हरियाणा के मुस्लिम बहुल मेवात इलाके में भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है। हालांकि लोग क्षेत्र के पिछड़ेपन और रेलवे लाइन जैसे कुछ मुद्दों को भी अहमियत दे रहे हैं।

नूंह. हरियाणा के मुस्लिम बहुल मेवात इलाके में भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है। हालांकि लोग क्षेत्र के पिछड़ेपन और रेलवे लाइन जैसे कुछ मुद्दों को भी अहमियत दे रहे हैं।

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मेवात के नूंह में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में शामिल हुए कई लोग लिंचिंग के विषय पर बात करते और इस विषय पर क्षेत्र के भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़ा करते नजर आए।

इलाके की पुन्हाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार इलियास ने इस सभा में कहा कि उन लोगों को वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है जो लिंचिंग के समर्थकों के साथ खड़े हो गए हैं। उन्होंने मंच से जूता दिखाते हुए कहा कि ऐसे लोग आपके पास वोट मांगने आएं तो उन्हें बैरंग लौटाइए।

मेवात जिले में तीन सीटें नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना विधानसभा सीटें हैं। इस इलाके में भाजपा ने पहली बार दो मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। उसने नूंह से जाकिर हुसैन और फिरोजपुर झिरका से नसीम अहमद को टिकट दिया है।

नूंह इलाके के निवासी मोहम्मद साबिर करते हैं, ‘‘हमारे लिए सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। लोग लिंचिग की घटनाओं से लोग दुखी हैं। यह चुनावी मुद्दा है और इलाके में लोग इसको ध्यान में रखते हुए वोट करेंगे।’’

वैसे, भाजपा उम्मीदवार जाकिर हुसैन के समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र के लोग विकास चाहते हैं और सभी समझते हैं कि कांग्रेस ने सिर्फ इलाके में राजनीति की है। भाजपा समर्थक इरफान अली ने दावा किया, ‘‘इस चुनाव में मेवात लोगों को चौंकाएगा। भाजपा को पहली बार यहां सफलता मिलेगी।’’

गौरतलब है कि मेवात के इलाके के निवासी पहलू खान की राजस्थान के अलवर में लिंचिंग में हत्या कर दी गई थीं। इसी तरह फरीदाबाद के निवासी जुनैद की ट्रेन में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। ये दोनों घटनाएं राष्ट्रीय सुर्खियां बनी थीं और इलाके में लोग इनका जिक्र करते हुए सुने गए।