पासवर्ड मजबूत क्यों होना चाहिए? बहुत डेंजरस है 123456 या जन्मदिन वाला पासवर्ड
Strong Password Tips: आज बैंकिंग, सोशल मीडिया, ईमेल, ऑनलाइन शॉपिंग, सरकारी सेवाएं..सब पासवर्ड भरोसे चलता है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है पासवर्ड स्ट्रॉन्ग क्यों होना चाहिए? क्या आसान पासवर्ड से कोई खतरा हो सकता है? पासवर्ड को आसान तरीकों से समझते हैं।

पासवर्ड क्या करता है?
पासवर्ड आपके डिजिटल अकाउंट की चाबी की तरह होता है। जैसे घर का ताला आपकी चीजों की सिक्योरिटी करता है, वैसे ही पासवर्ड आपके ऑनलाइन अकाउंट और उसमें मौजूद डेटा की सिक्यूरिटी करता है। अगर पासवर्ड वीक है, तो कोई दूसरा व्यक्ति उसे आसानी से अंदाज लगाकर या टेक्निकल तरीकों से आपके अकाउंट तक पहुंच सकता है।

कमजोर पासवर्ड क्यों खतरनाक है?
आज भी कई लोग 123456, password, 12345678, अपना नाम, जन्मदिन या मोबाइल नंबर जैसे आसान पासवर्ड रखते हैं। ऐसे पासवर्ड पर हैकर्स की नजर सबसे पहले जाती है। साइबर क्रिमिनल कुछ खास तरह के कंप्यूटर प्रोग्राम की हेल्प से कुछ ही सेकंड या मिनटों में लाखों सामान्य पासवर्ड आजमा सकते हैं। इसे ब्रूट-फोर्स अटैक (Brute Force Attack) या डिक्शनरी अटैक (Dictionary Attack) कहते हैं। उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए आपने अपने ईमेल का पासवर्ड Rohit123 रखा है। अगर किसी को आपका नाम पता है, तो वह आसानी से ऐसे कई पासवर्ड आजमा सकता है। लेकिन अगर आपका पासवर्ड R#8mL!92Qx@P जैसा लंबा और अलग-अलग कैरेक्टर्स, नंबर्स और स्पेशल मार्क वाला है, तो उसे ब्रेक कहीं बहुत मुश्किल हो जाता है।
एक ही पासवर्ड हर जगह क्यों नहीं रखना चाहिए?
मान लीजिए आपने ईमेल, बैंकिंग और सोशल मीडिया-तीनों जगह एक ही पासवर्ड रखा है। अगर किसी एक वेबसाइट का डेटा लीक हो जाए और आपका पासवर्ड गलत हाथों में पहुंच जाए, तो वही पासवर्ड इस्तेमाल करके दूसरे अकाउंट भी खोले जा सकते हैं। इसलिए कुछ खास अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखना चाहिए।
मजबूत पासवर्ड कैसा होना चाहिए?
डिजिटल एक्सपर्ट के अनुसार एक अच्छा पासवर्ड कम से कम 12 से 16 अक्षरों का हो। इसमें बड़े (A-Z) और छोटे (a-z) कैरेक्टर्स हों। नंबर्स (0-9) शामिल हों। स्पेशल कैरेक्टर्स जैसे @, #, $, %, ! भी हों। नाम, जन्मदिन या मोबाइल नंबर जैसी आसानी से पता चलने वाली जानकारी न हो।
क्या सिर्फ पासवर्ड ही काफी है?
नहीं। आज कई कंपनियां टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) की सुविधा भी देती हैं। इसमें पासवर्ड डालने के बाद मोबाइल पर आने वाला OTP या ऑथेंटिकेटर ऐप का कोड भी दर्ज करना पड़ता है। इससे सिक्यूरिटी और बढ़ जाती है।
क्या पासवर्ड याद रखना मुश्किल है?
अगर अलग-अलग पासवर्ड याद रखना कठिन लगे, तो पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। यह सुरक्षित तरीके से आपके पासवर्ड संभालकर रखता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें भरने में मदद करता है।
कॉन्टेन्ट सोर्स : Cyber Swachhta Kendra, Cybersecurity and Infrastructure Security Agency, National Institute of Standards and Technology

