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यहां हर 2 मिनट में 1 मौत, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पा रहे लोग, अब उठाया ये कदम

First Published Apr 16, 2020, 3:52 PM IST
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वाशिंगटन. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का कहर जारी है। जिससे बचने के लिए अधिकांश देशों ने लॉकडाउन लागू किया हुआ है। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को सख्त बना दिया है। कोरोना वायरस के कहर से अमेरिका में अब तक 25 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 6 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। हालत यह है कि लोग अपनों के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। 

अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं, लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाग सैन एंटोनियो में इसके लिए अब अलग ही तरीका अपनाया गया है।

अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं, लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाग सैन एंटोनियो में इसके लिए अब अलग ही तरीका अपनाया गया है।

यहां लोग अपने प्रियजनों की अंतिम विदाई में शामिल हो सकते हैं। दरअसल, यहां के एक कब्रिस्तान ने ड्राइव-इन-थिएटर शुरू करने की घोषणा की है। 

यहां लोग अपने प्रियजनों की अंतिम विदाई में शामिल हो सकते हैं। दरअसल, यहां के एक कब्रिस्तान ने ड्राइव-इन-थिएटर शुरू करने की घोषणा की है। 

ड्राइव-इन-थिएटर के तहत मृतक के परिवार वाले और उनके करीबी अपनी गाड़ियों से उनके अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। 

ड्राइव-इन-थिएटर के तहत मृतक के परिवार वाले और उनके करीबी अपनी गाड़ियों से उनके अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। 

इसके लिए कब्रिस्तान में एक बहुत ही बड़ा स्क्रीन लगाया गया है, जिस पर अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया को लाइव दिखाया जाता है।

इसके लिए कब्रिस्तान में एक बहुत ही बड़ा स्क्रीन लगाया गया है, जिस पर अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया को लाइव दिखाया जाता है।

अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोग अपनी गाड़ियों से आते हैं। फिर उसकी खिड़की से शवों के ताबूत को ले जाते हुए देखते हैं। 

अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोग अपनी गाड़ियों से आते हैं। फिर उसकी खिड़की से शवों के ताबूत को ले जाते हुए देखते हैं। 

इस दौरान यदि परिवार का कोई सदस्य या मित्र कोई संदेश देना चाहता है, तो उसके लिए माइक्रोफोन की भी व्यवस्था की गई है। अपनी गाड़ी की खिड़की से ही माइक्रोफोन के पास जाकर वह संदेश दे सकता है।

इस दौरान यदि परिवार का कोई सदस्य या मित्र कोई संदेश देना चाहता है, तो उसके लिए माइक्रोफोन की भी व्यवस्था की गई है। अपनी गाड़ी की खिड़की से ही माइक्रोफोन के पास जाकर वह संदेश दे सकता है।

हॉर्न बजाकर देते हैं सम्मान
इस तरह लोगों को अपनी गाड़ियों से नहीं उतरना पड़ता और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी हो जाता है। जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो वे अपनी गाड़ियों से हॉर्न को तीन बार बजाते हैं, जो आराम, सहयोग और प्यार का प्रतीक होता है।

हॉर्न बजाकर देते हैं सम्मान

इस तरह लोगों को अपनी गाड़ियों से नहीं उतरना पड़ता और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी हो जाता है। जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो वे अपनी गाड़ियों से हॉर्न को तीन बार बजाते हैं, जो आराम, सहयोग और प्यार का प्रतीक होता है।

वैसे जो लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकते या घरों से बाहर नहीं निकल सकते, तो उनके लिए ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की भी सुविधा दी गई है। वे अपने घरों में बैठकर यह देख सकते हैं।

वैसे जो लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकते या घरों से बाहर नहीं निकल सकते, तो उनके लिए ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की भी सुविधा दी गई है। वे अपने घरों में बैठकर यह देख सकते हैं।

वर्चुअली लगते हैं गले
इतना ही नहीं, वर्चुअल गेस्ट गेस्टबुक में डिजिटल हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। अपना संदेश लिख सकते हैं और मृतक के परिजनों को वर्चुअल तरीके से गले भी लगा सकते हैं। 

वर्चुअली लगते हैं गले

इतना ही नहीं, वर्चुअल गेस्ट गेस्टबुक में डिजिटल हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। अपना संदेश लिख सकते हैं और मृतक के परिजनों को वर्चुअल तरीके से गले भी लगा सकते हैं। 

इस पूरी व्यवस्था की देखभाल करने वाले डिक टिप्स बताते हैं, 'अभी लोग मुसीबत में हैं। कई लोगो अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं पा रहे, ऐसे में हमने यह तरीका अपनाया है।'

इस पूरी व्यवस्था की देखभाल करने वाले डिक टिप्स बताते हैं, 'अभी लोग मुसीबत में हैं। कई लोगो अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं पा रहे, ऐसे में हमने यह तरीका अपनाया है।'

 कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे अमेरिका की हालत खराब होती जा रही है। यहां 24 घंटे में 30 हजार 206 केस मिले हैं। 

 कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे अमेरिका की हालत खराब होती जा रही है। यहां 24 घंटे में 30 हजार 206 केस मिले हैं। 

इसके साथ ही देश में संक्रमितों की कुल संख्या छह लाख 44 हजार 89 हो गई है। सबसे ज्यादा संक्रमित न्ययूॉर्क में कुल 11 हजार 586 मौतें हो चुकी हैं, जबकि यहां दो लाख 14 हजार 648 केस की पुष्टि हो चुकी है।

इसके साथ ही देश में संक्रमितों की कुल संख्या छह लाख 44 हजार 89 हो गई है। सबसे ज्यादा संक्रमित न्ययूॉर्क में कुल 11 हजार 586 मौतें हो चुकी हैं, जबकि यहां दो लाख 14 हजार 648 केस की पुष्टि हो चुकी है।

सबसे ज्यादा संक्रमित न्यूयॉर्क में कुल 11 हजार 586 मौतें हो चुकी हैं, जबकि यहां दो लाख 14 हजार 648 केस की पुष्टि हो चुकी है।

सबसे ज्यादा संक्रमित न्यूयॉर्क में कुल 11 हजार 586 मौतें हो चुकी हैं, जबकि यहां दो लाख 14 हजार 648 केस की पुष्टि हो चुकी है।

अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि 2022 तक सोशल डिस्टेंसिंग बना रह सकता है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाया जाता रहेगा। 
 

अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि 2022 तक सोशल डिस्टेंसिंग बना रह सकता है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाया जाता रहेगा। 
 

इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कदम कुछ सालों तक रुक-रुक कर लगाना पड़ सकता है। महामारी का वैक्सीन न होने की वजह से इसका प्रसार बढ़ता रहेगा। हार्वर्ड एटी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिसर्चर्स ने ये जानकारी दी है।

इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कदम कुछ सालों तक रुक-रुक कर लगाना पड़ सकता है। महामारी का वैक्सीन न होने की वजह से इसका प्रसार बढ़ता रहेगा। हार्वर्ड एटी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिसर्चर्स ने ये जानकारी दी है।

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