Why snakes drink milk: इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को है। इस दिन नागों की पूजा की जाती है। कुछ लोग नाग को दूध भी पिलाते हैं। और भी पंरपराएं इस पर्व से जुड़ी हुई हैं।
Science behind Nag Panchami: नाग पंचमी पर सांपों की पूजा और उन्हें दूध चढ़ाने की तस्वीरें आपने जरूर देखी होंगी। कहीं लोग नाग देवता की प्रतिमा पर दूध चढ़ाते हैं तो कहीं सपेरे सांप लेकर घर-घर पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता में इसे नाग देवता को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए होता है। लेकिन जब सवाल विज्ञान का आता है, तस्वीर बिल्कुल बदल जाती है। क्या सांप वास्तव में दूध पीते हैं? क्या उनके शरीर में दूध पचाने की क्षमता होती है? आखिर नाग पंचमी पर दूध चढ़ाने की परंपरा शुरू कैसे हुई? धर्म और साइंस के नजरिए से जानते हैं इस सवाल का जवाब...
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नाग पंचमी पर दूध चढ़ाने की परंपरा कहां से आई?
नाग पूजा बहुत पुरानी धार्मिक परंपरा है। नाग पंचमी सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है और नागों को देवता के रूप में पूजने की परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रूपों में दिखाई देती है। धार्मिक परंपराओं में नागों का संबंध शेषनाग, वासुकी, तक्षक और भगवान शिव जैसी कथाओं से मिलता है। नाग पंचमी पर नागों को दूध से स्नान कराने या दूध चढ़ाने की परंपरा है। एक जगह नाग पंचमी पर वासुकी, तक्षक, कालिया आदि नागों की पूजा और दूध से स्नान कराने की मान्यता बताई गई है। यानी दूध चढ़ाना सिर्फ आधुनिक समय की बनाई हुई परंपरा नहीं है। यह नाग पूजा से जुड़ी एक पुरानी धार्मिक मान्यता है।
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अब बड़ा सवाल है- क्या सच में सांप दूध पीते हैं?
साइंस का जवाब हैः सांपों का नेचुरल भोजन दूध नहीं है। सांप सरीसृप यानी reptiles हैं और ज्यादातर सांप मांसाहारी होते हैं। उनकी नेचुरल डाइट में चूहे, मेंढक, छिपकलियां, पक्षी, मछली या दूसरे छोटे जीव हैं। दूध उनके नेचुरल भोजन का पार्ट नहीं है। इसलिए दूध सांप का किसी प्रकार का भोजन नहीं है। इसे एक आसान उदाहरण से समझिए। जैसे इंसान के लिए घास सामान्य भोजन नहीं है, उसी तरह सांप के लिए दूध सामान्य भोजन नहीं है। सांप किसी कंडीशन में अगर दूध को पी भी ले तो इसका मतलब यह नहीं कि वह उसके लिए प्राकृतिक या स्वस्थ भोजन है।
फिर नाग पंचमी पर सांप दूध पीता हुआ क्यों दिखाई देता है?
सबसे बड़ा भ्रम यही है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट (वन्यजीव विशेषज्ञ) के मुताबिक- नाग पंचमी के दौरान कुछ सपेरे सांपों को कई दिनों तक भोजन और पानी से दूर रखते थे। इन कंडीशन में भूख-प्यास से तड़प रहा सांप सामने रखा दूध या लिक्विड पदार्थ पी लेता है। यानी सांप का दूध पी लेना इस बात का सबूत नहीं है कि उसे दूध पसंद है। यह प्यास और मजबूरी की स्थिति हो सकती है।
क्या सांप के शरीर में दूध पचाने की क्षमता होती है?
सांपों का पाचन तंत्र उनके नेचुरल भोजन के हिसाब से बना है। दूध उनके सामान्य आहार का पार्ट नहीं है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट ने नाग पंचमी पर सांपों को दूध पिलाने को उनके लिए नुकसानदायक बताया है। दूध पीने से पाचन संबंधी समस्या, डिहाइड्रेशन और अन्य दूसरी दिक्कते हो सकती हैं। इसलिए ‘सांप दूध पी सकता है’ और ‘सांप को दूध पिलाना चाहिए’ - ये दो बिल्कुल अलग बातें हैं। किसी सांप का दूध पी लेना उसके लिए दूध को स्वस्थ भोजन नहीं बना देता।
सपेरे सांपों को दूध क्यों पिलाते थे?
इस परंपरा का एक सामाजिक और आर्थिक पक्ष भी रहा है। नाग पंचमी जैसे त्योहारों पर सपेरे सांप लेकर घर-घर जाते थे। लोग नाग को देवता मानकर पूजा करते और उन्हें पैसे या दूसरी चीजें देते थे।
सपेरे की बीन पर सांप ‘नाचता’ क्यों है?
नाग पंचमी से जुड़ी एक दूसरी लोकप्रिय तस्वीर भी है - सांप और सपेरा। सांप वास्तव में संगीत की धुन पर इंसानों की तरह नाचता नहीं है। सांपों के बाहरी कान नहीं होते। वे संगीत को इंसान की तरह नहीं सुनते। बीन के सामने सांप का शरीर हिलना मुख्य रूप से उसके सामने मौजूद वस्तु और सपेरे की हरकत पर उसके रिएक्शन से जुड़ा होता है। यानी दूध पीना और बीन पर नाचना - दोनों के पीछे सिर्फ आम लोगों का धार्मिक विश्वास है लेकिन साइंस इन दोनों को झूठ बताता है।
क्या दूध पिलाने से सांप की जान जा सकती है?
गलत तरीके से दूध पिलाना सांप के लिए खतरनाक हो सकता है। खासकर जब सांप पहले से भूखा-प्यासा, कमजोर या बंद अवस्था में हो।
तो नाग पंचमी पर क्या करें?
अगर आप नाग पंचमी पर पूजा करते हैं तो नाग देवता की मूर्ति, तस्वीर या शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए। लेकिन जंगल या घर के आसपास मिले किसी असली सांप को पकड़कर दूध पिलाना सही नहीं है। धार्मिक आस्था के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। कई सांप वन्यजीव कानूनों के तहत संरक्षित हैं और उन्हें पकड़ना, रखना या नुकसान पहुंचाना गैरकानूनी है।
