MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • वेब स्टोरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • सरकारी योजनाएं
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • फोटो
  • Home
  • World News
  • और इस तरह 'गृहयुद्ध' के मुहाने पर पहुंच गई सोने की लंका,जानिए श्रीलंका संकट के सिलसिलेवार 16 घटनाक्रम

और इस तरह 'गृहयुद्ध' के मुहाने पर पहुंच गई सोने की लंका,जानिए श्रीलंका संकट के सिलसिलेवार 16 घटनाक्रम

वर्ल्ड न्यूज डेस्क. आर्थिक संकट(economic crisis in sri lanka) से जूझ रहा श्रीलंका गृहयुद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। हिंसक प्रदर्शन से स्थिति बेहद खतरनाक हो चुकी है। इस हिंसा में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं। देश में उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश हैं। इस बीच भारत ने उन अफवाहों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया कि पूर्व पीएम महिंदा राजपक्षे भागकर भारत आ गए हैं। गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन  (GMOA) ने कहा कि अगर हिंसक स्थिति जारी रहती है, तो इससे अस्पतालों में मरीजों के दाखिले की संख्या में वृद्धि होगी, जो दवाओं और दवाओं की कमी को और बढ़ा देगा। जीएमओए की सामान्य समिति के सदस्य डॉ. प्रसाद कोलम्बेज ने नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अनुरोध किया। जीएमओए ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के पास और गाले फेस ग्रीन में निहत्थे नागरिकों पर हमले की कड़ी निंदा की। श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग (HRCSL) में IGP और आर्मी कमांडर को तलब किया। आयोग की अध्यक्ष, रोहिणी मरासिंघे, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) द्वारा एक घोषणा में बुधवार को सुबह 10 बजे आयोग के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था। वहीं, खुफिया सेवा( intelligence service) के प्रमुख मेजर जनरल सुरेश सैली को गुरुवार (12 मई) को श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग के समक्ष देश में आपातकाल की स्थिति लागू करने के कारणों की जांच करने के लिए बुलाया गया है। इधर, भारत ने मंगलवार को कहा कि ऐतिहासिक संबंधों के साथ भारत श्रीलंका के लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार का पूरा समर्थन करता है। भारत ने अब तक भोजन, दवाओं आदि जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी को कम करने के लिए श्रीलंका को 3.5 बिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक मदद दी है। पढ़िए अब तक का पूरा घटनाक्रम...

3 Min read
Author : Amitabh Budholiya
| Updated : May 11 2022, 11:12 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
116

31 मार्च-सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं की रैली में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके घर पर धावा बोला।

चुनाव आयोग ( Election Commission-EC) के अध्यक्ष निमल पुंचिहेवा( Nimal Punchihewa) का कहना है कि एक महीने से अधिक समय से सरकार के इस्तीफे की मांग कर रहे लोगों की हिंसक प्रतिक्रिया संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
 

216

1 अप्रैल-इससे पहले कि आंदोलन कोई नया रूप लेता गोटाबाया ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया। इससे सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने की व्यापक शक्तियां मिल गईं।

द आइलैंड(The Island) के साथ एक संक्षिप्त साक्षात्कार में अटॉर्नी-एट-लॉ पंचिहेवा(Attorney-at-Law Punchihewa ) ने समस्या के समाधान के लिए राजनीतिक, चुनावी और संवैधानिक सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। पुंचिहेवा ने जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा को माफ नहीं किया जा सकता है। 31 मई 1981 को जाफना पुस्तकालय में आग लगाने और जुलाई 1983 के दंगों सहित हिंसा के कृत्यों का उल्लेख करते हुए पुंचिहेवा ने कहा कि संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों को अब निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए या परिणामों का सामना करना चाहिए।

316

2 अप्रैल- श्रीलंकाई सरकार ने 36 घंटे के राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू का ऐलान किया और जगह-जगह सैनिक तैनात कर दिए गए।

416

3 अप्रैल-श्रीलंका के लगभग सभी मंत्रिमंडल ने देर रात हुई बैठक के बाद इस्तीफे का ऐलान किया। इसके साथ ही राजनीति गर्मा गई।

