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Instant Noodles: भूख से हुआ था नूडल्स का जन्म, जानें इसे सबसे पहले किसने और क्यों बनाया?
Story Behind Instant Noodles: बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई नूडल्स खाना पसंद करता है। ब्रेकफास्ट हो या शाम का स्नैक, हम इसे बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन इंस्टेंट नूडल्स को सबसे पहले किसने और क्यों बनाया था?

क्या आपको नूडल्स की कहानी पता है?
हेल्दी हो या अनहेल्दी, हम में से ज्यादातर लोग अक्सर इंस्टेंट नूडल्स खाते हैं। इन्हें बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। जिन्हें खाना बनाना नहीं आता, वे भी इसे आसानी से बना लेते हैं। स्वाद में भी ये लाजवाब होते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इतने चाव से खाए जाने वाले इन नूडल्स के पीछे एक बहुत बड़ी कहानी है? यह सिर्फ एक टेस्टी डिश नहीं है, बल्कि एक युद्ध के बाद भुखमरी से पैदा हुआ एक शानदार आविष्कार है। तो चलिए जानते हैं कि इन नूडल्स को सबसे पहले किसने और किसके लिए बनाया था।

सबसे पहले नूडल्स किसने बनाए?
जापानी बिजनेसमैन मोमोफुकु एंडो ने पूरी दुनिया में धूम मचाने वाले इंस्टेंट नूडल्स का आविष्कार किया था। आज हम बस पैकेट खोलते हैं, पानी में डालते हैं और दो मिनट में नूडल्स तैयार कर लेते हैं। लेकिन इसे बनाने के लिए मोमोफुकु एंडो ने बहुत कड़ी मेहनत की थी। साल 1958 में जापान के ओसाका में अपने घर के पीछे एक छोटे से शेड में उन्होंने महीनों तक कई एक्सपेरिमेंट किए। इसके बाद उन्होंने दुनिया के पहले इंस्टेंट नूडल्स 'चिकन रामेन' को लॉन्च किया। उन्होंने फ्लैश-फ्राइंग तकनीक का इस्तेमाल करके नूडल्स से नमी निकालने और उसका स्वाद बरकरार रखने का तरीका खोज निकाला था।
आखिर किसके लिए बनाए गए नूडल्स?
मोमोफुकु एंडो ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए इन नूडल्स को नहीं बनाया था। दूसरे विश्व युद्ध के बाद आम लोग भयानक भुखमरी का सामना कर रहे थे। उनकी भूख मिटाने के लिए एंडो ने यह कदम उठाया। 1940 के दशक के अंत में युद्ध खत्म होने के बाद जापान में खाने का भारी संकट पैदा हो गया था। लोगों के पास खाने को कुछ नहीं था। उस समय ओसाका की सड़कों पर कड़ाके की ठंड में लोग सिर्फ एक कटोरी गर्म सूप के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते थे। इस नजारे ने एंडो को अंदर तक झकझोर दिया।
करोड़ों लोगों का फेवरेट कंफर्ट फूड बन चुका है नूडल्स
उन्होंने तय किया कि वह एक ऐसा खाना बनाएंगे जो सस्ता हो, जिसे कोई भी सिर्फ गर्म पानी डालकर तुरंत बना सके और जो लंबे समय तक खराब न हो। उनका मकसद था कि अमीर-गरीब हर कोई अपनी भूख मिटा सके। इस तरह युद्ध के बाद भुखमरी से जूझ रहे आम लोगों की तकलीफ दूर करने के लिए इंस्टेंट नूडल्स का जन्म हुआ। आज यह कई फ्लेवर्स में मिलता है और करोड़ों लोगों का फेवरेट कंफर्ट फूड बन चुका है।








