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यूक्रेन: निप्रॉपेट्रोस में रात में गरजीं रूसी मिसाइलें, तेल डिपो और प्लांट पर निशाना, देखें बर्बादी के निशान
बुचा में रूसी सेना का नरसंहार चारों तरफ तबाही दिखा रहा है। चारों तरफ लाशों का अंबार है। सुनसान सड़कों पर सिर्फ बर्बादी के निशान हैं। मंगलवार के रात भर रूसी सेना ने यूक्रेन के निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र में एक ईंधन डिपो और एक कारखाने पर हमला किया। क्षेत्र के गवर्नर वैलेंटाइन रेज्निचेंको ने बुधवार तड़के मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर यह जानकारी दी। इस हमले में हताहतों की संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है। गवर्नर वैलेंटाइन रेज्निचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा- रात खतरनाक और कठिन थी। दुश्मन ने हमारे क्षेत्र पर हवाई हमले किए। उसने तेल डिपो और एक प्लांट पर अटैक किया। ईंधन के साथ तेल डिपो को नष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि बचाव दल अभी भी प्लांट में आग की लपटें बुझा रहे हैं।

यूक्रेन की पुलिस और जांच दल को कीव और उसके आसपास बर्बाद हुए कस्बों की खामोश सड़कें की नजर आ रही हैं। जांच दल इन सबूतों को इकट्ठे कर रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने रूसी सैनिकों और राजनेताओं पर युद्ध अपराध का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। जेलेंस्की की दावा है कि रूसी सेना दक्षिण में एक बार फिर एकत्र होकर हमले की फिराक में है।
25 वर्षीय दिमित्री इवतुशकोव, एक प्राथमिक स्कूल के एल्बम में अपनी तस्वीर देखते हुए। यह स्कूल यूक्रेन के बोरोडायंका में रूसी सेना के हमलों में ध्वस्त हो गया। रूस नागरिका इलाकों को नुकसान नहीं पहुंचाने की बात कर रहा है, जबकि यूक्रेन से आ रही ये तस्वीरें साफ तौर पर दिखाती हैं कि रूस की मंशा पूरे यूक्रेन को तबाह करने की है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूसी सैनिकों पर यूक्रेन में भीषण अत्याचार का आरोप लगाते हुए यूएन के न्यायाधिकरण के सामने युद्ध अपराध के को लाने की अपील की।
यूक्रेन के बाहरी इलाके बुचा में एक सामूहिक कब्र के बगल का दृश्य। यूक्रेन के नागरिक क्षेत्रों में इससे भी भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। इन सबूतों को संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा जाएगा और रूस पर प्रतिबंध बढ़ाने की मांग की जाएगी। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध और कड़े करने की मांग की है।
बुचा में हमलों में कितने लोगों की मौत हुई है, इसका अंदाजा अभी नहीं लगा है। घरों में लाशों का अंबार लगा है। लोगों के पालतू जानवर शवों के पास इंतजार कर रहे हैं। इन्हें उठाने के लिए लोग तक नहीं मिल रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति भी इस तबाही को देख अपने आंसू नहीं रोक सके।
बुचा में मिसाइल हमलों से इंटरनेट, बिजली और जलापूर्ति सब कुछ प्रभावित हुआ है। टेक्नीशियंस की टीम इंटरनेट ठीक करने में लगी है। यहां चारों तरफ बर्बादी के निशान नजर आ रहे हैं। यहां चारों तरफ सन्नाटा पसरा है। सड़कें और घरों में कोई चहलकदमी तक नहीं है। पालतू जानवर भी बेहाल हैं।
नरसंहार झेल रहे बुचा में स्वयंसेवक लोगों के मदद के लिए निकले। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि रूसी सेना को युद्ध अपराधों के लिए तुरंत न्याय के लिए लाया जाना चाहिए। उन्होंने रूसी सैनिकों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। जेलेंस्की ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे भयानक अत्याचार बताया है। उन्होंने कहा कि बुचा के अलावा अन्य जगहों पर भी ऐसे ही हालात हैं।
यूक्रेन से भागकर पड़ोसी दक्षिणपूर्वी पोलैंड भागकर शरण लेने पहुंची यह महिला अपने आंसू नहीं रोक सकी। अब तक यूक्रेन से लाखों लोग पड़ोसी देशों में शरण ले चुके हैं। पोलैंड, हंगरी, रोमानिया और स्लोवाक की सीमाओं पर शरणार्थियों की लाइनें लंबे समय से हैं। (सभी फोटो : एपी)
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