- Home
- World News
- कोरोना फैलाने वाले पर प्रकृति का कहर, बारिश में बह गए 17 हजार घर, 36 मिलियन लोग प्रभावित, देखें Photos
कोरोना फैलाने वाले पर प्रकृति का कहर, बारिश में बह गए 17 हजार घर, 36 मिलियन लोग प्रभावित, देखें Photos
नई दिल्ली. चीन में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी थी, जिसके बाद उत्तरी क्षेत्र में बारिश की वजह से करीब 120 लोगों की मौत हो गई। कई लोग गायब हैं। 12 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट था। रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई, चोंगकिंग और ऐसे करीब एक दर्जन जिलों में बारिश ने लगभग 17,000 घरों को तबाह कर दिया। करीब 5.9 बिलियन का नुकसान हो चुका है।

इस वक्त चीन के 27 प्रांतों में भारी बारिश की वजह से तबाही मची है। बुरी तरह प्रभावित इलाकों में जियांग्शी, अन्हुई, हुबेई और हुन्नान प्रांत हैं।
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ने भविष्यवाणी की कि चीन के अनहुई, हुबेई, हुनान और झेजियांग प्रांत, जिनमें दो पूर्वोत्तर प्रांत हैं, हीलोंगजियांग और जिलिन में 4 से 9 इंच तक बारिश हो सकती है।
आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने घोषणा की कि मूसलाधार बारिश से कम से कम 36 मिलियन लोग किसी न किसी तरह से प्रभावित हुए और लगभग 300,000 लोगों को क्वेंटांग नदी (Qiantang) के किनारे से निकाला गया।
चीन में 433 नदियों के ओवरफ्लो के बाद चेतावनी जारी की गई थी, जिनमें से 33 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
हाल के दिनों में आए तूफान में 54 घर ढहने के बाद जियांग्शी प्रांत में दक्षिण में 8,000 लोगों का रेस्क्यू किया गया। इस क्षेत्र में लैंडस्लाइट से लेकर बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाएं लगातार आ रही हैं।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी क्षेत्र में बाढ़ के कारण खेती पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इससे अरबों युआन का नुकसान हुआ।
इससे पहले 12 जुलाई को चीन ने जियांग्शी के पोयांग काउंटी में स्थित चीन की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील प्योंग में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया। चूंकि झील में पानी 22.52 मीटर (74 फीट) के खतरनाक स्तर तक बढ़ गया।
चीनी सरकार ने पूर्वी थिएटर कमांड ऑफ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 1500 से अधिक सैनिकों को तैनात किया। उन्हें पोयांग काउंटी और अन्य खतरनाक जगहों पर बचाव के लिए भेजा गया है।
एक रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा, चीन में सरकार ने तत्काल आपदा राहत प्रयासों की शुरुआत की। यांग्त्जी नदी के साथ इस साल दर्ज की गई औसत बारिश 1961 के बाद से सबसे ज्यादा है। अबकी बार पानी का स्तर 51 प्रतिशत बढ़ गया है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।