक्षा के उपाय करती हुई।

पैराग्वे में कोरोना के अलावा डेंगू का भी काफी प्रकोप फैला है। एक महिला डेंगू से बचाव के लिए सुरक्षा के उपाय करती हुई।

पैराग्वे के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना से बचाव के लिए डिसइन्फेक्शन का काम किया जा रहा है।
 

पैराग्वे के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना से बचाव के लिए डिसइन्फेक्शन का काम किया जा रहा है।
 

 एक शख्स ने कोरोना से बचने के लिए प्लास्टिक का बैग पहन लिया है, जबकि सभी ने मास्क भी लगा रखे हैं।
 

 एक शख्स ने कोरोना से बचने के लिए प्लास्टिक का बैग पहन लिया है, जबकि सभी ने मास्क भी लगा रखे हैं।
 

पैराग्वे में सड़कों पर जा रही कारों को रोक कर लोगों की कोरोना की जांच की जा रही है।

पैराग्वे में सड़कों पर जा रही कारों को रोक कर लोगों की कोरोना की जांच की जा रही है।

एक हेल्थ वर्कर महिलाओं से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेकर नोट कर रहा है।

एक हेल्थ वर्कर महिलाओं से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेकर नोट कर रहा है।

पैराग्वे को माफिया गिरोहों का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन कोरोना की वजह से उनके काम-काज पर भी असर पड़ा है।
 

पैराग्वे को माफिया गिरोहों का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन कोरोना की वजह से उनके काम-काज पर भी असर पड़ा है।
 

पैराग्वे में कोरोना के मामले सामने आने के बाद लोगों के बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। 

पैराग्वे में कोरोना के मामले सामने आने के बाद लोगों के बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। 

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