सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर जन्मभूमि आंदोलन को लेकर कई तस्वीरें और कहानियां ट्रेंड करने लगीं। मंदिर-मस्जिद आंदोलन का एक पूरा युग ही सोशल मीडिया पर उमड़ पड़ा। ट्विटर समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अयोध्या ही ट्रेंड में रहा। इसमें कई तस्वीरें खास थीं। 

चंडीगढ़. अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के विवाद को लेकर पिछले कई दशकों से क्या-क्या नहीं हुआ। लड़ाई-झगड़ा हुआ, राजनीति हुई और हद दर्जे की मुकदमेबाजी भी हुई। सालों तक विवाद चला। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी बात नहीं बनी। कई बार ऐसा भी लगने लगा कि ये सब आखिर कब खत्म होगा। आंदोलन और मुकदमे में शामिल एक पूरी पीढ़ी ही खत्म हो गई।

लेकिन शनिवार 9 नवंबर का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। आखिरकार पांच जजों वाली चीफ जस्टिस की पीठ ने दशकों से जारी विवाद पर फैसला देकर मामले का निपटारा कर दिया। तमाम पक्षों को दरकिनार करते हुए सर्वोच्च अदालत ने मान लिया कि विवादित जगह "रामलला" की ही है। कोर्ट ने मस्जिद के लिए भी पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया।

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सोशल मीडिया पर सिर्फ अयोध्या ही अयोध्या

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर जन्मभूमि आंदोलन को लेकर कई तस्वीरें और कहानियां ट्रेंड करने लगीं। मंदिर-मस्जिद आंदोलन का एक पूरा युग ही सोशल मीडिया पर उमड़ पड़ा। ट्विटर समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अयोध्या ही ट्रेंड में रहा। इसमें कई तस्वीरें खास थीं।

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वायरल हो रही है रथयात्रा की तस्वीर

ऐसी एक तस्वीर के बारे में हम बताने जा रहे हैं। ये तस्वीर रथयात्रा के दौरान की है। जिसमें मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर आ रहे हैं। तस्वीर मंदिर आंदोलन के समय रथयात्रा के दौरान की है। 90 के दशक में पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने देशभर में रथयात्रा का आयोजन किया था। आडवाणी की रथयात्रा में मोदी भी एक अहम किरदार थे।

करीब 30 साल पुरानी तस्वीर में मोदी रथ पर आडवाणी के साथ नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। इसे हरियाणा बीजेपी के दिग्गज नेता सुभाष बराला ने भी अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। सुभाष बराला ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, "श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आए फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द्र से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें।" 

बताते चलें कि मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। मोदी ने कहा कि फैसले पर जिस तरह से लोगों ने शांति का परिचय दिया है उसमें भारतीय परंपरा की झलक दिखती है।