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मिसाइल हो या न्यूक्लियर बम...कार पर सब बेअसर; अंदर बैठे ही दुश्मन का काम तमाम कर सकते हैं ट्रम्प

First Published Feb 15, 2020, 6:33 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 और 25 फरवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा है। ट्रम्प के साथ उनकी पत्नी मेलानिया भी भारत आ रहीं हैं। दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्राध्यक्ष के भारत दौरे को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं। ट्रम्प 7 विमानों के काफिले के साथ आएंगे। इस दौरान उनके साथ उनकी कारें भी आएंगी। इस मौके पर हम उनकी खास कार के बारे में बता रहे हैं। यह कार दुनिया में सबसे शक्तिशाली कार मानी जाती है। 

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प वे शख्स हैं, जिनतकी सुरक्षा दुनिया में सबसे अधिक और सबसे आधुनिक तौर-तरीकों से सुरक्षा होती है। ट्रम्प अपने विशेष सुरक्षा इंतजाम और अपनी खास कार 'द बीस्ट' के साथ जाते हैं। उनके काफिले में करीब 14 वाहन होते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प वे शख्स हैं, जिनतकी सुरक्षा दुनिया में सबसे अधिक और सबसे आधुनिक तौर-तरीकों से सुरक्षा होती है। ट्रम्प अपने विशेष सुरक्षा इंतजाम और अपनी खास कार 'द बीस्ट' के साथ जाते हैं। उनके काफिले में करीब 14 वाहन होते हैं।

ट्रम्प जिस कार में बैठते हैं, उसे दुनिया की सबसे सुरक्षित वाहन कहा जाता है। ट्रम्प अपने खास विमान एयरफोर्स वन 747 बोइंग से चलते हैं। इसके अलावा उनके काफिले में 6 विमान और होते हैं। इसमें उनका खास हेलिकॉप्टर मैरीन वन भी होता है।

ट्रम्प जिस कार में बैठते हैं, उसे दुनिया की सबसे सुरक्षित वाहन कहा जाता है। ट्रम्प अपने खास विमान एयरफोर्स वन 747 बोइंग से चलते हैं। इसके अलावा उनके काफिले में 6 विमान और होते हैं। इसमें उनका खास हेलिकॉप्टर मैरीन वन भी होता है।

मैरीन वन की देखरेख मैरीन कमांडो टीम करती है। हालांकि, इसका इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दौरान करते हैं। अंदरूनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ट्रम्प की टीम संभालती है। वहीं, बाहरी घेरे की सुरक्षा स्थानीय पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की रहती है।

मैरीन वन की देखरेख मैरीन कमांडो टीम करती है। हालांकि, इसका इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दौरान करते हैं। अंदरूनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ट्रम्प की टीम संभालती है। वहीं, बाहरी घेरे की सुरक्षा स्थानीय पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की रहती है।

कैसा होता है काफिला?  : काफिले में सबसे आगे बीएमडब्ल्यू होती है। इसके बाद एसयूवी और लिमोजिन कारें चलती हैं। पहली कार में हथियारबंद एजेंट्स, सीक्रेट सर्विस के अफसर होते हैं। वहीं, दूसरी कार लिमोजिन द बीस्ट होती है।

कैसा होता है काफिला? : काफिले में सबसे आगे बीएमडब्ल्यू होती है। इसके बाद एसयूवी और लिमोजिन कारें चलती हैं। पहली कार में हथियारबंद एजेंट्स, सीक्रेट सर्विस के अफसर होते हैं। वहीं, दूसरी कार लिमोजिन द बीस्ट होती है।

द बीस्ट कार पूरी तरह से बमप्रूम, केमिकल अटैक और न्यूक्लियर हमले को भेदने की क्षमता रखती है। आगे इसमें कम्युनिकेशन सेंटर होता है। जहां जीपीएस से लेकर तमाम सुविधाएं होती हैं। वहीं, ड्राइवर भी जाबांज कमांडो होता है। आगे का केबिन कांच से सेपरेट होता है। पीछे 6-7 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है।

द बीस्ट कार पूरी तरह से बमप्रूम, केमिकल अटैक और न्यूक्लियर हमले को भेदने की क्षमता रखती है। आगे इसमें कम्युनिकेशन सेंटर होता है। जहां जीपीएस से लेकर तमाम सुविधाएं होती हैं। वहीं, ड्राइवर भी जाबांज कमांडो होता है। आगे का केबिन कांच से सेपरेट होता है। पीछे 6-7 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है।

जहां ट्रम्प बैठते हैं, उस सीट के पास एक बटन होता है, जहां से वे सीधे पेंटागन (अमेरिकी रक्षामंत्रालय) से बात कर सकते हैं। इसके अलावा उनके पास पैनिक बटन, ऑक्सीजन सप्लाई बटन और हथियारों से संबंधित बटन होते हैं।

जहां ट्रम्प बैठते हैं, उस सीट के पास एक बटन होता है, जहां से वे सीधे पेंटागन (अमेरिकी रक्षामंत्रालय) से बात कर सकते हैं। इसके अलावा उनके पास पैनिक बटन, ऑक्सीजन सप्लाई बटन और हथियारों से संबंधित बटन होते हैं।

कार का गेट और ग्लास अभेद्य होते हैं। गेट स्टील, एल्यूमिनियम, टिटेनियम और सिरेमिक के बने होते हैं। इन पर बम भी बेअसर होता है। इसके अलावा इस कार में ईंधन के साथ स्पेशल फोम मिक्स किया जाता है, जिससे किसी भी स्थिति में इसमें धमाका ना हो।

कार का गेट और ग्लास अभेद्य होते हैं। गेट स्टील, एल्यूमिनियम, टिटेनियम और सिरेमिक के बने होते हैं। इन पर बम भी बेअसर होता है। इसके अलावा इस कार में ईंधन के साथ स्पेशल फोम मिक्स किया जाता है, जिससे किसी भी स्थिति में इसमें धमाका ना हो।

इस कार की फ्रंट ग्रिल में आधुनिक बंदूकों को लगाया गया है। इसके अलावा हमले से निपटने के आंसू गैस भी दागा जा सकता है।

इस कार की फ्रंट ग्रिल में आधुनिक बंदूकों को लगाया गया है। इसके अलावा हमले से निपटने के आंसू गैस भी दागा जा सकता है।

कार में डोनाल्ड ट्रम्प के ब्लड ग्रुप से मेल खाता खून भी रखा जाता है। जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

कार में डोनाल्ड ट्रम्प के ब्लड ग्रुप से मेल खाता खून भी रखा जाता है। जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

इसके अलावा कार में फायर फायटिंग, टीयर गैस, मशीन गन, नाइट विजन कैमरा, खास टायर होते हैं।

इसके अलावा कार में फायर फायटिंग, टीयर गैस, मशीन गन, नाइट विजन कैमरा, खास टायर होते हैं।

ट्रम्प के पास यह कार 2018 में आई थी। इससे पहले के राष्ट्रपति कैडलक कारों का इस्तेमाल करते हैं।

ट्रम्प के पास यह कार 2018 में आई थी। इससे पहले के राष्ट्रपति कैडलक कारों का इस्तेमाल करते हैं।

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