धर्म ग्रंथों में मंगलवार का खास महत्व बताया गया है। इस दिन हनुमानजी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। और भी कईं मान्यताएं इस दिन से जुड़ी हुई हैं।
Mangalwar Vrat: हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना जाता है। मंगलवार का दिन मुख्य रूप से भगवान हनुमान और मंगल ग्रह (मंगल देव) से जुड़ा है। इसलिए इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं और हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करते हैं। मान्यता है मंगलवार का व्रत साहस, शक्ति, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, शत्रुओं से रक्षा और मंगल दोष से राहत की कामना के लिए रखा जाता है। आइए जानते हैं मंगलवार का व्रत किसके लिए रखा जाता है और इसकी क्या मान्यता है।
मंगलवार का व्रत किसके लिए रखा जाता है?
1. भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए
सबसे ज्यादा लोग मंगलवार का व्रत हनुमान जी की पूजा के लिए रखते हैं। मान्यता है हनुमान जी की भक्ति करने से-
- भय कम होता है।
- मन में साहस आता है।
- कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
- नकारात्मक विचारों से बचने की प्रेरणा मिलती है।
इसी वजह से कई लोग हर मंगलवार मंदिर जाकर सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल बजरंगबली को चढ़ाते हैं।
2. मंगल ग्रह से जुड़ी मान्यताओं के लिए
वैदिक ज्योतिष में मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष (मांगलिक दोष) होता है, वो लोग मंगलवार का व्रत या विशेष पूजा करते हैं।
3. स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति की कामना
बहुत से श्रद्धालु यह व्रत अपने और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, मानसिक मजबूती और सकारात्मक ऊर्जा की कामना से भी रखते हैं।
4. विवाह संबंधी मान्यताएं
कुंवारे लड़के-लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से भी मंगलवार का व्रत रखते हैं।
मंगलवार व्रत कैसे रखा जाता है?
अलग-अलग परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्य रूप से लोग-
- सुबह स्नान करके लाल या साफ वस्त्र पहनते हैं।
- भगवान हनुमान की पूजा करते हैं।
- हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करते हैं।
- लाल फूल, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करते हैं।
- कई लोग एक समय सात्विक भोजन करते हैं।
- कुछ लोग नमक रहित भोजन भी करते हैं।
क्या मंगलवार को नमक नहीं खाना चाहिए?
कुछ लोग व्रत के दौरान नमक या सामान्य भोजन से परहेज करते हैं, जबकि कुछ फलाहार करते हैं। यह परिवार, गुरु या स्थानीय परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
मंगलवार व्रत का सबसे बड़ा संदेश क्या है?
धार्मिक दृष्टि से मंगलवार का व्रत केवल भोजन छोड़ने का नाम नहीं है। इसका उद्देश्य है-
- मन को अनुशासित करना।
- क्रोध पर नियंत्रण रखना।
- सेवा और भक्ति की भावना बढ़ाना।
- सत्य और सदाचार का पालन करना।
मंगलवार व्रत और भगवान हनुमान से जुड़ी 3 पौराणिक कथाएं...
1. हनुमान जी और शनि देव की कथा
धार्मिक मान्यता के अनुसार, एक बार रावण ने अपनी शक्ति के घमंड में शनि देव को बंदी बना लिया। जब भगवान हनुमान माता सीता की खोज में लंका पहुंचे, तब उन्होंने शनि देव को कैद से मुक्त कराया। मुक्त होने के बाद शनि देव ने प्रसन्न होकर कहा- जो इंसान सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करेगा, हनुमान चालीसा का पाठ करेगा और मंगलवार या शनिवार को उनकी पूजा करेगा, उस पर मेरा प्रकोप कम होगी।
2. भीम का घमंड तोड़ने वाले हनुमान जी
महाभारत काल की यह सबसे प्रचलित कथा है। वनवास के दौरान भीम जंगल से गुजर रहे थे। रास्ते में एक बूढ़ा वानर अपनी पूंछ फैलाकर लेटा था। भीम ने उसे रास्ता छोड़ने को कहा, लेकिन वानर ने कहा- अगर हिम्मत है तो मेरी पूंछ हटाकर निकल जाओ। भीम ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन पूंछ टस से मस ना कर सके। तब उन्हें समझ आया कि यह कोई साधारण वानर नहीं है। बाद में हनुमान जी ने अपना दिव्य रूप दिखाया और भीम का घमंड चूर-चूर हो गया।
3. सिंदूर चढ़ाने की परंपरा कैसे शुरू हुई?
यह हनुमान जी से जुड़ी सबसे लोकप्रिय कथाओं में से एक है। एक दिन हनुमान जी ने देखा- माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही हैं। उन्होंने पूछा- माता आप ऐसा क्यों करती हैं। माता सीता ने बताया- यह भगवान श्रीराम की लंबी उम्र और मंगल के लिए है। यह सुनकर हनुमान जी ने सोचा- अगर थोड़ा-सा सिंदूर लगाने से प्रभु का कल्याण होता है, तो पूरे शरीर पर सिंदूर लगाने से उन्हें और अधिक सुख मिलेगा। उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। हनुमान जी की इस अनन्य भक्ति से भगवान श्रीराम बहुत प्रसन्न हुए। तभी से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा मानी जाती है।
