Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान कई तरह के दावे किए जाते हैं। ऐसा ही एक दावा है कि इस खगोलीय घटना के दौरान शरीर का वजन घट जाता है। जानें साइंटिफिक सच।
Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है। NASA के मुताबिक, यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से दिखाई देगा। भारत में यह दिखाई नहीं देगा। सूर्य ग्रहण के दौरान कई तरह के साइंटिफिक चीजें देखने और सुनने को मिलती हैं। इस दौरान कई तरह के दावे भी किए जाते हैं। ऐसा ही एक दावा किया जाता है कि इस खगोलीय घटना के समय इंसान के शरीर का वजन कुछ ग्राम कम हो जाता है। क्या ऐसा सच में होता है> क्या चांद और सूरज का गुरुत्वाकर्षण (Gravity) हमारे शरीर पर असर डालता है? और अगर डालता है तो यह असर कितना होता है? आइए जानते हैं साइंटिफिक फैक्ट्स...
क्या सूर्यग्रहण के दौरान शरीर का वजन कम हो जाता है?
सूर्य ग्रहण के दौरान आपके शरीर में मौजूद पदार्थ (Mass) की मात्रा नहीं बदलती। आप 70 किलो के हैं, तो ग्रहण लगते ही आपका शरीर 69.9 किलो का नहीं हो जाएगा। यहां जिस चीज की बात होती है, वह वजन (Weight)पर गुरुत्वाकर्षण का असर है। धरती आपको अपनी तरफ खींचती है। इसी खिंचाव की वजह से हम जमीन पर टिके रहते हैं और वेट मशीन पर वजन दिखाई देता है। इसके अलावा चांद और सूरज भी धरती और उसके आसपास मौजूद हर चीज पर गुरुत्वाकर्षण बल लगाते हैं।
फिर वजन घटने की ये थ्योरी क्या है?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूरज, चांद और हमारी धरती बिल्कुल एक सीधी लाइन में आ जाते हैं। NASA के मुताबिक, इस दौरान चांद बीच में आ जाता है और सूरज की रोशनी को धरती तक पहुंचने से रोक देता है। जब ये तीनों एक लाइन में होते हैं, तो सूरज और चांद दोनों की ग्रेविटी मिलकर धरती को अपनी तरफ यानी ऊपर की ओर खींचती है। नासा के अनुसार, चांद का यही खिंचाव हमारे समुद्रों में ज्वार-भाटा (High Tides) लाता है। इसी एक्स्ट्रा खिंचाव की वजह से धरती की ग्रेविटी का असर हम पर बहुत मामूली सा कम हो जाता है।
क्या चांद सूरज की ग्रेविटी रोक देता है?
बिल्कुल नहीं। इंटरनेट पर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि 'चांद ने सूरज को ढक लिया, इसलिए सूरज की ग्रेविटी आनी बंद हो गई और हमारा वजन घट गया।' ये दावा पूरी तरह गलत है। इसे ऐसे समझिए कि अगर आपके कमरे में एक बल्ब जल रहा है और आप उसके सामने हाथ रख दें, तो रोशनी रुक जाएगी, लेकिन बल्ब वहीं मौजूद रहेगा। ठीक वैसे ही चांद सूरज की सिर्फ रोशनी रोकता है, उसकी ग्रेविटी को नहीं।
क्या ग्रहण के वक्त वजन कम होता है?
साइंटिस्ट्स के अनुसार, गुरुत्वाकर्षण के इस खेल में माइक्रो लेवल पर यानी बेहद छोटा बदलाव होता है। लेकिन यह असर इतना मामूली है कि आपके घर की सामान्य बाथरूम वेइंग मशीन (Weighing Machine) इसे पकड़ ही नहीं सकती है। रोजाना आपके पानी पीने, खाना खाने या पसीना निकलने से आपके वजन में जितना बदलाव आता है, यह साइंटिफिक बदलाव उससे भी हजार गुना छोटा होता है। इसे सिर्फ बेहद हाईटेक साइंटिफिक मशीनों से ही नापा जा सकता है। इसलिए, अगर आप रात में तराजू या वेटिंग मशीन पर खड़े होकर किसी वजन घटने (Eclipse Discount) की उम्मीद कर रहे हैं, तो वह नहीं होगा।


