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Research: फैमिली हिस्ट्री से लेकर BMI लेवल तक डायबिटीज के कारणों को 40 गुना बढ़ा सकते है ये कारक

हाल ही में फिटरफ्लाई की रिसर्च में खुलासा हुआ कि, 40 से ज्यादा उम्र, डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री और 23 से ऊपर BMI डायबिटीज के जोखिम 40 गुना बढ़ा सकता है।

Fitterfly Research shows Age over 40, BMI above 23 and a family history of type 2 Diabetes increases Diabetes risk by 40 times dva
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New Delhi, First Published Dec 8, 2021, 12:37 PM IST
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हेल्थ डेस्क :  डायबिटीज (Diabetes) हमारे देश की एक गंभीर बीमारी है। भारत में 80 मिलियन (लगभग 8 करोड़) से अधिक लोग मधुमेह या डायबिटीज से पीड़ित हैं। यदि इस विषय पर कोई एक्शन नहीं लिया गया, तो 2030 तक यह संख्या बढ़कर 130 मिलियन हो जाएगी। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो मुख्य रूप से किसी की लाइफस्टाइल और फैमिली हिस्ट्री के कारण होती है। प्री-डायबिटीज तब होता है जब किसी का शरीर इंसुलिन प्रतिरोधी होता है। सही समय पर इसकी पहचान और इलाज नहीं किया गया, तो यह आगे जाकर टाइप -2 मधुमेह (type 2 Diabetes) में परिवर्तित हो सकती है, जो और ज्यादा खतरनाक है। 

एक प्रमुख भारतीय डिजिटल थेरेप्यूटिक्स कंपनी ने भारत के टॉप डॉक्टरों, रोश डायबिटीज, यूएसवी और लाल पैथ लैब के साथ पार्टनरशिप में #FightPrediabetes अभियान का बीड़ा उठाया है। अभियान ने प्रीडायबिटीज के बारे में जागरूकता फैलाने का काम किया और ऑनलाइन कार्यक्रमों, सोशल मीडिया, कॉर्पोरेट आदि के माध्यम से एक लाख से अधिक भारतीयों को इस बारे में जागरुक किया। 

भारतीय वयस्कों में प्रीडायबिटीज (pre-diabetes) के जोखिम का आकलन करने के लिए एक रिसर्च की गई, जो भारत में अपनी तरह की पहली पहल है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (USA) जैसे प्रीडायबिटीज का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, ये रिसर्च प्रीडायबिटीज के किसी व्यक्ति के जोखिम का आकलन करने के लिए की गई। इसमें भारत के 10 शहरों के 5000 लोगों का परीक्षण किया और लोगों से उनके स्वास्थ्य प्रोफाइल, डायबिटीज के पारिवारिक इतिहास, अन्य स्वास्थ्य स्थितियों और लाइफस्टाइल के बारे में प्रश्न पूछे गए। ऑनलाइन सर्वे के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की गई और लोगों को डायबिटीज और प्री डायबिटीज के लिए विभिन्न जोखिम प्रोफाइल निम्न, मध्यम या उच्च में वर्गीकृत किया गया। 

फिटरफ्लाई के सीईओ और कोफाउंडर डॉ अरबिंदर सिंघल ने कहा, 'यह भारत में अपनी तरह का पहला अध्ययन है जो उच्च मेटाबॉलिक जोखिमों पर प्रकाश डालता है। मुझे 2019 में प्रीडायबिटीज होने का भी पता चला था और डायबिटीज की एक मजबूत फैमिली हिस्ट्री के साथ, मैं वास्तव में चिंतित था। मैंने सीजीएम सेंसर का उपयोग करके विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए ब्लड शुगर की प्रतिक्रिया को समझने के लिए फिटरफ्लाई द्वारा निर्मित उन्नत तकनीक का उपयोग किया, सही डाइट बनाई और अपने प्रीडायबिटीज को उलटने के लिए कई तरह की शारीरिक गतिविधियां कीं। हम सुझाव देंगे कि मधुमेह की आने वाली सुनामी से लड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करने के लिए प्रीडायबिटीज हमारे लिए सही चरण है।' उन्होंने कहा कि 'प्रीडायबिटीज को रोकने के लिए वजन कम करना और बीएमआई को 23 से कम करना और शारीरिक गतिविधि को बढ़ाना है।' 

रिसर्च के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज होने में वजन ज्यादा होना एक बड़ा कारण है। निष्कर्षों में बीएमआई (23 से ऊपर) के लगभग 89.1 प्रतिशत लोगों को अधिक वजन और मोटापे की श्रेणी में प्रीडायबिटीज विकसित करने के लिए मध्यम से उच्च जोखिम स्कोर मिला। इसके अलावा, यदि उनके पास डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री है, तो ये जोखिम 40 गुना बढ़ जाता है।

डॉक्टर्स की माने तो अपने कैलोरी सेवन और बर्न हुई कैलोरी की लगातार निगरानी करके एक हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन रखना बहुत जरूरी है। फिटरफ्लाई के अध्ययन के अनुसार, 8-12 किलोग्राम के बीच औसत वजन घटाने से जोखिम को कम किया जा सकता है।

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