Inside Photos : राजनाथ सिंह वहां गए, जहां भारत के सबसे डेंजर विमान राफेल का इंजन बना

First Published 9, Oct 2019, 4:17 PM IST

पेरिस. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पेरिस के पास विलारोचे में सफरन के इंजन बनाने वाली जगह का दौरा किया। सफरन में विमानों के इंजन बनाए जाते हैं। यहीं पर राफेल के इंजन भी बनाए गए हैं। डसॉल्ट एविएशन द्वारा डिजाइन और निर्मित राफेल के लिए सफरान ने कई प्रमुख प्रणालियों और उपकरणों को बनाया है। राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा भी थे। मंगलवार को पेरिस में 'होटल डे ब्रायन रक्षा मंत्री' में राजनाथ सिंह को फ्रांसीसी रिपब्लिकन गार्ड्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त हुआ। राजनाथ सिंह भारत और पेरिस के बीच मौजूदा रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने के लिए फ्रांस की तीन दिवसीय दौरे पर हैं।

राफेल का मिसाइल सिस्टम काफी आधुनिक और बेहतर है। यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक निशाना साधने वाले हथियारों को अपने साथ ले जाने में सक्षम है।

राफेल का मिसाइल सिस्टम काफी आधुनिक और बेहतर है। यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक निशाना साधने वाले हथियारों को अपने साथ ले जाने में सक्षम है।

राफेल में तैनात  मीटिअर मिसाइल 150 किमी दूरी तक हवा में टारगेट पर सटीक निशाना लगा सकती है। मीटिअर से क्रूज मिसाइलों पर भी निशाना लगाया जा सकता है।

राफेल में तैनात मीटिअर मिसाइल 150 किमी दूरी तक हवा में टारगेट पर सटीक निशाना लगा सकती है। मीटिअर से क्रूज मिसाइलों पर भी निशाना लगाया जा सकता है।

राफेल में लगीं स्कैल्प मिसाइलें 300 किमी दूर जमीन पर स्थित टारगेट पर भी सटीक निशाना लगा सकती हैं। इन मिसाइलों से विमान जमीन से हो रहे हमले से भी सुरक्षित रखती हैं।

राफेल में लगीं स्कैल्प मिसाइलें 300 किमी दूर जमीन पर स्थित टारगेट पर भी सटीक निशाना लगा सकती हैं। इन मिसाइलों से विमान जमीन से हो रहे हमले से भी सुरक्षित रखती हैं।

राफेल में किसी भी सुरक्षित एय़रस्पेस को भेदने की क्षमता है। इसे समझने के लिए भारतीय पायलटों को कम से कम 5-6 महीने की ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी।

राफेल में किसी भी सुरक्षित एय़रस्पेस को भेदने की क्षमता है। इसे समझने के लिए भारतीय पायलटों को कम से कम 5-6 महीने की ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी।

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