MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • वेब स्टोरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • सरकारी योजनाएं
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • फोटो
  • Home
  • World News
  • 3 बार मौत के मुंह से बची महिला ने रोते हुए सुनाई गाय की दु:खद कहानी, जानें यूक्रेन में क्या हुआ उसके साथ?

3 बार मौत के मुंह से बची महिला ने रोते हुए सुनाई गाय की दु:खद कहानी, जानें यूक्रेन में क्या हुआ उसके साथ?

वर्ल्ड न्यूज. ये तस्वीरें यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र चेर्निहाइव ओब्लास्ट(CHERNIHIV OBLAST) की हैं। बेशक यहां से रूसी सैनिक चले गए हैं, लेकिन अब यहां रहने के कुछ नहीं बचा। हर तरफ भयंकर विनाश के अवशेष बिखरे पड़े हैं। रूसी हवाई हमलों ने चेर्निहाइव में ऊंची इमारतों और आस-पास के गांवों में छोटे घरों तक को निशाना बनाया। इन हमलों में क्षेत्रीय राजधानी और उसके उपनगरों में कई लोग मारे गए, सैकड़ों घायल हुए। ये हैं नर्स नताल्या सोलोमेनिक(Natalya Solomennyk), जो अपने खंडहर हो चुके घर को देखने मीलों दूर से साइकिल चलाकर पहुंची। नताल्या के घर पर तीन बार हमला हुआ। गनीमत रही कि नताल्या और उनका परिवार चेर्निहाइव, नोवोसेलिव्का के ठीक बाहर अपने गांव में एक पुराने बम आश्रय(old bomb shelter)में छुपने की वजह से बच गया। यह खबर kyivindependent.com ने प्रकाशित की है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध (Russia Ukraine War) का 12 अप्रैल को 48वां दिन है। इस दौरान मारियुपोल में 10,000 से अधिक नागरिक मारे गए। मारियुपोल के मेयर वादिम बॉयचेंको ने 11 अप्रैल को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उनके शहर की रूसी घेराबंदी में 10,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, और हफ्तों के हमलों के बाद मरने वालों की संख्या 20,000 को पार कर सकती है। मरने वालों की सही संख्या का पता लगाना संभव नहीं है। बॉयचेंको ने कहा कि मारियुपोल में अभी भी 120,000 नागरिक  फंसे हैं। 

2 Min read
Author : Amitabh Budholiya
| Updated : Apr 12 2022, 09:47 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
15

जिस पुराने बम आश्रय(old bomb shelter)में छुपकर नताल्या और उसके परिवार की जान बची, वो 1941 में बनाया गया था। यानी द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांववालों ने वहां छुपकर जान बचाई थी। नताल्या का 36 साल पुराना घर बर्बाद हो गया।  फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com

25

नताल्या ने रोते हुए बताया-चेर्निहाइव के बाहर स्थित नोवोसेलिव्का गांव 9 अप्रैल, 2022 को रूसी बमों और गोले से पूरी तरह नष्ट हो गया। मैंने अपने बच्चों को वहा जन्म दिया। मैंने उन्हें वहां पाला। मेरे पोते वहां पैदा हुए। मैंने गाय को बचाने के लिए उसे खोल दिया। सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि वह कहां है। मुझे इसके लिए खेद है।  फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com

35

यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार अकेले क्षेत्रीय राजधानी चेर्निहाइव ओब्लास्ट(CHERNIHIV OBLAST)  में रूसी हमलों में 200 नागरिकों सहित 700 लोग मारे गए हैं। जबकि पड़ोसी गांवों में कितने लोग मारे गए होंगे, इसका अभी पता नहीं है। कई शवों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।  फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com

यह भी पढ़ें-Russia Ukraine War: यूक्रेन का दावा रूस के 19500 सैनिक मारे गए, अमेरिका ने कहा-आम नागरिक हो सकते हैं टार्गेट

45

गए।  लोगों ने 21 दिन छिपकर अपनी जान बचाई। ये शेल्टर या छोटे बेसमेंट सोवियत संघ के समय बनाए गए थे। ये पिछली बार 80 साल पहले इस्तेमाल किए गए थे।  फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com

यह भी पढ़ें-यूक्रेन मसले पर नाराज यूएस प्रेसिडेंट बिडेन ने मोदी से कहा: 24 मई को QUAD समिट में आपसे मिलना चाहता हूं...

55

जिस बम शेल्टर में नताल्या छुपी हुई थीं, उसमें बच्चों, बुजुर्गों और एक गर्भवती महिला सहित 15 लोग मौजूद थे। वे सभी बच गए जबकि कई पड़ोसी मारे गए। चेर्निहाइव के बाहरी इलाके में जहां तबाही मची हुई है, वहीं 285,000 लोगों की क्षेत्रीय राजधानी को भी भारी नुकसान हुआ है। फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com

यह भी पढ़ें-यूक्रेन के मारियुपोल शहर पर हमले में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल, ब्रिटेन ने शुरू की जांच, दी चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

About the Author

AB
Amitabh Budholiya
बीएससी (बायोलॉजी), पोस्ट ग्रेजुएशन हिंदी साहित्य, बीजेएमसी (जर्नलिज्म)। करीब 25 साल का लेखन और पत्रकारिता में अनुभव। एशियानेट हिंदी में जून, 2019 से कार्यरत। दैनिक भास्कर और उसके पहले दैनिक जागरण और अन्य अखबारों में सेवाएं। 5 किताबें प्रकाशित की हैं

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
एक फांसी, कई सवाल: कौन है इरफान सुल्तानी? जिसने ट्रंप को ईरान पर सख्ती को किया मजबूर
Recommended image2
Iran Protest: 2,403 मौतों के बीच क्राउन प्रिंस का सेना को चौंकाने वाला संदेश-देखें वीडियो!
Recommended image3
ट्रेड, टैरिफ और रेयर अर्थ्स: वॉशिंगटन की गुड बुक में क्या दोबारा जगह बना पाएगा पाकिस्तान?
Recommended image4
Iran Protest: ट्रंप ने डाला आग में घी, ईरानियों को भड़काने बोल गए 1 बड़ी बात
Recommended image5
Iran Protest: मौतों का आंकड़ा 2000 के पार, एक साथ 4 मोर्चों पर जंग लड़ रहा ईरान
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2025 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved