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कोरोना के बीच ये कौन सी बीमारी सामने आई, जीभ का रंग हो गया पीला, 12 साल का बच्चा तेजी से होने लगा कमजोर

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में पब्लिस एक रिपोर्ट के मुताबिक, जीभ का रंग पीला होने वाले लड़के को कोल्ड एग्लूटीनिन रोग है। ये एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होने लगता है। 

Canada 12 year old child suffering from cold agglutinin disease kpn
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New Delhi, First Published Jul 25, 2021, 2:10 PM IST
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कोरोना महामारी के बीच टोरंटो में एक 12 साल का बच्चा गंभीर और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। लड़के की पूरी जीभ पीली पड़ चुकी है। बीमारी ने उसके इम्युनिटी सिस्टम पर अटैक किया है, जिसकी वजह से उसके रेड ब्लड सेल्स नष्ट हो चुके हैं। 

गले में खराश और गहरे रंग का पेशाब हो रहा था

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, लड़के को कई दिनों तक गले में खराश, गहरे रंग का पेशाब, पेट में दर्द और पीली स्किन की दिक्कत थी, जिसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

शुरू में तो डॉक्टर को लगा कि पीलिया है, क्योंकि पीलिया में भी स्किन का रंग पीला हो जाता है। आंखों का सफेद भाग भी पीला पड़ जाता है। लेकिन जीभ का रंग पीला पड़ने की वजह से डॉक्टर भी हैरान थे।

कोल्ड एग्लूटीनिन रोग का पता चला 

कुछ टेस्ट के बाद डॉक्टरों को पता लगा कि उसे एनीमिया है और वह एपस्टीनबार वायरस से संक्रमित है। ये एक सामान्य वायरस है जो आमतौर पर बचपन में लोगों को संक्रमित करता है। लड़के में कोल्ड एग्लूटीनिन रोग का पता चला। ये एक दुर्लभ ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जो इम्युनिटी सिस्टम पर हमला करता है।

इस बीमारी में रेड ब्लड सेल्स नष्ट होने लगते हैं। ये स्थिति ठंड की वजह से पैदा होती है। डॉक्टरों को शक है कि लड़के को एपस्टीनबार वायरस से संक्रमण होने की वजह से ये बीमारी हुई। 

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, कोल्ड एग्लूटीनिन रोग से एनीमिया होता है और इसमें रेड ब्लड सेल्स तेजी से टूटते हैं। हॉस्पिटल में मरीज को सात हफ्ते के लिए दवा दी गई। इसके बाद लड़के को डिस्चार्ज कर दिया गया। अभी उसे हालत ठीक है। जीभ का रंग भी धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। 

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