516

4 अप्रैल- गोटाबाया और महिंदा ने विपक्ष के साथ एकता प्रशासन(unity administration) के तहत सत्ता शेयर करने की पेशकश की, लेकिन बात नहीं बनी।

616

5 अप्रैल- गोटाबाया की मुश्किलें इसके बाद और बढ़ गईं, जब वित्त मंत्री अली साबरी ने अपनी नियुक्ति के एक दिन बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया। 

716

9 अप्रैल-गोटाबाया को हटाने की मांग को लेकर देश में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन के तहत राष्ट्रपति कार्यालय पर हजारों की संख्या में मार्च हुआ।

816

10 अप्रैल- श्रीलंका के डॉक्टरों ने कहा कि देश में जीवन रक्षक दवाओं की कमी है। यानी संकट कोरोना महामारी से भी बड़ा हो सकता है।

916

12 अप्रैल-श्रीलंका ने अपने 51 बिलियन डॉलर के विदेशी ऋण को न चुका पाने के चलते दिवालिया होने की बात कही।

1016

18 अप्रैल- राष्ट्रपति ने अपने दो भाइयों और एक भतीजे को मंत्रिमंडल से हटाया, लेकिन अपने सबसे बड़े भाई महिंदा को प्रधान मंत्री के रूप में रखकर एक नई सरकार के गठन का ऐलान किया।

1116

19 अप्रैल- पुलिस ने एक प्रदर्शनकारी को मार डाला, कई हफ्तों तक सरकार विरोधी प्रदर्शनों में यह पहली मौत थी।

1216

28 अप्रैल-श्रीलंका में आम हड़ताल के चलते सबकुछ ठप हो गया। जगह-जगह प्रदर्शन होने लगे। पहले प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, बाद में हिंसक हो उठे।

1316

4 मई-श्रीलंकाई सरकार ने बताया कि उसका उपयोग करने योग्य विदेशी भंडार घटकर 50 मिलियन डॉलर से भी कम हो गया है। यह एक बड़ी चिंता वाली बात थी।

1416

6 मई-हजारों दुकानें, स्कूल और बिजनेस बंद कर दिए गए। पब्लिक प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया।

1516

8 मई- श्रीलंकाई सरकार ने एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग के लिए बातचीत की।

यह भी पढ़ें-श्रीलंका हिंसा की शॉकिंग तस्वीरें: नायक से खलनायक हुए पूर्व PM महिंदा राजपक्षे जान बचाकर नेवल बेस में भागे

1616

9 मई- विपक्ष के साथ मिलकर एक एकता सरकार बनाने के लिए पीएम महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफा दिया।  इस बीच कोलंबो में झड़पों के बाद देशव्यापी कर्फ्यू लगाया गया। इसमें सत्तारूढ़ दल के सांसद सहित 5 लोगों की मौत हो गई।

यह भी पढ़ें-श्रीलंका में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश, प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

About the Author

AB
Amitabh Budholiya
बीएससी (बायोलॉजी), पोस्ट ग्रेजुएशन हिंदी साहित्य, बीजेएमसी (जर्नलिज्म)। करीब 25 साल का लेखन और पत्रकारिता में अनुभव। एशियानेट हिंदी में जून, 2019 से कार्यरत। दैनिक भास्कर और उसके पहले दैनिक जागरण और अन्य अखबारों में सेवाएं। 5 किताबें प्रकाशित की हैं

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
कबाड़ समझकर फेंक देते हैं SIM Card? इस शख्स ने इन्हीं से बना डाले ₹2 करोड़
Recommended image2
Breaking: मेलबर्न में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी, भारतीय समुदाय स्तब्ध
Recommended image3
अमेरिका टैरिफ गेम में भारत की बड़ी जीत: PM मोदी ने चीन-पाकिस्तान को कैसे पीछे छोड़ा?
Recommended image4
India US Trade Deal 2026: क्या सच में भारत को मिलेगा बड़ा फायदा? जानिए पूरी कहानी और असर
Recommended image5
Trump-Modi Trade Deal: क्या भारत सच में अमेरिकी सामानों पर ज़ीरो टैरिफ देगा? जानिए पूरा सच
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved