इस बार सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस पवित्र महीने में भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने से हर मनोकामना पूरी हो सकती है, ऐसी मान्यता है। इन मंत्रों का जाप बहुत आसान है।
Shiva Powerful Mantras: भगवान शिव को हिंदू धर्म में "देवों के देव महादेव" कहा जाता है। समुद्र मंथन के समय जब विष हलाहल निकला और पूरी सृष्टि संकट में पड़ गई, तब भगवान शिव ने बिना किसी स्वार्थ के उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। इसी कारण उनका नाम नीलकंठ पड़ा। भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी पूजा में किसी प्रकार के तामझाम की जरूरत नहीं बल्कि श्रद्धा और विश्वास की आवश्यकता होती है। जल, बेलपत्र, धतूरा और आक जैसे सामान्य पदार्थ भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय हैं।आइए जानते हैं शिवभक्तों में अक्सर बोले जाने वाले भगवान शिव के 100 सबसे पावरफुल मंत्र और उनका अर्थ...
1. ऊं नमः शिवाय (हे शिव, आपको मेरा प्रणाम।)
2. ऊं शिवाय नमः (शिव को नमस्कार।)
3. ऊं महेश्वराय नमः (महेश्वर को प्रणाम।)
4. ऊं शम्भवे नमः (कल्याण करने वाले शिव को प्रणाम।)
5. ऊं हराय नमः (सभी दुख हरने वाले शिव को नमस्कार।)
6. ऊं रुद्राय नमः (रुद्र स्वरूप शिव को प्रणाम।)
7. ऊं पशुपतये नमः (सभी जीवों के स्वामी को प्रणाम।)
8. ऊं नीलकण्ठाय नमः (विष धारण करने वाले शिव को प्रणाम।)
9. ऊं त्रिलोचनाय नमः (तीन नेत्र वाले शिव को प्रणाम।)
10. ऊं चन्द्रशेखराय नमः (मस्तक पर चंद्र धारण करने वाले शिव को नमस्कार।)
11. ऊं गंगाधराय नमः (गंगा को धारण करने वाले शिव को प्रणाम।)
12. ऊं उमापतये नमः (पार्वती के पति को प्रणाम।)
13. ऊं गिरीशाय नमः (पर्वतों के स्वामी को प्रणाम।)
14. ऊं विश्वनाथाय नमः (संसार के स्वामी को नमस्कार।)
15. ऊं विश्वेश्वराय नमः (विश्व के ईश्वर को प्रणाम।)
16. ऊं त्र्यम्बकाय नमः (तीन नेत्र वाले भगवान को प्रणाम।)
17. ऊं कालेश्वराय नमः (समय के स्वामी को प्रणाम।)
18. ऊं कालकालाय नमः (काल के भी काल को नमस्कार।)
19. ऊं मृत्युंजयाय नमः (मृत्यु पर विजय पाने वाले शिव को प्रणाम।)
20. ऊं सदाशिवाय नमः (सनातन शिव को प्रणाम।)
21. ऊं ईशानाय नमः (ईशान स्वरूप शिव को नमस्कार।)
22. ऊं शूलपाणये नमः (त्रिशूल धारण करने वाले शिव को प्रणाम।)
23. ऊं पिनाकिने नमः (पिनाक धनुष धारण करने वाले शिव को नमस्कार।)
24. ऊं कपर्दिने नमः (जटाधारी शिव को प्रणाम।)
25. ऊं दिगम्बराय नमः (दिगम्बर स्वरूप शिव को नमस्कार।)
26. ऊं भूतनाथाय नमः (भूतों के स्वामी को प्रणाम।)
27. ऊं भूतभावनाय नमः (सभी प्राणियों का पालन करने वाले शिव को नमस्कार।)
28. ऊं योगेश्वराय नमः (योग के स्वामी को प्रणाम।)
29. ऊं आदियोगिने नमः (प्रथम योगी को प्रणाम।)
30. ऊं महायोगिने नमः (महान योगी शिव को नमस्कार।)
31. ऊं आशुतोषाय नमः (शीघ्र प्रसन्न होने वाले शिव को प्रणाम।)
32. ऊं भोलेनाथाय नमः (भोलेनाथ को नमस्कार।)
33. ऊं कृपानिधये नमः (करुणा के सागर शिव को प्रणाम।)
34. ऊं करुणाकराय नमः (दयालु शिव को नमस्कार।)
35. ऊं भक्तवत्सलाय नमः (भक्तों से प्रेम करने वाले शिव को प्रणाम।)
36. ऊं कृत्तिवाससे नमः (बाघ की खाल पहनने वाले शिव को प्रणाम।)
37. ऊं व्योमकेशाय नमः (आकाश समान विशाल शिव को प्रणाम।)
38. ऊं नागेश्वराय नमः (सर्पों के स्वामी को नमस्कार।)
39. ऊं भैरवाय नमः (भैरव स्वरूप शिव को प्रणाम।)
40. ऊं त्रिपुरान्तकाय नमः (त्रिपुरासुर का वध करने वाले शिव को प्रणाम।)
41. ऊं कामारये नमः (कामदेव का दहन करने वाले शिव को प्रणाम।)
42. ऊं दक्षयज्ञविनाशिने नमः (दक्ष यज्ञ का अंत करने वाले शिव को प्रणाम।)
43. ऊं अर्धनारीश्वराय नमः (शिव-शक्ति के संयुक्त स्वरूप को प्रणाम।)
44. ऊं नटराजाय नमः (नृत्य के देवता को प्रणाम।)
45. ऊं कैलाशपतये नमः (कैलाश के स्वामी को नमस्कार।)
46. ऊं परमेश्वराय नमः (सर्वोच्च ईश्वर को प्रणाम।)
47. ऊं देवदेवाय नमः (देवों के देव को प्रणाम।)
48. ऊं जगदीश्वराय नमः (जगत के स्वामी को प्रणाम।)
49. ऊं शिवशंकराय नमः (कल्याणकारी शंकर को प्रणाम।)
50. ऊं महादेवाय नमः (महादेव को नमस्कार।)
51. ऊं त्र्यम्बकं यजामहे... (महामृत्युंजय मंत्र; स्वास्थ्य, दीर्घायु और भय से मुक्ति का प्रतीक।)
52. करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा... (अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना।)
53. नमस्ते अस्तु भगवन् विश्वेश्वराय...(भगवान रुद्र को प्रणाम।)
54. ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् (शिव गायत्री मंत्र; बुद्धि और आध्यात्मिक शक्ति की कामना।)
55. ऊं हौं जूं सः (शिव बीज मंत्र; आंतरिक शक्ति और साधना का प्रतीक।)
56. ऊं हौं नमः शिवाय (शिव कृपा प्राप्त करने की भावना।)
57. ऊं नमो भगवते रुद्राय (रुद्र भगवान को प्रणाम।)
58. ऊं शिव शम्भो नमः (शिव-शंभू का स्मरण।)
59. हर हर महादेव (महादेव की जय और स्मरण।)
60. ऊं शिवाय शान्ताय नमः (शांति स्वरूप शिव को प्रणाम।)
61. ऊं ईश्वराय नमः (ईश्वर को प्रणाम।)
62. ऊं शर्वाय नमः (कल्याणकारी शिव को प्रणाम।)
63. ऊं भवाय नमः (सृष्टि के आधार को प्रणाम।)
64. ऊं उग्राय नमः (प्रचंड शक्ति को प्रणाम।)
65. ऊं भीमाय नमः (महान पराक्रमी शिव को प्रणाम।)
66. ऊं स्थाणवे नमः (अटल शिव को प्रणाम।)
67. ऊं धूर्जटये नमः (जटाधारी शिव को प्रणाम।)
68. ऊं वृषभध्वजाय नमः (नंदी ध्वज वाले शिव को प्रणाम।)
69. ऊं शितिकण्ठाय नमः (नीले कंठ वाले शिव को प्रणाम।)
70. ऊं सोमेश्वराय नमः (चंद्र के स्वामी को प्रणाम।)
71. ऊं अचलेश्वराय नमः (अचल ईश्वर को प्रणाम।)
72. ऊं ओंकारेश्वराय नमः (ओंकार स्वरूप शिव को प्रणाम।)
73. ऊं अमरेश्वराय नमः (अमर ईश्वर को प्रणाम।)
74. ऊं रामेश्वराय नमः (राम द्वारा पूजित शिव को प्रणाम।)
75. ऊं केदारेश्वराय नमः (केदारनाथ रूप शिव को प्रणाम।)
76. ऊं मल्लिकार्जुनाय नमः (ज्योतिर्लिंग स्वरूप शिव को प्रणाम।)
77. ऊं महाकालाय नमः (महाकाल को प्रणाम।)
78. ऊं ओं नमो नीललोहिताय (नीललोहित शिव को प्रणाम।)
79. ऊं विरूपाक्षाय नमः (विलक्षण नेत्र वाले शिव को प्रणाम।)
80. ऊं दयामयाय नमः (दयालु शिव को प्रणाम।)
81. ऊं सर्वेश्वराय नमः (सबके ईश्वर को प्रणाम।)
82. ऊं आनन्देश्वराय नमः (आनंद स्वरूप शिव को प्रणाम।)
83 . ऊं ज्ञानेश्वराय नमः (ज्ञान देने वाले शिव को प्रणाम।)
84. ऊं तपस्विने नमः (महान तपस्वी को प्रणाम।)
85. ऊं अनादिनाथाय नमः (आदि-अंत रहित शिव को प्रणाम।)
86. ऊं अनन्ताय नमः (अनंत स्वरूप को प्रणाम।)
87. ऊं निर्विकाराय नमः (परिवर्तन से परे शिव को प्रणाम।)
88. ऊं निराकाराय नमः (निराकार परमात्मा को प्रणाम।)
89. ऊं सच्चिदानन्दाय नमः (सत्-चित्-आनंद स्वरूप को प्रणाम।)
90. ऊं शिवोऽहम् (शिव मेरे भीतर हैं, इसका स्मरण।)
91. ऊं शंकराय नमः (शंकर को प्रणाम।)
92. ऊं विश्वरूपाय नमः (विराट स्वरूप को प्रणाम।)
93. ऊं त्रिलोकनाथाय नमः (तीनों लोकों के स्वामी को प्रणाम।)
94. ऊं परमात्मने नमः (परमात्मा को प्रणाम।)
95. ऊं भक्तप्रियाय नमः (भक्तों के प्रिय शिव को प्रणाम।)
96. ऊं कल्याणसुन्दराय नमः (कल्याणकारी और सुंदर स्वरूप को प्रणाम।)
97. ऊं अभयप्रदाय नमः (निर्भयता देने वाले शिव को प्रणाम।)
98. ऊं वरदाय नमः (वरदान देने वाले शिव को प्रणाम।)
99. ऊं मंगलमूर्तये नमः (मंगल करने वाले शिव को प्रणाम।)
100. ऊं नमः शिवाय शिवाय नमः ॐ (शिव के प्रति पूर्ण समर्पण और बार-बार वंदन।)
