सार
कुछ दिनों से ट्विटर पर #heartattack ट्रेंड कर रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर मशहूर डॉक्टर एडमंड फर्नांडिस ने बताया कि कैसे छोटी सी एस्प्रिन गोली हार्ट अटैक की समस्या को कम कर सकती है।
हेल्थ डेस्क : आजकल हार्ट अटैक एक ऐसी गंभीर समस्या हो गई है, जिससे ना सिर्फ बड़े उम्र के लोग बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी जूझ रहे हैं। राजू श्रीवास्तव, सिद्धार्थ शुक्ला, सिद्धांत वीर सूर्यवंशी जैसे एक्टर्स की भी हार्ट अटैक के चलते मौत हो गई। एक्सपर्ट्स की मानें तो 10-15 साल पहले की तुलना में आज युवा वर्ग में हार्ट अटैक और दिल का दौरा आम होता जा रहा है। इतना ही नहीं इसमें 18 से 20 साल की उम्र के लोग भी शामिल है। हार्ट अटैक से बढ़ती मौतों के आंकड़ों को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर #heartattack ट्रेंड करने लगा है। जिसके बाद एक डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक खास जानकारी शेयर की। आइए आपको बताते हैं...
छोटी सी गोली करेगी हार्ट अटैक से बचाव
मशहूर डॉक्टर एडमंड फर्नांडिस ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने एस्प्रिन गोली के बारे में बताया और लिखा कि हार्ट अटैक के चलन के साथ एस्प्रिन 300 मिलीग्राम को हमेशा अपने जेब, बटुए में रखें और अगर आपको अचानक सीने में दर्द, गर्दन, बाएं हाथ में दर्द हो रहा है तो इसे जल्दी से खा लें। सीने में दर्द को गैस्ट्रिक दर्द समझ कर नजरअंदाज ना करें। आत्म मूल्यांकन करें, आपके दिल, आपके जीवन को विफल ना होने दें।
सोशल मीडिया पर डॉक्टर का यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर लोग उनसे सवाल जवाब भी पूछ रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह सलाह भारतीयों पर भी लागू होती है? तो उन्होंने जवाब दिया कि हम हार्ट अटैक की बात कर रहे हैं ना। ये विश्व स्तर पर यह लागू होता है। अमेरिका में या भारत में इंसान ही है। सुरक्षित रहें।
क्या होती है एस्प्रिन
एस्प्रिन एक एंटीप्लेटलेट दवा है जो प्लेटलेट एकत्रीकरण और तेज रोधगलन को रोकने में मदद करता है। यह बुखार, दर्द, सूजन, ब्लड क्लॉट बनने जैसी बीमारियों में काम आता है। इसे अन्य दवाओं जैसे एंटासिड, दर्द निवारक और खांसी और सर्दी की दवाओं के साथ छोड़कर भी खाया जाता है।
लेकिन इसका सेवन डॉक्टर के परामर्श के बाद ही करना चाहिए। इतना ही नहीं गैस्ट्रिक अल्सर और गंभीर एनीमिया वाले रोगियों को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं, 16 साल से कम उम्र के बच्चों को ये दवा तब तक नहीं दी जानी चाहिए जब तक कि उनके डॉक्टर ने सुझाव न दिया हो।
एस्प्रिन का सेवन करते समय इन चीजों का रखें ध्यान
- एस्प्रिन को खाली पेट न लें। पेट खराब होने से बचाने के लिए खाने के बाद इसे एक गिलास पानी के साथ लें।
- टैबलेट या कैप्सूल को तोड़ें, क्रश या चबाएं नहीं। इसे एक बार में पूरा निगल लें।
- डॉक्टर की बताई गई अन्य दवाओं या उपचारों के स्थान पर एस्प्रिन न लें।
- शराब के साथ एस्प्रिन कभी न लें।
हार्ट अटैक के कुछ सामान्य लक्षण
सीने में दर्द, दबाव और सीने में जकड़न, अचानक चक्कर आना, बेहोशी, अत्यधिक पसीना और सांस की तकलीफ आदि।