झारखंड से जो मामला आया है वह हैरान करने वाला है। जहां डॉक्टरों ने ऐसी लापरवाही बरती की करीब आधा दर्जन लोगों की आखों को दिखना बंद हो गया। बुजर्गों का ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत किया था। 

रांची (झारखंड) आए दिन कहीं ना कहीं से डॉक्टरों की लापरवाही का मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन झारखंड से जो मामला आया है वह हैरान करने वाला है। जहां डॉक्टरों ने ऐसी लापरवाही बरती की करीब आधा दर्जन लोगों की आखों को दिखना बंद हो गया। बुजर्गों का आयुष्मान भारत के तहत इस तरह से ऑपरेशन किया गया कि उनकी आंखों की रोशन चली गई। 

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धीरे-धीरे यूं दिखना हुआ बंद
दरअसल, लापरवाही की यह घटना साहिबगंज जिले की है। जहां सेवा सदन नामक नर्सिंग होम में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बजुर्ग लोगों का ऑपरेशन किया गया गया था। ऑपरेशन के दो दिनों तक सब कुछ ठीक रहा है। लेकिन फिर धीरे-धीरे उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी। फिर आलम यह हुआ कि उनको दिखना ही बंद हो गया।

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जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित
पीड़ितों ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में की और नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया। वहीं जिले के सिविल सर्जन डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि पीड़ितों के आवेदन के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। किस वजह से लापरवाही हुई है, इसकी जांच की जाएगी। इसकी जांच के लिए टीम गठित की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री तत्काल दिए जांच के निर्देश
बता दें कि जब मामले ने तूल पकड़ा तो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को सफाई देने के लिए आना पड़ा। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा- साहेबगंज में ऑपरेशन के बाद 12 मरीजों की आंखों की रौशनी जाने के मामले में संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन
 को निर्देश दिया हूँ कि मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाई सुनिश्चित करें।

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